आज के समय में कब्ज पाचन से जुड़ी एक आम समस्या बन चुकी है। यह समस्या अक्सर लोगों को अनहेल्दी खानपान, पर्याप्त पानी न पीने, स्ट्रेस में रहने, फिजिकल एक्टिविटीज न करने जैसी आदतों के कारण हो सकती है। लंबे समय तक कब्ज होने के कारण व्यक्ति को पेट में भारीपन महसूस होने, गैस, पेट दर्द और मल त्याग में परेशानी होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे राहत के लिए लोग कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें से एक है हरड़। इससे पाचन में कई लाभ मिलते हैं। ऐसे में आइए आयुर्वेदा की डायरेक्टर, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से जानें कब्ज से राहत के लिए हरड़ का इस्तेमाल कैसे करें और इसका सेवन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
कब्ज के लिए कैसे फायदेमंद है हरड़?
आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, हरड़ एक औषधीय फल है, जिसको पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसका सेवन करने से मल को नरम करने, मल त्याग को बढ़ावा देने और कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है।
साल 2012 में An International Quarterly Journal of Research in Ayurveda में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, हरीतकी (हरड़) को दोनों रूप चूर्ण और वटी (गोली) के रूप में लिया जा सकता है। यह आंतों की मूवमेंट यानी मल को आगे खिसकाने की प्रक्रिया को काफी तेज कर देते हैं। इसे अनुलोमन यानी पेट को साफ करने वाली दवा कहा जाता है।
हरड़ की गोली या चूर्ण क्या है ज्यादा फायदेमंद?
साल 2012 में An International Quarterly Journal of Research in Ayurveda में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, वैसे तो हरड़ की गोली और चूर्ण दोनों फायदेमंद हैं, लेकिन इनमें चूर्ण का असर गोली के मुकाबले थोड़ा ज्यादा मजबूत और बेहतर देखा गया है। इसलिए मलविबंध (Malavibandha) यानी कब्ज (constipation) की समस्या को ठीक करने के लिए गोली की जगह चूर्ण को ज्यादा प्राथमिकता दी जा सकती है।
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कब्ज की समस्या में हरड़ का इस्तेमाल कैसे करें?
आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, हरड़, जिसको आयुर्वेद में हरीतकी के नाम से भी जाना जाता है। औषधीय गुणों से भरपूर हरड़ को पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है। इससे कब्ज से राहत देने और मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलती है। कब्ज से राहत के लिए रात को सोने से पहले हरड़ को चूर्ण के रूप में लिया जा सकता है।
इसके लिए रात को सोने से पहले 1 से 3 ग्राम तक हरड़ के चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है। वहीं कुछ लोग इसका सेवन गुनगुने दूध के साथ भी करते हैं, लेकिन यह सभी के लिए सही नहीं है। इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें, खासकर कब्ज की स्थिति में।
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हरड़ के पाचन से जुड़े फायदे
डॉ. चंचल शर्मा का कहना है, हरड़ का सही तरीके से सेवन करने से पाचन को कई लाभ मिलते हैं, जिससे पेट से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती हैं।
मल त्याग में मदद करे
औषधीय गुणों से भरपूर हरड़ में अच्छी मात्रा में नेचुरल लैक्सेटिव (Laxative) के गुण होते हैं। ऐसे में इसका सेवन करने से मल को नरम करने और मल त्याग को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। जिससे पुरानी कब्ज में भी आराम मिल सकता है।
पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त करे
आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक हरड़ में मौजूद गुण पाचन तंत्र को एक्टिव करने, अपच की समस्या से राहत देने और पाचन प्रक्रिया में सुधार करने में मदद मिलती है। यह शरीर को डिटॉक्स करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में भी सहायक है।
साल 2012 में Research Journal of Pharmacy and Technology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, आयुर्वेद में हरड़ (Terminalia chebula) को पेट और पाचन के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों यानी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को सोखने और उनका सही इस्तेमाल करने में मदद करती है, जिससे लोगों की सेहत बेहतर हो सकती है।
गैस और ब्लोटिंग से मिलती है राहत
हरड़ का सेवन करने से पेट के भारीपन, गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या से राहत देने और पाचन तंत्र में सुधार करने में मदद मिलती है।
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गट को हेल्दी रखने में सहायक
आयुर्वेद के अनुसार, हरड़ का सेवन करने से शरीर के दोष को बैलेंस करने और आंतों के कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है।
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं, पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए बैलेंस डाइट लेने, शरीर को हाइड्रेट रखने और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना बेहद जरूरी है।
कब्ज से राहत के लिए अन्य उपाय
डॉ. चंचल बताती हैं, कब्ज की समस्या से राहत के लिए सिर्फ हरड़ पर निर्भर न रहें। इसके लिए हेल्दी आदतों को अपनाना जरूरी है, खासकर दिनभर में भरपूर पानी पिएं, फाइबर से भरपूर फल और सब्जियां खाएं, नियमित रूप से 30 मिनट की एक्सरसाइज और वॉक करें, स्ट्रेस मैनेज करें और पर्याप्त नींद लें।
सावधानियां
डॉ. चंचल के अनुसार, हरड़ का सेवन करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है, जैसे - इसका सेवन सीमित मात्रा में करें, लंबे समय तक इसका सेवन करने से बचें और प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग, दस्त, पेट दर्द और किसी मेडिकल कंडीशन में इसका सेवन करने से बचें।
निष्कर्ष
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी हरड़ यानी हरीतकी में मौजूद लैक्सेटिव गुण पाचन प्रक्रिया में सुधार करने, कब्ज से राहत देने, मल त्याग को बढ़ावा देने, गैस, ब्लोटिंग और मेटाबॉलिज्म में सुधार करने में मदद मिलती है। ध्यान रहे, इसका सेवन सीमित मात्रा में करें। हालांकि, ब्रेस्टफीडिंग, प्रेग्नेंसी या मेडिकल कंडीशन में इसका सेवन करने से बचें और इसको लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
कब्ज की समस्या से राहत के लिए हरड़ के साथ-साथ लाइफस्टाइल से जुड़ी अच्छी आदतों को अपनाएं। अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय से कब्ज की समस्या है या इसके कारण व्यक्ति को पेट में दर्द होने और खून आने जैसी गंभीर परेशानी हो रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
हरड़ के क्या फायदे हैं?
हरड़ का इस्तेमाल करने से कब्ज की समस्या से राहत देने, पाचन में सुधार करने, शरीर को डिटॉक्स करने, इम्यूनिटी को बूस्ट करने, स्किन और बालों को हेल्दी बनाए रखने में मदद मिलती है।कब्ज के सबसे खराब लक्षण क्या हैं?
कब्ज की समस्या होने पर व्यक्ति को ब्लोटिंग होने, मल के सूखने या हार्ड होने, एक बार में पेट साफ न होने, पेट में बहुत ज्यादा दर्द होने और मल त्याग में परेशानी होने की समस्या हो सकती है।
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Jul 11, 2026 14:28 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Chanchal Sharma