Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sadhna Singhal Vishnoi , Senior Consultant – Obstetrics and Gynaecology - Cloudnine Hospital, Punjabi Bagh, New Delhi

डिलीवरी के बाद नई मां को कब्ज की समस्या क्यों होती है? डॉक्टर से जानें इसके कारण और घरेलू इलाज

डिलीवरी के बाद नई मां को कब्ज की समस्या हो सकती है और इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं, जैसे कम पानी पीना, हार्मोनल बदलाव और दवाओं का सेवन। जानें, डिलीवरी के बाद कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए कौन से घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

आमतौर पर यही सुनने को मिलता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कब्ज की समस्या हो जाती है, जो कि धीरे-धीरे ठीक हो जाती है। हालांकि, डिलीवरी के बाद भी महिलाओं को कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सवाल है, ऐसा क्यों होता है और ऐसी स्थिति में महिला क्या कर सकती है? यहां हम आपको बता रहे हैं डिलीवरी के बाद कब्ज होने के कारण और इससे निपटने के कुछ घरेलू तरीकों के बारे में। इस बारे में जानने के लिए हमने नई दिल्ली के पंजाबी बाग में स्थित Cloudnine Group of Hospitals में Associate Director - Department of Obstetrics and Gynecology Dr Sadhna Singhal Vishnoi से बात की।

डिलीवरी के बाद नई मां को कब्ज की समस्या होने के कारण

reasons for postpartum constipation after childbirth 01 (1)

हार्मोनल बदलाव

Dr Sadhna Singhal Vishnoi के अनुसार, "डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर अचानक घट जाता है। ऐसे में आंतों में बाउल मूवमेंट की गति धीमी हो जाती है। नतीजतन, महिला को कब्ज की समस्या होने लगती है। हालांकि, इस स्थिति में महिलाएं सही खानपान और फाइबर युक्त चीजों को डाइट में अधिक मात्रा में शामिल करके समस्या से निपट सकती हैं।"

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दवाओं का सेवन

Dr Sadhna Singhal Vishnoi कहती हैं, "डिलीवरी के बाद महिलाओं को रिकवरी में काफी समय लगता है। बॉडी की रिकवरी के लिए महिलाओं को तरह-तरह की दवाएं लेनी पड़ती हैं। इसमें दर्द निवारक दवाएं और आयरन सप्लीमेंट्स भी शामिल होते हैं, ताकि महिला को दर्द कम हो सके और शरीर में आयरन की कमी न हो और ब्लड सप्लाई बेहतर बनी रहे। हालांकि, इन दवाओं और सप्लीमेंट्स के कारण पाचन तंत्र धीमा हो जाता है और महिला को कब्ज की समस्या हो जाती है।"

बवासीर होने का जोखिम

Dr Sadhna Singhal Vishnoi आगे बताती हैं, "आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं में बवासीर का रिस्क काफी ज्यादा होता है और अगर पहले से किसी को यह समस्या है, तो उनकी कंडीशन और ज्यादा बिगड़ सकती है। दरअसल, वजाइनल डिलीवरी के कारण अक्सर महिलाओं के योनि क्षेत्र में कट लगता है, जहां टांके लगाए जाते हैं। ऐसे में पुश करते हुए महिला को दर्द का डर होता है, जिससे उनके लिए मल त्याग प्रक्रिया कठिन हो जाती है।"

डिहाइड्रेशन की समस्या

Dr Sadhna Singhal Vishnoi के मुताबिक, "डिलीवरी के बाद अक्सर महिला अपना पूरा समय शिशु को देने लगती है। अगर वह स्तनपान करा रही है, तो शिशु पूर्णरूप से उन पर निर्भर होता है। स्तनपान के जरिए महिला के शरीर से काफी ज्यादा मात्रा में पानी निकल जाता है। ऐसे में उनके शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे मल सख्त हो जाता है यानी उन्हें कब्ज की समस्या हो जाती है।"

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कमजोर पेल्विक मांसपेशियां

लेबर और डिलीवरी के दौरान आपकी पेल्विक फ्लोर और पेट की मांसपेशियां खिंच जाती हैं या उनमें तनाव आ जाता है। ऐसे में ये काफी कमजोर हो जाती हैं और रिकवरी में काफी समय लगता है। ऐसे में महिला के लिए मल को प्रभावी ढंग से बाहर धकेलना अधिक कठिन हो जाता है।

डिलीवरी के बाद कब्ज की समस्या से कैसे राहत पाएं?

