यह बात तो हम सभी जानते हैं कि मोटापा बढ़ना सही नहीं है। इसकी वजह से डायबिटीज, थायराइड जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, जब पेट के आसपास फैट जमा होने लगता है, तो हमारी चिंताएं बढ़ जाती हैं। असल में माना जाता है कि पेट के पास जमा फैट, जिसे हम विसरल फैट भी कहते हैं, वह डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है। सवाल है, क्या वाकई यह सच है या महज एक मिथक? आइए, जानते हैं कि Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से सच्चाई।
क्या पेट के आसपास जमा चर्बी डायबिटीज का संकेत हो सकती है?
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पेट के आसपास जमा चर्बी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। इस संबंध में एक्सपर्ट समझाती हैं, ‘पेट के पास जमा चर्बी, जिसे विसरल फैट कहा जाता है। यह सीधे-सीधे मेटाबोलिक डिस्फंक्शन और टाइप 2 डायबिटीज के शुरुआती चरण का संकेत होती है। विसरल फैट इसलिए भी अधिक खतरनाक है, क्योंकि यह अंदरूनी अंगों जैसे लिवर आदि के आसपास जमा होता है। इसकी वजह से इन अंगों के काम भी प्रभावित होते हैं।’
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पेट की चर्बी और शुरुआती डायबिटीज के बीच संबंध
इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्याः चूंकि, विसरल फैट पेट के आसपास जमा हो जाती है और अंदरूनी अंगों को प्रभावित करती है। यह फैट ऐसे केमिकल रिलीज करती है, जिससे शरीर में इंसुलिन हार्मोन पर नेगेटिव असर पड़ने लगता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या पैदा हो जाती है। यह डायबिटीज की शुरुआत करने का बड़ा कारक है।
मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतराः पेट के पास जमा फैट मेटाबोलिक सिंड्रोम की समस्या को पैदा करती है। दरअसल, जब पेट की चर्बी के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है, तो शरीर में ग्लूकोज (शुगर) का लेवल बिगड़ने लगता है। इस स्थिति को समय रहते कंट्रोल न किया जाए, तो भविष्य में व्यक्ति को टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है।
थिन-फैट का जोखिमः कई लोग शरीर से पतले होते हैं, लेकिन पेट के पास चर्बी जमा होती है यानी तोंद निकली होती है। इसी कंडीशन को थिन फैट कहा जाता है। ऐसे लोगों को लगता है कि उन्हें डायबिटीज का जोखिम नहीं होता है, जबकि ऐसा नहीं है। अगर पेट के पास जरा भी चर्बी जमा है, तो डायबिटीज का रिस्क अपने आप बढ़ जाता है।
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निष्कर्ष
पेट के पास बढ़ रही चर्बी को चेतावनी की तरह लेना चाहिए। यह स्थिति मेटाबोलिक सिंड्रोम और डायबिटीज जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। आपको बता दें कि डायबिटीज को शुरुआती स्तर में ही कंट्रोल किए जाने की जरूरत होती है। ऐसा न किया जाए, तो रक्त वाहिकाओं को नुकसान हो सकता है, जो कि भविष्य में हार्ट से संबंधित बीमारियों के जोखिम को बढ़ा देता है।
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FAQ
क्या हर मोटे पेट वाले व्यक्ति को डायबिटीज होती है?
ऐसा जरूरी नहीं है। हालांकि, उन्हें डायबिटीज का जोखिम बना रहता है।कैसे जानें कि पेट की चर्बी डायबिटीज का संकेत है?
अगर आपको डायबिटीज के अन्य लक्षण नजर आएं, जैसे थकान, बार-बार प्यास लगना या बार-बार यूरिन आना, तो तुरंत अपनी ब्लड शुगर की जांच करवाएं।पेट की चर्बी घटाकर क्या डायबिटीज से बचा जा सकता है?
एक्सपर्ट का कहना है कि अपने वजन को संतुलित बनाए रखने से इंसुलिन सही से काम करने लगता है और शुरुआती डायबिटीज को रिवर्स किया जा सकता है और इसके होने के रिस्क को भी कम किया जा सकता है।
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Current Version
Jun 22, 2026 11:31 IST
Modified By : Meera Tagore Jun 22, 2026 11:31 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dt Divya Gandhi