आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियां काफी कम कर चुके हैं। ऐसे में कई लोगों में पाचन से जुड़ी समस्याएं होना काफी आम हो गया है। खासकर कब्ज की समस्या से लोग काफी परेशान रहते हैं। कब्ज एक आम लेकिन बहुत ही परेशान करने वाली समस्या बन गई है। इस समस्या से राहत पाने के लिए लोग कई तरह की डाइट फॉलो करते हैं, दवाइयों का सेवन करते हैं और घरेलू उपाय भी आजमाते हैं। आयुर्वेद में भी कब्ज को सिर्फ पेट से जुड़ी समस्या के रूप में नहीं देखा जाता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की जड़ भी माना गया है ऐसे में कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए आप कई तरह के आयुर्वेदिक चूर्ण का सेवन कर सकते हैं, जो आपके पाचन को बेहतर रखने और कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। आइए इस लेख में हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए किन आयुर्वेदिक चूर्ण का सेवन करना चाहिए?
कब्ज से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक चूर्ण
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि जब शरीर में वात दोष असंतुलित हो जाता है तो पाचन अग्नि मंद हो जाती है, जिससे मल त्याग करने मुश्किल और पेट में भारीपन महसूस होने लगता है। ऐसे में आप कब्ज से राहत पाने के लिए इन आयुर्वेदिक चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।
1. हरड़
आयुर्वेद में हरड़ को पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह पाचन शक्ति को बढ़ाती है और आंतों में जमा मल को बाहर निकालने में मदद करती है। हरड़ में हल्का रेचक गुण होता है, जिससे कब्ज की समस्या धीरे-धीरे दूर होती है। इसके नियमित सेवन से गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या भी कम हो सकती है। NCBI के अनुसार हरीतकी के दोनों रूप चूर्ण और वटी आंतों की गतिशीलता बढ़ाने और कब्ज की समस्या को दूर करने में काफी प्रभावी होता है।
इसे भी पढ़ें: एक हफ्ते तक फाइबर न खाएं तो क्या होगा? डायटिशियन से जानें सेहत पर इसका असर
सेवन का तरीका
रात को सोने से पहले 3 से 5 ग्राम हरड़ चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें सकते हैं। आप चाहें तो इसे थोड़े शहद या गुड़ के साथ मिलाकर भी खा सकते हैं। आप हफ्ते में 4 से 5 दिन लेने से पाचन बेहतर होने लगता है।
2. सनाय पत्र
सनाय पत्र एक नेचुरल रेचक जड़ी-बूटी है, जो आंतों की गति को बढ़ाकर मल को बाहर निकालने में मदद करती है। यह कब्ज की समस्या से जल्दी राहत देने के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना चाहिए।
सेवन का तरीका
सनाय पत्तों को सूखाकर इसको सुखा लें और फिर 1 से 2 ग्राम चूर्ण को रात में एक कप गुनगुने पानी में भिगो लें। सुबह इस पानी को छानकर पी लें। इस पानी के हफ्ते में 2 से 3 बार से ज्यादा लेने से बचें, क्योंकि ज्यादा सेवन दस्त का कारण बन सकता है।

3. आरग्वध
आरग्वध को आयुर्वेद में कब्ज नाशक के रूप में जाना जाता है। यह शरीर से टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और आंतों को साफ करता है। यह हल्के और मध्यम कब्ज में ज्यादा उपयोगी माना जाता है।
सेवन का तरीका
आरग्वध का सेवन आप 5 से 10 ग्राम पाउडर को रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं। इसे हफ्ते में 2 से 3 बार लिया जा सकता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से मल त्याग को आसान बनाने में मदद मिलती है।
इसे भी पढ़ें: क्या आपकी रोज की दवाएं बन रही हैं कब्ज का कारण? हो जाएं सावधान, एक्सपर्ट से जानें सच
4. त्रिवृत चूर्ण
त्रिवृत चूर्ण का सेवन आंतों को साफ करने और शरीर से कफ और टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। नियमित रूप से इसका सेवन कफ वाले कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में काफी उपयोगी माना जाता है।
सेवन का तरीका
2 से 3 ग्राम त्रिवृत चूर्ण रात को सोने से पहले गुनगुने पानी या दूध के साथ ले सकते हैं। अगर आपको इसका स्वाद कड़वा लगे तो इसमें थोड़ा शहद मिला सकते हैं। आप इसका सेवन हफ्ते में 3 से 4 बार ले सकते हैं।
कब्ज से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- रोजाना 2 से 3 लीटर पानी पिएं।
- अपनी डाइट में फल, सब्जियां और फाइबर से भरपूर फूड्स खाएं।
- सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पिएं।
- रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट टहलना या हल्की एक्सरसाइज फायदेमंद होती है।
निष्कर्ष
कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए आप इन जड़ी-बूटियों का सेवन कर सकते हैं, लेकिन इनके सही तरीके और मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। हालांकि, अगर कब्ज की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो बिना देर किए डॉक्टर से कंसल्ट कर सकते हैं।
Image Credit: Freepik
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Mar 06, 2026 10:21 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Mar 06, 2026 10:21 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma