Thu Oct 15, 2026 | 09:24 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

डिलीवरी के बाद बार-बार सिरदर्द कब सही नहीं? जानें डॉक्टर के पास जाने का सही समय क्या है?

अगर डिलीवरी के बाद सिरदर्द हो रहा है, सबसे पहले उसके कारण को जानने की कोशिश करें। कई बार यह किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा करता है, जैसे हाई बीपी आदि। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
डिलीवरी के बाद बार-बार सिरदर्द कब सही नहीं? जानें डॉक्टर के पास जाने का सही समय क्या है?डिलीवरी के बाद बार-बार सिरदर्द कब सही नहीं? जानें डॉक्टर के पास जाने का सही समय क्या है?

डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर को रिकवरी में थोड़ा समय लगता है। इसलिए, उन्हें पूरी तरह रेस्ट करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसी दौरान उन्हें अपने शिशु की पूरी जिम्मेदारी निभानी होती है, ब्रेस्टफीड कराना होता है, जिसके चलते अक्सर वे थकान और कमजोरी से भर जाती हैं। कई महिलाएं तो डिलीवरी के बाद बार-बार सिरदर्द की शिकायत करती हैं। सवाल है, डिलीवरी के बाद बार-बार सिरदर्द होना कब सही नहीं होता है और इस संबंध में डॉक्टर से संपर्क कब करना चाहिए? इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।

डिलीवरी के बाद सिरदर्द कब सही नहीं है?

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Cleveland Clinic की मानें, तो पोस्टपार्टम पीरियड के दौरान यानी डिलीवरी के बाद अक्सर महिलाओं को सिरदर्द की समस्या होती रहती है। ऐसा आमतौर पर डिलीवरी के 6 सप्ताह के भीतर होता है। सामान्यतः ऐसा टेंशन और माइग्रेन के कारण होता है। हां, अगर आपका सिरदर्द तीव्र है, दर्द असहनीय है और आराम करने के दौरान लगातार दर्द बढ़ता रहता है, तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। कई बार इस तरह की समस्या सिर्फ सिरदर्द तक सीमित नहीं होती है। यह किसी अन्य बीमारी का लक्षण हो सकती है। जैसे आंखों की नजर कमजोर होना, बीपी बढ़ना या कोई अन्य मेडिकल कंडीशन है।

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डिलीवरी के सिरदर्द होने पर कब जाएं डॉक्टर के पास?

डिलीवरी के बाद हो रहे सिरदर्द के साथ-साथ अन्य लक्षणों पर गौर करना आवश्यक होता है, जैसे-

1. पोस्टपार्टम प्री-एकलैम्पसिया

पोस्टपार्टम प्री-एकलैम्पसिया डिलीवरी के 48 घंटे से लेकर 6 सप्ताह के भीतर हो सकता है। इस स्थिति में महिला को तेज दर्द हो सकता है और वह शारीरिक रूप से असहज महसूस कर सकती है। यह कंडीशन सही नहीं है और ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है।

2. खून का थक्का या स्ट्रोक

डिलीवरी के बाद दिमाग में खून का थक्का जमना या स्ट्रोक होना अचानक और तेज सिरदर्द का कारण बन सकता है। प्रसव के बाद के समय में खून का थक्का जमने का खतरा ज्यादा होता है, क्योंकि शरीर बच्चे के जन्म के बाद बहुत ज्यादा खून बहने से रोकने के लिए कुदरती तौर पर क्लॉटिंग फैक्टर्स को बढ़ा देता है। बहरहाल, इस तरह की कंडीशन पैदा हो, तो जरा भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

3. आंखों की नजर में बदलाव

 डिलीवरी के बाद सिरदर्द होने का एक बड़ा कारण आंखों की नजर का धुंधला होना हो सकता है। यही नहीं, कई बार डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर इतना कमजोर हो जाता है कि वे कमरे की तेज रोशनी से असहज महसूस करती हैं। इससे भी सिरदर्द हो सकता है।

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4. मानसिक रूप में थकान होना

डिलीवरी के बाद महिलाओं को कई तरह के काम करने पड़ते हैं। इसमें अपनी देखरेख के साथ-साथ शिशु की देखभाल भी शामिल है। कई बार शिशु के कारण मां अच्छी नींद नहीं ले पाती है। ऐसे में मानसिक रूप से थकान, कमजोरी और अन्य समस्याएं, जो कि सिरदर्द को ट्रिगर कर सकती है। कुछ महिलाएं इस स्थिति में घबराहट या भ्रम जैसा भी महसूस करती हैं।

5. शारीरिक तकलीफ

कई बार डिलीवरी के बाद महिलाओं को शारीरिक थकान इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि चेहरे, हाथों या पैरों में अचानक सूजन आ जाती है। साथ ही, पसलियों के पास तेज दर्द होने लगता है और सांस लेने में तकलीफ हो जाती है। यह स्थिति भी महिलाओं में डिलीवरी के बाद सिरदर्द का कारण बन सकती है। ऐसा होने पर डॉक्टर के पास जाने में देरी न करें।

6. एनेस्थीसिया के दुष्प्रभाव

ऐसा सिरदर्द जो बैठने या खड़े होने पर बहुत तेज हो जाता है और लेटने पर ठीक हो जाता है। यह एपिड्यूरल या स्पाइनल ब्लॉक के बाद हो सकता है। इस तरह के सिरदर्द को भी इग्नोर न करें। बेहतर होगा कि आप इस स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें अपनी समस्या का निदान करवाएं।

7. इंफेक्शन के लक्षण

कई बार डिलीवरी के बाद इंफेक्शन की वजह से भी सिरदर्द होने लगता है। हालांकि, इसके साथ-साथ आपको कई अन्य लक्षण भी नजर आ सकते है। जैसे गर्दन का अकड़ना या तेज बुखार आना। अगर इनमें से कोई भी संकेत आपको दिखे या टांकों की जगह पर दर्द महसूस हो, तो इसकी अनदेखी न करें।

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निष्कर्ष

डिलीवरी के बाद शुरुआती दिनों में सिरदर्द होना कोई गंभीर समस्या नहीं है। ऐसा शारीरिक थकान और कमजोरी के कारण हो सकता है। हां, कभी-कभी यह किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा करता है, जैसे हाई बीपी या ब्लड क्लॉटिंग। इस तरह की स्थिति होने पर महिला को तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपनी सेहत को लेकर जरा भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

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FAQ

  • पोस्टपार्टम सिरदर्द को दूर करने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना सही है?

    नहीं, डिलीवरी के बाद, किसी भी तरह की दवा खुद से लेना सही नहीं है। विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली माताओं को ऐसा नहीं करना चाहिए।
  • क्या पोस्टपार्टम डिप्रेशन (PPD) या एंग्जायटी भी बार-बार सिरदर्द का कारण बन सकती है?

    हां, प्रसव के बाद हार्मोनल उतार-चढ़ाव और मानसिक तनाव से डिप्रेशन व एंग्जायटी हो सकती है। इस तरह की समस्या टेंशन हेडेक का कारण बनते हैं। 

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 24, 2026 19:00 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta