ब्लीडिंग डिसऑर्डर ऐसी स्थितियों का एक ग्रुप है, जो तब उत्पन्न होती हैं जब ब्लड क्लाॅटिंग ठीक से नहीं होती है। ऐसे में चोट लगने पर लंबे समय तक ब्लीडिंग होती रहती है, जिससे शरीर में खून की कमी हो सकती है या कोई अन्य गंभीर समस्या हो सकती है। यह समस्या प्लेटलेट्स की कमी, खून जमाने वाले प्रोटीन में गड़बड़ी या कमजोर ब्लड वेसल्स के कारण हो सकती है। बहरहाल, कई लोग जाने-अनजाने ऐसी गंभीर बीमारी में भी लौंग का पानी पीते हैं। क्या आप जानते हैं कि ब्लीडिंग डिसऑर्डर में लौंग का पानी नहीं पिया जाना चाहिए? जी, हां! रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) बता रहे हैं कि ऐसा करना क्यों खतरनाक हो सकता है?
ब्लीडिंग डिसऑर्डर में क्यों न पिएं लौंग का पानी?
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खून पतला होने का खतराः लौंग में यूजेनॉल नाम का एक मुख्य तत्व होता है। यह तत्व प्राकृतिक रूप से खून को पतला करने का काम करता है। ध्यान रखें कि शरीर में खून का थक्का जमना बहुत जरूरी है ताकि चोट लगने पर खून अपने आप रुक जाए, लेकिन लौंग का पानी पीने से यह प्रक्रिया धीमी हो सकती है।
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दवाओं के प्रभाव में कमीः अगर कोई पहले से खून पतला करने वाली दवाएं (जैसे एस्पिरिन या वारफारिन) ले रहे हैं, तो ऐसे में लौंग का पानी पीना बिल्कुल सही नहीं है। ऐसे में खून जरूरत से ज्यादा पतला हो सकता है, जिससे शरीर के अंदरूनी अंगों में रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति मरीज के लिए घातक हो सकती है।
हीमोफिलिया होने परः हीमोफिलिया जैसी बीमारी है (जिसमें खून का थक्का नहीं जमता), उन्हें भी लौंग का पानी किसी भी स्थिति में नहीं पीना चाहिए। असल में, लौंग का पानी पीने से नीले निशान पड़ना या मसूड़ों/नाक से अचानक खून आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सर्जरी से पहलेः जो लोग पहले से ही ब्लीडिंग डिसऑर्डर का शिकार हैं, अगर उन्हें सर्जरी होने वाली है, तो डॉक्टर सलाह देते हैं कि कम से कम 2 हफ्ते पहले से लौंग के पानी का सेवन बंद कर दें। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ऑपरेशन के दौरान या बाद में होने वाली ब्लीडिंग को कंट्रोल करना मुश्किल न हो।
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निष्कर्ष
ब्लीडिंग डिसऑर्डर में लौंग का पानी पीने की सलाह नहीं दी जाती है। इससे सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ता है। चोट लगने पर खून बहना बंद नहीं होता है और ऑपरेशन के बाद ब्लीडिंग को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, जरूरी है कि ब्लीडिंग डिसऑर्डर होने की स्थिति में लौंग का पानी न पिएं। इसके अलावा किसी भी तरह के आयुर्वेदिक या घरेलू उपचार की शुरुआत करने से पहले आयुर्वेदिक एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें।
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FAQ
क्या स्वस्थ व्यक्ति के लिए लौंग का पानी पीना सेफ होता है?
हां, स्वस्थ लोगों के लिए सामान्य मात्रा लौंग का पानी पीना सेफ होता है।अगर गलती से ब्लीडिंग डिसऑर्डर में लौंग का पानी पी लिया जाए, तो क्या होगा?
इसकी वजह से मसूड़ों से खून आना, शरीर पर नीले निशान या अधिक कमजोरी महसूस होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।क्या ब्लीडिंग डिसऑर्डर में लौंग का तेल भी खतरनाक हो सकता है?
हां, लौंग के तेल में यूजेनॉल की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिसे त्वचा पर लगाने या निगलने से ब्लीडिंग डिसऑर्डर वाले मरीजों को ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है।
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Current Version
May 07, 2026 12:23 IST
Modified By : Meera Tagore May 07, 2026 12:23 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shrey Sharma