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ब्लीडिंग डिसऑर्डर क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

Bleeding Disorder in Hindi: ब्लीडिंग डिसऑर्डर की समस्या बेहद गंभीर मानी जाती है, जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज के बारे में।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jul 13, 2022Updated at: Jul 13, 2022
ब्लीडिंग डिसऑर्डर क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

Bleeding Disorder in Hindi: शरीर में चोट या कट लगने पर खून निकलने लगता है, लेकिन खून में मौजूद प्रोटीन और प्लेटलेट्स की वजह से खून जमने लगता है और ब्लीडिंग रुक जाती है। लेकिन कई लोगों में चोट लगने या किसी अन्य कारण से हो रही ब्लीडिंग में खून का थक्के जमना बंद हो जाते हैं, इस स्थिति को ब्लीडिंग डिसऑर्डर कहा जाता है। ब्लीडिंग डिसऑर्डर कई गंभीर स्थितियों को कहा जाता है, जिनमें शरीर में ब्लीडिंग होते समय खून के थक्के नहीं जमते हैं। जिन लोगों में ब्लीडिंग डिसऑर्डर की समस्या काफी गंभीर होती है, उन्हें अपने आप भी ब्लीडिंग हो सकती है। खून में जरूरी प्रोटीन और प्लेटलेट्स की कमी के कारण यह समस्या होती है। शरीर के भीतर होने वाली ब्लीडिंग की स्थिति में यह स्थिति काफी खतरनाक मानी जाती है।

ब्लीडिंग डिसऑर्डर के कारण- What Causes Bleeding Disorders?

बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय के जनरल फिजिशियन डॉ समीर के मुताबिक ब्लीडिंग डिसऑर्डर होने पर आपके खून में मौजूद प्लेटलेट्स और प्रोटीन सही ढंग से काम नहीं कर पाते हैं। खून का थक्का जमने की प्रक्रिया में प्लेटलेट्स और 20 से अधिक प्लाज्मा प्रोटीन की जरूरत होती है। जब शरीर में इन क्लॉटिंग कारकों की कमी हो जाती है, तो ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया सही से नहीं हो पाती है। यह समस्या कुछ लोगों में आनुवंशिक कारणों से भी होती है। ब्लीडिंग डिसऑर्डर के कुछ प्रमुख कारण इस तरह से हैं-

  • शरीर में विटामिन के (Vitamin K) की कमी 
  • खून के थक्कों को रोकने वाली दवाओं का सेवन
  • लिवर से जुड़ी बीमारी के कारण
  • आनुवंशिक कारणों की वजह से
  • दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण
Bleeding Disorder in hindi

ब्लीडिंग डिसऑर्डर के लक्षण- Bleeding Disorder Symptoms in Hindi

ब्लीडिंग डिसऑर्डर कई तरह के होते हैं और इनके लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं। ब्लीडिंग डिसऑर्डर के कुछ प्रमुख लक्षण ये हैं-

  • पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग
  • नाक से खून निकलना
  • हल्का सा कट या चोट लगने पर हैवी ब्लीडिंग
  • जोड़ों और मांसपेशियों में ब्लीडिंग
  • शिशु को जन्म देने के बाद गर्भनाल से ब्लीडिंग

ब्लीडिंग डिसऑर्डर के प्रकार- Types of Bleeding Disorder in Hindi

ब्लीडिंग डिसऑर्डर कई तरह के होते हैं, कुछ लोगों को विरासत में यह समस्या मिली होती है। वहीं कुछ लोगों में बीमारियों या दवाओं के साइड इफेक्ट्स की वजह से यह समस्या हो सकती है। ब्लीडिंग डिसऑर्डर की समस्या के प्रकार इस तरह से हैं-

  • एक्वायर्ड प्लेटलेट फंक्शन डिसऑर्डर
  • डिसेमिनेटेड इंट्रावास्कुलर कोगुलेशन (डीआईसी)
  • प्रोथ्रोम्बिन की कमी
  • जन्मजात प्लेटलेट फंक्शन डिसऑर्डर
  • फैक्टर वी की कमी
  • फैक्टर VII की कमी
  • फैक्टर एक्स की कमी
  • हीमोफिलिया सी
  • हीमोफिलिया ए
  • हीमोफीलिया बी
  • इडियोपैथिक थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (आईटीपी)
  • वॉन विलेब्रांड रोग (प्रकार I, II और III)

ब्लीडिंग डिसऑर्डर का इलाज- Bleeding Disorder Treatment in Hindi

डॉक्टर ब्लीडिंग डिसऑर्डर की समस्या का इलाज मरीज की गंभीरता और इसके प्रकार से हिसाब से करते हैं। ब्लीडिंग डिसऑर्डर का कोई सटीक इलाज मौजूद नहीं है, लेकिन डॉक्टर मरीजों की परेशानी को कम करने के लिए कुछ दवाओं के सेवन की सलाह देते हैं। कई बार लोगों में ब्लीडिंग के कारण आयरन की कमी हो जाती है, ऐसी स्थिति में आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा अलग-अलग तरह के ब्लीडिंग डिसऑर्डर का ट्रीटमेंट अलग होता है।

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ब्लीडिंग डिसऑर्डर के लक्षण दिखते ही आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सही समय पर इलाज लेने से आप इसकी गंभीरता से बच सकते हैं। लंबे समय तक इस समस्या में इलाज न लेना जानलेवा हो सकता है। इसकी वजह से आंत में ब्लीडिंग, जॉइंट और ब्रेन में ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। इसलिए सही समय पर इलाज जरूर लेना चाहिए।

(Image Courtesy: Freepik.com)

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