अधिक तरल पदार्थ पिएंः डिलीवरी के बाद महिलाओं को कम मात्रा में पानी नहीं पीना चाहिए। वे ब्रेस्टफीड कराती हैं। इसलिए, उन्हें रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। इसके अलावा, पाचन को बेहतर करने के लिए सुबह हर्बल चाय या गुनगुने पानी जैसे गर्म तरल पदार्थों का सेवन कर सकती हैं।

फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएंः डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपने भोजन में साबुत अनाज, दालें, फलियां और हरी सब्जियों को शामिल करें। Cochrane Library में प्रकाशित एक प्रसिद्ध मेडिकल रिसर्च पेपर के अनुसार, प्रसव के बाद कब्ज से पीड़ित महिलाओं के लिए फाइबर युक्त चीजें फायदेमंद हो सकती हैं।

व्यायाम करेंः अगर आप शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट हो गई हैं और डॉक्टर ने आपको एक्सरसाइज करने की अनुमति दे दी है, तो बेहतर है कि आप नियमित रूप से व्यायाम करें यानी शारीरिक रूप से एक्टिव रहें। इसके लिए, शुरुआती दिनों में कुछ देर के लिए वॉक करना काफी होता है।

स्टूल का उपयोग करेंः डिलीवरी के बाद मल त्याग करने के लिए अधिक जोर न लगाएं। इसके बजाय, शौचालय की सीट (टॉयलेट) पर बैठते समय अपने पैरों के नीचे एक छोटा स्टेप स्टूल रखें ताकि आपके घुटने ऊपर उठ जाएं और बिना जोर लगाए मल त्यागना आसान हो जाए।

अधिक जोर न लगाएंः डिलीवरी के बाद मल त्याग प्रक्रिया के दौरान अधिक जोर लगाने से बचें, खासकर अगर आपको पहले से ही बवासीर की समस्या रही है, तो ऐसा बिल्कुल न करें।

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डॉक्टर की सलाह

कई बार सिर्फ घरेलू उपाय समस्या का समाधान नहीं कर पाते हैं। इसलिए, अगर समस्या बढ़ जाए, तो वे डॉक्टर के पास जाएं। वे आपको कुछ ओवर द काउंटर मेडिसिन देंगे। जरूरी हुआ तो स्टूल सॉफ्नर का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, यह पूरी तरह मरीज की स्थिति पर निर्भर कर सकता है।

निष्कर्ष

डिलीवरी के बाद कब्ज की समस्या होना कोई नई बात नहीं है। अक्सर महिलाओं को इस तरह की परेशानी हो जाती है। आप अपनी जीवनशैली और खान-पान में जरूरी बदलाव करके इस समस्या से निपट सकते हैं। हां, अगर समस्या तब भी बनी रहे, तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें।

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FAQ

  • क्या डिलीवरी के बाद कब्ज दूर करने के लिए ईसबगोल की भूसी लेना सेफ है?

    डिलीवरी के बाद इसबगोल की भूसी का सेवन करना सुरक्षित माना जाता है। इसे रात में एक गिलास गुनगुने दूध या पानी के साथ लिया जाता है। हालांकि, इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें।
  • क्या स्तनपान कराने के दौरान कब्ज से छुटकारा पाने के लिए दवा लेना सही होता है?

    बेहतर होगा कि इस संबंध में आप डॉक्टर की राय लें। आमतौर पर डिलीवरी के बाद मल त्याग प्रक्रिया को आसान करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर स्टूल सॉफ्टनर का उपयोग किया जा सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 03, 2026 10:52 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Sadhna Singhal Vishnoi

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