Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Major Rajesh Bhardwaj , ENT Specialist & Head and Neck Surgeon

Blood Thinners लेने वालों में क्यों बढ़ जाता है नाक से खून आने का खतरा? जानें डॉक्टर से

हार्ट की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को ब्लड थिनर दवाएं दी जाती है और इससे नाक से खून आने जैसी समस्याएं आने का रिस्क हो सकता है। इस लेख में डॉक्टर ने बताया कि ब्लड थिनर के लिए नाक से ब्लीडिंग आने का क्या कारण है।  

अगर हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट बीट ठीक न होना या शरीर में खून के थक्के बनने लगते हैं, तो मरीजों को ब्लड थिनर दवाएं दी जाती हैं, ताकि हार्ट से जुड़ी समस्याएं न हो, लेकिन इसके साथ नाक से खून आने लग सकता है। अगर कोई मरीज ब्लड थिनर दवाएं लेता है और उसे नाक से ब्लीडिंग आती है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले को नाक से ब्लीडिंग ही हो, लेकिन कई मामलों में नाक से खून निकलने के मामले देखे गए हैं। इसका क्या कारण है? यह जानने के लिए हमने Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, ENT Expert, MedFirst ENT Centre, Delhi से बात की।

ब्लड थिनर वाले मरीजों को नाक से खून आने का खतरा

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं, “ब्लड थिनर का काम खून को पतला करने साथ-साथ खून के थक्के बनने के प्रोसेस को भी धीमा करता है। इसलिए चोट लगने या नाक के अंदर की ब्लड वेसल्स टूटने पर ब्लीडिंग ज्यादा समय तक हो सकती है। जो मरीज ब्लड थिनर दवाएं लेते हैं, उन सभी में नाक से ब्लीडिंग आने का खतरा एक जैसा नहीं होता। यह कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे मरीज की उम्र, कौन-सी दवा ली जा रही है, उसकी डोज कितनी है, किडनी और लिवर का फंक्शन कैसा है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल में है या नहीं और साथ में दूसरी दवाएं कितनी ली जा रही है। जो मरीज खासतौर पर कार्यक्षमता कैसी है, ब्लड प्रेशर नियंत्रण में है या नहीं और साथ में दूसरी दवाएं तो नहीं ली जा रहीं। कई बार पेनकिलर दवाएं या कुछ हर्बल सप्लीमेंट्स भी ब्लीडिंग को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, नाक की बार-बार सफाई करना, एलर्जी, साइनस की समस्या, सूखा मौसम, नाक कुरेदने की आदत या हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल में न रहने से भी ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।”

रिसर्च क्या कहती है?

Springer में प्रकाशित एक अध्ययन में 600 मरीजों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि ब्लड थिनर लेने वाले लोगों में बार-बार नाक से खून आने की संभावना ज्यादा थी। हालांकि, अच्छी बात यह रही कि नई टेक्नोलॉजी में ब्लड थिनर दवाओं से नाक से खून आने का खतरा ज्यादा नहीं बढ़ा। इसका मतलब है कि दवाओं से ब्लीडिंग का खतरा हो सकता है, लेकिन हर बार कंडीशन गंभीर हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

blood thinner can cause nose bleeding

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ब्लड थिनर दवाएं बंद न करें

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं, “मैंने कई बार देखा है कि नाक से खून आने पर लोग ब्लड थिनर दवाएं बंद कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना खतरनाक भी हो सकता है। ये दवाएं हार्ट अटैक, स्ट्रोक और शरीर में ब्लड क्लॉट बनने से बचाने के लिए दी जाती है। अगर बिना डॉक्टर की सलाह के ये दवाएं अचानक बंद कर दी जाए, तो मरीज को गंभीर जटिलताएं हो सकती है। इसलिए ब्लड थिनर दवाएं नहीं छोड़नी चाहिए, बल्कि नाक से खून आने पर फर्स्ट एड करना चाहिए। डॉक्टर से सलाह लेकर ही किसी भी दवा को बदलने या डोज कम करें।”

नाक से खून आने पर क्या करें?

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj के अनुसार, अगर नाक से खून बहने लगे, तो सिर को हल्का आगे की ओर झुका दें। इसके बाद नाक के मुलायम हिस्से को अंगूठे और उंगली से लगातार 10 से 15 मिनट तक दबाकर रखें। इस दौरान बार-बार नाक को न छोड़ें कि खून रुका या नहीं। इससे क्लॉट बनना टूट सकता है ब्लीडिंग दोबारा शुरू हो सकती है।

नाक से खून आने पर क्या नहीं करना चाहिए?

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने कहा, “नाक से खून आने पर सिर पीछे न रखें, क्योंकि इससे खून गले में जा सकता है। इसके अलावा, नाक के अंदर गहराई तक कॉटन, टिश्यू, तेल, घी या कोई घरेलू नुस्खा डालने से भी बचना चाहिए। इससे नाक की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंच सकता है। अगर नाक के प्रेशर के बाद भी खून आना बंद न हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

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निष्कर्ष 
Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj लोगों को सलाह देते हैं कि अगर बार-बार नाक से खून आता है, तो आईएनआर टेस्ट कराया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर नेजल पैकिंग और केमिकल कॉटेरी जैसे प्रोसेस की जा सकती हैं। इसके अलावा, ऐसे मरीजों को नाक की नमी बनाए रखना जरूरी है, पर्याप्त पानी पिएं, नाक कुरेदने से बचें, एलर्जी या साइनस की समस्या का समय रहते इलाज कराना चाहिए। वैसे ब्लड थिनर लेने वाले में लोगों की नाक से खून आने की संभावना ज्यादा होती है। बस, इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कंडीशन गंभीर नहीं होनी चाहिए और नाक से खून आने पर तुरंत फर्स्ट एड कराएं।

FAQ

  • क्या सर्दियों के मौसम में ब्लड थिनर लेने वालों को यह समस्या ज्यादा होती है?

    सर्दियों के मौसम में ठंडी और शुष्क हवा के कारण, या कमरों में हीटर चलाने से नाक के अंदर की नाजुक परत बहुत जल्दी सूखकर फटने लगती है। सामान्य व्यक्ति को तो केवल सूखापन महसूस होता है, लेकिन ब्लड थिनर लेने वाले मरीजों में जैसे ही सूखी पपड़ी हटती है, खून का थक्का न जम पाने के कारण भारी ब्लीडिंग शुरू हो जाती है।
  • क्या हाई ब्लड प्रेशर और ब्लड थिनर का कॉम्बिनेशन नाक की ब्लीडिंग को और बदतर बना देता है?

    यह एक बेहद खतरनाक कॉम्बिनेशन है। यदि किसी मरीज का ब्लड प्रेशर अचानक बहुत बढ़ जाता है, तो हाई प्रेशर के कारण नाक के पिछले हिस्से की नसें फट सकती हैं। ऊपर से खून पतला होने के कारण, वह ब्लीडिंग फाउंटेन की तरह हो सकती है जिसे घर पर रोकना लगभग नामुमकिन होता है। ऐसे मामलों में तुरंत बीपी कंट्रोल करना और डॉक्टर की मदद लेना जरूरी होता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 14, 2026 11:17 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Jul 14, 2026 11:17 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj

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