हल्दी हमारी भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है। उत्तर भारत के ज्यादातर खाने में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी सिर्फ खाने को रंग और स्वाद देने के लिए नहीं, बल्कि अपने औषधीय गुणों के लिए भी जानी जाती है। इसमें मौजूद करक्यूमिन शरीर की सूजन को कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करती है। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में हल्दी का ज्यादा मात्रा में सेवन हानिकारक माना जाता है। इसलिए, आइए आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से जानते हैं कि हल्दी का सेवन किन बीमारियों में कम करना चाहिए और कब पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?
किन बीमारियों में हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए?
डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार कुछ ऐसी स्वास्थ्य स्थितियां हैं, जिनमें हल्दी का सेवन हानिकारक हो सकता है, जैसे-
1. पीलिया
पीलिया के दौरान लिवर पहले से बुरी तरह प्रभावित होता है। इस स्थिति में हल्दी का सेवन न के बराबर करने की कोशिश करनी चाहिए। अगर आप सामान्य मात्रा में अपने भोजन में हल्दी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो कुछ हद तक यह सुरक्षित हो सकता है, लेकिन हल्दी सप्लीमेंट्स या ज्यादा हल्दी का सेवन करने से बचना चाहिए। पीलिया के मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर ही हल्दी का सेवन करना चाहिए।
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2. पित्ताशय की समस्या
अगर किसी व्यक्ति को पित्ताशय में पथरी है या बाइल की समस्या है तो हल्दी शरीर में पित्त के उत्पादन को बढ़ा सकती है। इससे दर्द या अन्य लक्षण ज्यादा बढ़ सकते हैं। इसलिए पित्ताशय की समस्या में हल्दी का सेवन करने से बचें या खाने में सीमित मात्रा में इस्तेमाल कर सकते हैं।
3. ब्लीडिंग डिसऑर्डर
हल्दी में ब्लड को पतला करने वाले गुण पाए जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति को ब्लीडिंग डिसऑर्डर है या वह ब्लड थिनर की दवाएं ले रहा है तो ज्यादा मात्रा में हल्दी का सेवन ब्लीडिंग के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए, इस स्थिति में मरीजों को हल्दी का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।

4. लिवर से जुड़ी बीमारी
ज्यादा मात्रा में हल्दी का सेवन या इसके सप्लीमेंट्स लेने से लिवर पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए, अगर किसी व्यक्ति को लिवर से जुड़ी गंभीर समस्या है तो बिना डॉक्टर की सलाह पर हल्दी का सेवन करने से बचना चाहिए।
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5. आयरन की कमी
हल्दी शरीर में आयरन के अवशोषण को कुछ हद तक कम कर सकती है। इसलिए, जिन लोगों में आयरन की कमी या एनीमिया की समस्या ज्यादा है, उन्हें ज्यादा मात्रा में हल्दी का सेवन करने से बचना चाहिए। इस स्थिति में हल्दी पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती है, लेकिन आप डॉक्टर की सलाह पर सीमित मात्रा में हल्दी का सेवन कर सकते हैं।
निष्कर्ष
हल्दी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन कुछ बीमारियों में इसका सेवन सावधानी के साथ करना चाहिए। लिवर की दिक्कत, ब्लीडिंग डिसऑर्डर, पित्ताशय की पथरी जैसी समस्याओं में हल्दी का सेवन करने से बचें और हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही हल्दी अपनी डाइट में शामिल करें।
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FAQ
हल्दी की तासीर गर्म होती है या ठंडी?
हल्दी की तासीर गर्म होती है, जो शरीर में गर्मी पैदा करती है। इसी कारण सर्दी, जुकाम और खांसी की समस्या में हल्दी का सेवन करने की सलाह दी जाती है।महिलाओं के लिए हल्दी के क्या नुकसान हैं?
महिलाओं के लिए हल्दी का सेवन सीमित मात्रा में करना सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन ब्लीडिंग के खतरे, आयरन की कमी और पाचन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।
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Jun 22, 2026 13:16 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jun 22, 2026 13:16 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Chanchal Sharma