Shatavari Powder Benefits: शतावरी, एक ऐसी जड़ीबूटी है जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों से बचाव में किया जाता है लेकिन आज हम महिलाओं की सेहत के लिए इस पाउडर के इस्तेमाल और फायदे की बात करेंगे। शतावरी, एडाप्टोजेनिक गुणों के लिए जानी जाने वाली जड़ी-बूटी है जो शरीर को एनर्जी देती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, सैपोनिन और विटामिन C और E जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। ये सभी गुण महिलाओं के हार्मोनल हेल्थ को बेहतर बनाने के साथ कई समस्याओं से बचावे में मदद करते हैं। कैसे इस बारे में जानते हैं आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से।
शतावरी चूर्ण के फायदे महिलाओं के लिए
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि शतावरी पाउडर महिलाओं के लिए खासतौर से फायदेमंद है क्योंकि ये हार्मोनल हेल्थ को बेहतर बनाने में मददगार है। यह हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे पीरियड्स सही रहते हैं और इससे जुड़ी गड़बड़ियों में कमी आती है। इसके अलावा प्रेग्नेंसी से लेकर मेनोपॉज तक, ये महिलाओं के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है जैसे
1. फर्टिलिटी बढ़ाने में मददगार
फर्टिलिटी बढ़ाने को लेकर चंचल शर्मा बताती हैं कि यह जड़ी-बूटी ओव्यूलेशन को बढ़ावा देकर और सर्वाइकल म्यूकस की गुणवत्ता में सुधार करती है जिससे प्रजनन क्षमता को बेहतर होती है। इसके एडाप्टोजेनिक गुण (adaptogenic properties) स्ट्रेस कम करने में मददगार है जो कि फर्टिलिटी सही रखने के लिए जरूरी है। इतना ही नहीं, शतावरी पाउडर का नियमित सेवन गर्भाशय की सूजन को कम कर सकता है जिससे प्रेग्नेंसी में मदद मिलती है।
2. स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए फायदेमंद
स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए शतावरी बेहद फायदेमंद हो सकता है। ये आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी प्रोलैक्टिन और कॉर्टिकॉइड हार्मोन के लेवल को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, जिससे डिलीवरी के बाद दूध की मात्रा बढ़ती है और ब्रेस्ट में दूध का भराव तेजी से होता है। Cereus Journal of Medical Science में प्रकाशित शोध के अनुसार शतावरी स्तनपान कराने वाली माताओं में असरदार तरीके से ब्रेस्ट मिल्क का प्रोडक्शन बढ़ाता है।
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सिजेरियन डिलीवरी वाली मांओं के लिए खास फायदेमंद
ध्यान देने वाली बात यह है कि सिजेरियन डिलीवरी वाली माताओं में स्तनपान कराने की संभावना कम होती है और वे अक्सर स्तनपान शुरू करने में देरी करती हैं। ऐसे में शतावरी से दूध की मात्रा में काफी बढ़ोतरी देखी गई। इससे प्रोलैक्टिन और कॉर्टिकॉइड हार्मोन को बढ़ावा मिलता है जिससे दूध की मात्रा बढ़ती है और ब्रेस्ट में दूध जल्दी भरता है।
3. डिलीवरी के बाद रिकवरी में मददगार
शतावरी डिलीवरी के बाद महिलाओं की रिकवरी में काफी मददगार है। डिलीवरी के बाद होने वाली थकान कम करने, रिप्रोडक्टिव सिस्टम को पोषण देने और बच्चे के जन्म के बाद शारीरिक ताकत वापस लाने में मदद शतावरी बेहद मददगार है।
4. पेरिमेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में मददगार
पेरिमेनोपॉज हार्मोनल बदलावों में अक्सर महिलाएं परेशान हो जाती है। इस दौरान हॉट फ्लैशेज और मूड स्विंग्स जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जो महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में PubMed Central की ये स्टडी बताती है कि शतावरी हर्बल सप्लीमेंट की तरह काम करती है और एस्ट्रोजन हार्मोन को बढ़ावा देकर पेरिमेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा इससे महिलाओं को मूड स्विंग्स कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है।
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5. हार्मोनल असंतुलन में मददगार
पारंपरिक रूप से, शतावरी पाउडर का इस्तेमाल महिलाओं में हार्मोनल हेल्थ को सही रखने के लिए किया जाता रहा है। चाहे पीरियड्स के पहले के लक्षण हो या पीरियड्स के दौरान दर्द व मूड स्विंग, ये इन तमाम स्थितियों में मददगार है। ये शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है जिससे महिलाओं की हार्मोनल हेल्थ सही रहती है।
महिलाएं कैसे करें शतावरी का सेवन?
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि महिलाएं दूध में मिलाकर शतावरी का सेवन कर सकती हैं। आपको करना ये है कि रात में सोने से पहले दूध में 1 चम्मच शतावरी मिला लें और इसे पिएं। इसके अलावा डिलीवरी के बाद महिलाएं दाल में भी शतावरी मिलाकर पी सकती हैं।
निष्कर्ष:
चंचल शर्मा का सुझाव है कि भले ही ये जड़ीबूटी फायदेमंद है लेकिन बिना एक्सपर्ट की राय के इसका सेवन न करें। आपको हमेशा पहले अपनी सेहत को देखते हुए एक्सपर्ट से इस बारे में बात करनी चाहिए और सही मात्रा में शतावरी का सेवन करना चाहिए।
FAQ
महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से क्या होता है?
महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से पीरियड्स प्रभावित होते हैं और हार्मोनल असंतुलन का शिकार होना पड़ सकता है। इसके अलावा इसकी कमी प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है।प्रेग्नेंसी के लिए कौन सा हार्मोन जिम्मेदार है?
प्रेग्नेंसी के लिए प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का बैलेंस होना बेहद जरूरी है। इसकी कमी से भ्रूण को टिकने में मदद मिलती है। इसके अलावा एस्ट्रोजन गर्भाशय के बढ़ने और ब्लड सर्कुलेशन को सही रखने में मदद करती है।
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Aug 26, 2026 17:40 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Chanchal Sharma
