Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chanchal Sharma , BAMS-Ayurveda

एसिडिटी से राहत पाने और पेट साफ रखने के लिए हरीतकी का पानी कैसे है फायदेमंद? जानें डॉक्टर से

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी हरीतकी यानी हरड़ का पानी पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए और अगर किसी व्यक्ति को पेट से जुड़ी समस्याएं ज्यादा रहती हैं, तो इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के साथ ही करें।

अनहेल्दी खान-पान और खराब लाइफस्टाइल जैसे कई कारणों से लोगों को एसिडिटी और पेट से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में लोगों को हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है, साथ ही कुछ लोग इसके लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सहारा भी लेते हैं। इन्हीं में से एक है हरड़, जिसे आयुर्वेद में एक औषधीय फल माना जाता है। कई लोग हरड़ का इस्तेमाल पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत पाने के लिए घेरलू उपायों के तौर पर करते हैं, लेकिन किसी भी नेचुरल उपाय को अपनाने से पहले इसका सही इस्तेमाल करना जरूरी होता है। ऐसे में आइए आयुर्वेदा की डायरेक्टर, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से जानें हरड़ के पानी के इस्तेमाल से पेट को साफ करने और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत कैसे मिलती है?

हरड़ में मौजूद पोषक तत्व

डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, औषधीय गुणों से भरपूर हरड़ को हरीतकी और हर्रे के नाम से भी जाना जाता है। इससे शरीर में वात दोष को बैलेंस करने में मदद मिलती है। साथ ही इसमें अच्छी मात्रा में विटामिन सी, मैग्नीशियम, अमीनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स के गुण होते हैं। हरड़ के सूखे फल से पानी तैयार किया जाता है। इसका सेवन पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है। इससे पाचन को दुरुस्त करने, शरीर को डिटॉक्स करने, मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने, इम्यूनिटी को बूस्ट करने, मल त्याग को बढ़ावा देने और टिश्यूज को पोषण देने में मदद मिलती है।

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पेट साफ करने के लिए हरड़ का पानी

आयुर्वेद के अनुसार, हरड़ के पानी से बाउल मूवमेंट यानी मल त्याग को बढ़ावा देने और पाचन तंत्र के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है। कब्ज की स्थिति में इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के साथ किया जा सकता है।

साल 2022 में Cell Press Journal में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, हरड़ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मोटिलिटी यानी पेट को साफ करने की प्रक्रिया में सुधार करती है, जिससे कब्ज की समस्या को दूर करने और पेट को आराम देने में मदद मिलती है।

haritaki water benefits for acidity and clear bowel movement explained by doctor  01 (6)

एसिडिटी के लिए हरड़ का पानी

डॉ. चंचल बताती हैं, व्यक्ति को एसिडिटी की समस्या अनियमित खानपान, स्ट्रेस, ज्यादा मसालेदार खाना खाने और किसी मेडिकल कंडीशन के कारण होती है। हरड़ को पाचन को बैलेंस रखने और पाचन में सुधार करने के लिए फायदेमंद माना जाता है। इससे कुछ हद तक एसिडिटी में भी आराम मिल सकता है, लेकिन हरड़ के पानी को हाइपरएसिडिटी के लिए फायदेमंद नहीं माना जा सकता है।

साल 2022 में Cell Press Journal में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, हरड़ के अर्क में चेबुलिनिक एसिड (Chebulinic acid) और इथेनॉल अर्क (ethanol extract) होता है। ऐसे में इसका सेवन करने से पेट के अल्सर को ठीक करने और एसिड को कम करने में मदद मिलती है।

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पाचन को दुरुस्त रखने के लिए क्या करें?

डॉ. चंचल का कहना है, पाचन को दुरुस्त रखने, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से बचाव करने के लिए अच्छी आदतों को अपनाना जरूरी है। इसके लिए नियमित रूप से पर्याप्त पानी पिएं, ताजा फल खाएं, हरी सब्जियां खाएं, फाइबर से भरपूर खाना खाएं, रोज फिजिकल एक्टिविटीज करें, स्ट्रेस को मैनेज करें, पर्याप्त नींद लें और खाना टाइम से खाएं।

सावधानियां

हरड़ का सेवन प्रेग्नेंसी, दवाइयों का सेवन करने, थकान होने, पेट खराब होने और शरीर में पानी की कमी होने पर व्यक्ति को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। ध्यान रहे, इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के साथ ही करें।

निष्कर्ष

हरड़ के पानी का सेवन करने से कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है। जिससे पाचन तंत्र के कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है, जिससे हल्की एसिडिटी भी कम हो सकती है। ध्यान रहे, कब्ज और एसिडिटी की समस्या अधिक होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा, इन समस्याओं से बचने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें।

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FAQ

  • ज्यादा एसिडिटी होने से कौन सी बीमारी होती है?

    ज्यादा एसिडिटी होने के कारण व्यक्ति को गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD), गैस्ट्राइटिस (पेट की सूजन), पेप्टिक अल्सर (पेट और भोजन नली में घाव) और अन्नप्रणाली (esophagus) में सिकुड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • हाई एसिडिटी के क्या लक्षण हैं?

    व्यक्ति को हाई एसिडिटी की समस्या होने पर सीने में जलन होने, ब्लोटिंग, गैस, खट्टी डकारें होने, बार-बार डकार आने, मुंह में कड़वा स्वाद आने, मतली, उल्टी आने, गले में खराश होने, निगलने में परेशानी होने और सीने में दर्द होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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