आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटर हमारे डेली रूटीन की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस का काम, ऑनलाइन पढ़ाई, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट इन सभी के लिए हम घंटों तक डिजिटल स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं। टेक्नॉलजी ने हमारी जिंदगी को भले ही आसान बनाया है, लेकिन बढ़ता स्क्रीन टाइम आंखों की सेहत के लिए सही नहीं है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद आंखों में थकान, जलन, ड्राईनेस, सिरदर्द और नजर धुंधली होना यानी ब्लर विजन आज एक आम समस्या बन गई है।
कई लोग सोचते हैं कि स्क्रीन देखने के बाद धुंधला दिखाई देना केवल चश्मे का नंबर बढ़ने का संकेत है, जबकि ऐसा हमेशा नहीं होता। इस लेख में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, PPG और Esskay Ortho & Eye Center की ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट, डॉ. नीतू गगनेजा से जानिए, लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद नजर धुंधली क्यों हो जाती है?
स्क्रीन देखने के बाद आंखें धुंधली क्यों होती हैं?
डॉ. नीतू गगनेजा बताती हैं कि जब हम मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन पर लगातार देखते रहते हैं, तो सामान्य स्थिति की तुलना में बहुत कम बार पलक झपकाते हैं। सामान्य रूप से एक व्यक्ति एक मिनट में लगभग 12 से 14 बार पलक झपकाता है लेकिन स्क्रीन पर लगातार फोकस करने के दौरान यह संख्या घटकर केवल 3 से 4 बार प्रति मिनट रह सकती है। पलक झपकाने का काम केवल आंख बंद करना नहीं है, बल्कि इससे आंसुओं की एक पतली परत पूरी आंख पर फैलती है, जो उसे नम और सुरक्षित रखती है। जब पलकें कम झपकती हैं, तो आंखों में सूखापन यानी ड्राई आई की समस्या बढ़ने लगती हैं। इसके कारण अस्थायी रूप से नजर धुंधली हो सकती है और आंखों में जलन या भारीपन भी महसूस हो सकता है।
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- डॉक्टर नीतू गगनेजा के मुताबिक, स्क्रीन पर लगातार एक ही दूरी पर फोकस बनाए रखने से आंखों की मसल्स लगातार काम करती रहती हैं।
- लंबे समय तक बिना आराम के फोकस करने से ये मसल्स थक जाती हैं, जिससे चीजें कुछ समय के लिए धुंधली दिखाई देने लगती हैं।
- यह स्थिति आमतौर पर अस्थायी होती है और आंखों को आराम देने पर ठीक हो सकती है लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
धुंधली नजर से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
डॉक्टर नीतू गगनेजा सलाह देती हैं कि स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय सबसे पहले रिफ्लेक्स ब्लिंकिंग यानी सामान्य रूप से बार-बार पलक झपकाने की आदत बनाए रखें। इससे आंखों की नमी बनी रहती है और ड्राई आई का खतरा कम होता है। इसके अलावा 20-20-20 नियम का पालन करना भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसका मतलब है कि हर 20 मिनट बाद लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें। इससे आंखों की मसल्स को आराम मिलता है और लगातार फोकस करने से होने वाली थकान कम होती है। स्क्रीन की ब्राइटनेस को कमरे की रोशनी के अनुसार रखें, पर्याप्त दूरी से स्क्रीन देखें और लगातार कई घंटों तक बिना ब्रेक के काम करने से बचें। ये छोटी-छोटी आदतें आंखों को लंबे समय तक हेल्दी रखने में मदद कर सकती हैं।

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डॉक्टर की सलाह
यदि पर्याप्त आराम और सही आदतें अपनाने के बावजूद नजर बार-बार धुंधली हो रही है, आंखों में लगातार ड्राईनेस, दर्द, लालिमा या देखने में परेशानी बनी रहती है, तो नेत्र विशेषज्ञ यानी आई स्पेशलिस्ट से जांच करानी चाहिए। डॉक्टर नीतू गगनेजा के अनुसार, बार-बार धुंधली नजर केवल स्क्रीन टाइम की वजह से ही नहीं, बल्कि आंखों की अन्य समस्याओं का भी संकेत हो सकती है। इसलिए लगातार लक्षण बने रहने पर समय पर जांच कराना जरूरी है।
निष्कर्ष
मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल स्क्रीन का लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल करने से पलक झपकाने की संख्या कम हो जाती है और आंखों की मसल्स थकने लगती हैं। यही कारण है कि कई लोगों को कुछ समय बाद नजर धुंधली महसूस होती है। डॉक्टर नीतू गगनेजा के अनुसार, सामान्य रूप से पलक झपकाने की आदत बनाए रखना, 20-20-20 नियम का पालन करना और आंखों को नियमित अंतराल पर आराम देना इस समस्या से बचाव के आसान और प्रभावी तरीके हैं। यदि धुंधलापन बार-बार हो या लंबे समय तक बना रहे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
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FAQ
बार-बार पलक झपकने से क्या होता है?
नियमित रूप से पलक झपकाने से आंखों में नमी बनी रहती है और ड्राई आई की संभावना कम होती है।क्या धुंधली नजर का मतलब चश्मे का नंबर बढ़ रहा है?
कई बार यह लंबे समय तक स्क्रीन देखने, ड्राई आई या आंखों की थकान के कारण भी हो नजर धुंधली हो सकती है। ऐसी समस्या होने पर आई चेकअप करवाएं।आंखों को हमेशा हेल्दी रखने के लिए क्या करना चाहिए?
नियमित रूप से पलक झपकाएं, 20-20-20 नियम अपनाएं, स्क्रीन से उचित दूरी बनाए रखें, ब्रेक लें, बैलेंस डाइट लें और पर्याप्त पानी पिएं।
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Jul 14, 2026 14:27 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Neetu Gagneja Arora