आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, अनियमित खानपान, जंक फूड का ज्यादा सेवन, देर रात तक जागना और तनाव जैसी आदतें डाइजेस्टिव सिस्टम को कमजोर बना देती हैं। इसका रिजल्ट यह होता है कि लोगों को गैस, अपच, पेट फूलना, कब्ज या पेट में कीड़ों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार ये छोटी-छोटी समस्याएं धीरे-धीरे बड़ी परेशानियों का कारण भी बन जाती हैं। ऐसे में सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय नेचुरल और सुरक्षित उपाय अपनाना भी जरूरी हो जाता है। आयुर्वेद में विडंग को पेट से जुड़ी समस्याओं में बेहद लाभकारी बताया गया है। इस लेख में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानिए, गट हेल्थ के लिए विडंग किस तरह से फायदेमंद है?
विडंग जड़ी-बूटी क्या होती है?
आयुर्वेदिक डॉक्टर किरण गुप्ता बताती हैं कि विडंग एक औषधीय पौधा है, जिसके बीज और फल औषधीय रूप से उपयोग किए जाते हैं। आयुर्वेद में इसे खासतौर पर कृमिनाशक यानी पेट के कीड़े खत्म करने वाली जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है। डॉक्टर किरण गुप्ता बताती हैं कि विडंग में एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और डिटॉक्सिफाइंग गुण पाए जाते हैं। यह आंतों में जमा गंदगी और हानिकारक बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करने लगता है।
इसे भी पढ़ें: पेट में कीड़े होने पर नहीं खाने चाहिए ये 5 फूड आइटम, बढ़ सकती है परेशानी
पेट के लिए विडंग के फायदे क्या-क्या होते हैं?
1. पेट के कीड़े खत्म करे
आयुर्वेद में विडंग को सबसे ज्यादा पेट के कीड़े खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बच्चों और बड़ों दोनों में यह समस्या देखी जाती है, जो पेट दर्द, भूख कम लगना और कमजोरी का कारण बन सकती है। डॉक्टर किरण गुप्ता के अनुसार, विडंग में कृमिनाशक गुण होते हैं जो आंतों में मौजूद परजीवियों को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। नियमित और सही मात्रा में इसका सेवन करने से पेट के कीड़ों की समस्या में राहत मिल सकती है।
2. डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत करे
अगर डाइजेस्टिव सिस्टम कमजोर हो जाए तो गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। विडंग पाचन क्रिया को सुधारने में भी मदद कर सकती है। यह जड़ी-बूटी आंतों को साफ करने और पाचन एंजाइम्स के काम को बेहतर बनाने में सहायक मानी जाती है। इससे पेट से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं।
इसे भी पढ़ें: शाम को पेट फूलने से हैं परेशान? न्यूट्रिशनिस्ट ने सुबह के नाश्ते में फाइबर शामिल करने की दी सलाह
3. शरीर को डिटॉक्स करे
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में जमा विषैले तत्व यानी टॉक्सिन कई बीमारियों की वजह बन सकते हैं। विडंग को नेचुरल डिटॉक्सिफायर माना जाता है, जो शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद कर सकती है। आयुर्वेदिक डॉक्टर किरण गुप्ता के अनुसार, जब आंतें साफ रहती हैं और पाचन सही रहता है तो शरीर में एनर्जी भी बेहतर बनी रहती है। विडंग का सेवन इस प्रक्रिया को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है।
4. स्किन के लिए फायदेमंद
पेट की गड़बड़ी का असर अक्सर स्किन पर भी दिखाई देता है। पाचन खराब होने पर मुंहासे, एलर्जी या स्किन से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं। विडंग आंतों को साफ रखने में मदद करती है, जिससे शरीर के अंदर की गंदगी कम होती है। इससे स्किन की सेहत में भी सुधार देखा जा सकता है। इसलिए कई आयुर्वेदिक उपचारों में इसे स्किन की समस्याओं के लिए भी उपयोग किया जाता है।
क्या कहती है रिपोर्ट
NIH की रिपोर्ट के अनुसार, विडंग के एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आंतों की सूजन कम करने और चयापचय (Metabolism) सुधारने में सहायक हैं। स्टडी बताती हैं कि यह न केवल संक्रमण दूर करता है, बल्कि कब्ज और पेट फूलने जैसी समस्याओं में भी राहत दे सकता है, जिससे संपूर्ण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य बेहतर होता है।

विडंग का सेवन कैसे करें?
आयुर्वेदिक डॉक्टर किरण गुप्ता बताती हैं कि विडंग का सेवन पाउडर, काढ़ा या आयुर्वेदिक दवाओं के रूप में किया जा सकता है। आमतौर पर इसका चूर्ण गुनगुने पानी या शहद के साथ लिया जाता है। हालांकि, इसकी सही मात्रा व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। डॉक्टर किरण गुप्ता सलाह देती हैं कि किसी भी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का सेवन करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही मात्रा और सही तरीके से इसका उपयोग किया जा सके।
निष्कर्ष
विडंग एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो पेट की सफाई, पाचन सुधारने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद कर सकती है। सही तरीके से और सीमित मात्रा में इसका उपयोग करने से यह पेट और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
All Images Credit- Freepik
FAQ
गट हेल्थ खराब होने के क्या लक्षण हैं?
बार-बार गैस बनना, अपच, कब्ज, दस्त, पेट फूलना, थकान, मुंहासे या कमजोर इम्यूनिटी खराब गट हेल्थ के लक्षण हो सकते हैं।गट हेल्थ सुधारने के लिए क्या खाना चाहिए?
फाइबर से भरपूर फल-सब्जियां, दही, छाछ, फर्मेंटेड फूड्स और पर्याप्त पानी गट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।क्या तनाव का असर गट हेल्थ पर पड़ता है?
ज्यादा तनाव पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकता है। इससे गैस, एसिडिटी और पेट दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Mar 06, 2026 14:16 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Mar 06, 2026 14:16 IST
Modified By : Akanksha TiwariMar 06, 2026 14:16 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta