Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या डिलीवरी के बाद अचानक सेक्स ड्राइव बढ़ना नॉर्मल है? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

Post Delivery Sex Drive: डिलीवरी के बाद महिलाओं की सेक्स ड्राइव पर असर पड़ता है। इसके पीछे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरान जैसे हार्मोन जिम्मेदार होते हैं। हालांकि, डिलीवरी के बाद सेक्स ड्राइव बढ़ेगी या घटेगी, यह महिला के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में असंख्य बदलाव होते हैं। उनके हार्मोन के स्तर में निरंतर बदलाव होता रहता है। कुछ महिलाओं में डिलीवरी के बाद यौन संबंध की चाह बढ़ जाती है। हालांकि, डिलीवरी के बाद शुरुआती कुछ दिनों में यौन संबंध बनाना मुश्किल होता है। ऐसे में यह सवाल है जरूर उठता है कि क्या वाकई डिलीवरी के बाद अचानक सेक्स ड्राइव बढ़ना नॉर्मल है या यह महज एक मिथक है? आइए, जानते हैं इस बारे में वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता की राय।

क्या डिलीवरी के बाद अचानक सेक्स ड्राइव का बढ़ना नॉर्मल है?

is high sex drive normal after delivery 01 (1)

आमतौर पर डिलीवरी के बाद ज्यादातर महिलाओं में सेक्स ड्राइव कम हो जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं गर्भावस्था और प्रसव का महिलाओं की कामेच्छा, यौन जीवन और व्यवहार पर गहरा प्रभाव पड़ता है। Acta Obstetricia et Gynecologica Scandinavica में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि डिलीवरी के 3 महीने बाद भी 20 फीसदी महिलाओं में यौन इच्छा काफी कम हो जाती है। 

अध्ययन में यह बात भी सामने आई कि 21 फीसदी महिलाओं में यौन इच्छा पूरी तरह खत्म हो गई थी या उनके मन में यौन इच्छा के प्रति रुचि पूरी तरह खत्म हो गई थी। हालांकि, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि कुछ महिलाओं में गर्भावस्था और प्रसव के बाद कामेच्छा बढ़ी भी थी।

इसे भी पढ़ें: नॉर्मल डिलीवरी के कितने दिन बाद शारीरिक संबंध बनाना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें सही समय

डिलीवरी के बाद सेक्स ड्राइव बढ़ने के कारण

हार्मोन में बदलावः डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में तेजी से हार्मोनल बदलाव होते हैं। विशेषकर, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में काफी गिरावट आ जाती है। आमतौर पर इस स्थिति में महिलाओं में वजाइनल ड्राईनेस जैसी समस्या हो जाती है, जो उनमें सेक्शुअल रिलेशनशिप की चाहत को कम करती है। वहीं, कुछ महिलाओं में हार्मोन का स्तर इस तरह बदलता है, जिससे उनमें सेक्स ड्राइव बढ़ जाती है। इसे पूरी तरह नॉर्मल माना जा सकता है।"

ब्लड फ्लो में बदलावः डॉ. शोभा गुप्ता की मानें, तो प्रेग्नेंसी के बाद भी महिलाओं के शरीर में ब्लड फ्लो ज्यादा होता है। विशेषकर, पेल्विक एरिया में इसका सकारात्मक असर पड़ता है। वहीं, नर्व सेंसिटिविटी भी बढ़ती है, जिसका सेक्स ड्राइव पर असर देखने को मिलता है।

इमोशनल सपोर्टः डॉ. शोभा गुप्ता के मुताबिक डिलीवरी के कुछ समय बाद महिलाएं मानसिक-शारीरिक रूप से बेहतर महसूस करने लगती हैं और पार्टनर का इमोशनल सपोर्ट भी उनके व्यवहार में पॉजिटिव बदलाव लाता है। इसके अलावा, दिनों दिन शिशु के साथ मां का अच्छा बॉन्ड बनना शुरू हो जाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है। ऐसे में इंटिमेसी में सुधार होता है, जिससे सेक्स ड्राइव बढ़ती जाती है। यही नहीं, महिला पार्टनर के साथ कनेक्शन भी महसूस करती है यानी पति-पत्नी के यौन संबंध में सुधार होने लगता है।

इसे भी पढ़ें: क्या नॉर्मल डिलीवरी के बाद असुरक्षित यौन संबंध बनाने से प्रेग्नेंसी का खतरा बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानें

डॉक्टर की सलाह

डॉ. शोभा गुप्ता सलाह देती हैं, "हर महिला का शरीर अलग होता है और डिलीवरी के बाद उनकी रिकवरी दर भी अलग-अलग होती है। इसलिए सटीक तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि डिलीवरी के बाद सभी महिलाओं की यौन इच्छा बढ़ जाती है। महिला के निजी अनुभव और मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य से यह तय होता है कि महिलाओं की सेक्स ड्राइव बेहतर होगी या नहीं। कुछ महिलाओं में यह प्राकृतिक रूप से बढ़ जाती है, तो कुछ महिलाओं की अस्थायी रूप से सेक्स ड्राइव कम हो जाती है।"

डॉ. शोभा गुप्ता आगे यह भी बताती हैं कि सेक्स ड्राइव का बढ़ने का मतलब है कि महिला अंदरूनी रूप से रिकवर कर चुकी है और वह यौन संबंध को लेकर असुरक्षाबोध से घिरी हुई नहीं है। बहरहाल, डिलीवरी के बाद यौन संबंध की शुरुआत करने से पहले महिला को पोस्टपार्टम चेकअप करवाना चाहिए। आमतौर पर 6 सप्ताह के अंदर ऐसा करने की सलाह दी जाती है। इससे वजाइनल इंफेक्शन के जोखिम का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कब जाएं डॉक्टर के पास?

सेक्स ड्राइव का बढ़ना कोई समस्या नहीं है। इसका मतलब है कि आप मानसिक-शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं। हां, अगर आपको लगे कि आपकी सेक्स ड्राइव बहुत ज्यादा बढ़ रही है, जिसकी वजह से आपको तनाव हो रहा है और यौन संबंध बनाते हुए दर्द का एहसास हो रहा है, तो इसे इग्नोर न करें। इसका मतलब है कि आपका स्वास्थ्य सही नहीं है और जल्द से जल्दी सही ट्रीटमेंट की जरूरत है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि डिलीवरी के बाद सेक्स ड्राइव बढ़ेगी या नहीं, यह महिलाओं की रिकवरी और हेल्थ पर निर्भर करता है। अगर महिला पूरी तरह स्वस्थ है, शिशु के साथ उनका बॉन्ड अच्छा है और पार्टनर के साथ इंटिमेसी बेहतर है, तो सेक्स ड्राइव बढ़ सकती है। वहीं, अगर महिला शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं है तथा रिकवरी भी धीमी है, तो सेक्स ड्राइव कम हो सकती है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • डिलीवरी के कितने हफ्तों बाद यौन संबंध बनाना सेफ होता है?

    डॉक्टर डिलीवरी के 4 से 6 हफ्ते बाद यौन संबंध बनाने की सलाह देते हैं। इस दौरान शरीर शरीर पूरी तरह से रिकवर हो जाता है। हालांकि, जब महिला मानसिक रूप से तैयार हो, तभी यौन संबंध बनाने की शुरुआत करे।
  • क्या ब्रेस्टफीडिंग कराने से महिलाओं की सेक्स ड्राइव प्रभावित होती है?

    स्तनपान के दौरान प्रोलैक्टिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो कामेच्छा को कम कर सकता है। इसकी वजह से वजाइनल ड्राईनेस भी बढ़ जाती है, जो कि महिला में सेक्स ड्राइव को काम करती है।

Read Next

इन 5 कारणों से महिलाएं जरूर करें शतावरी चूर्ण का सेवन, एक्सपर्ट से जानें तरीका

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 27, 2026 11:39 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content