आजकल खराब लाइफस्टाइल, लंबे समय तक बैठे रहना, स्ट्रेस और अनहेल्दी खानपान की वजह से मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई लोगों का वजन सामान्य दिखता है, लेकिन पेट और कमर के आसपास फैट जमा होने लगता है। इस स्थिति को सेंट्रल ओबेसिटी या एब्डॉमिनल ओबेसिटी कहा जाता है। सेंट्रल ओबेसिटी शरीर के कई गंभीर रोगों का खतरा बढ़ा सकती है। सेंट्रल ओबेसिटी और इसके खतरोंं को समझने के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
क्या होती है सेंट्रल ओबेसिटी?

सेंट्रल ओबेसिटी वह स्थिति है जिसमें शरीर के बीच वाले हिस्से यानी पेट और कमर के आसपास ज्यादा फैट जमा हो जाता है। यह फैट त्वचा के नीचे ही नहीं, बल्कि अंदरूनी अंगों के आसपास भी जमा हो सकता है। इसे विसरल फैट कहा जाता है जो सेहत के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक माना जाता है। पुरुषों में 90 सेंटीमीटर से ज्यादा और महिलाओं में 80 सेंटीमीटर से ज्यादा कमर का आकार सेंट्रल ओबेसिटी का संकेत हो सकता है।
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क्यों खतरनाक है पेट के आसपास जमा फैट?
- पेट के आसपास जमा फैट शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल बढ़ा सकता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, ब्लॉकेज और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।
- सेंट्रल ओबेसिटी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ावा देती है और टाइप 2 डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है।
- ज्यादा विसरल फैट लिवर में फैट जमा होने का कारण बन सकता है। इससे फैटी लिवर का खतरा बढ़ता है।
- कमर के आसपास फैट बढ़ने से शरीर महिलाओं में PMOS (पूर्व नाम PCOS) और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के लेवल में कमी जैसी हार्मोनल समस्याएं देखी जा सकती हैं।
- पेट का ज्यादा फैट स्लीप एपनिया जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
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सेंट्रल ओबेसिटी के कारण
- ज्यादा तला-भुना खाना, शुगर वाले ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड के कारण पेट के आसपास फैट बढ़ सकता है।
- लंबे समय तक बैठे रहना और एक्सरसाइज न करना शरीर में कैलोरी जमा होने का कारण बनता है।
- स्ट्रेस के दौरान कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो पेट के आस-पास फैट जमा करने से जुड़ा माना जाता है। वहीं कम नींद भी वजन बढ़ने का कारण बन सकती है।
- उम्र बढ़ने के साथ शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है। इससे फैट तेजी से जमा हो सकता है, खासकर पेट के आसपास।
- कुछ लोगों में जेनेटिक कारणों की वजह से पेट पर जल्दी फैट जमा होने की प्रवृत्ति हो सकती है।
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सेंट्रल ओबेसिटी के संकेत
- कमर का आकार बढ़ना
- पेट बाहर निकलना
- जल्दी थकान महसूस होना
- सीढ़ियां चढ़ने में सांस फूलना
- वजन कम करने में मुश्किल होना
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पेट के आसपास जमा फैट को कैसे कम करें?
- डाइट में प्रोटीन, फाइबर, फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
- शुगर और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
- कम से कम 30 से 45 मिनट तक वॉक, जॉगिंग, योग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें।
- हर दिन सात से आठ घंटे की अच्छी नींद वजन कंट्रोल करने में मदद कर सकती है।
- मेडिटेशन, योग और रिलैक्सेशन तकनीकों की मदद से स्ट्रेस को कंंट्रोल किया जा सकता है।
- कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा शुगर वाले जूस की जगह पानी, नारियल पानी या बिना चीनी वाली ड्रिंक्स पिएं।
निष्कर्ष:
कमर के आसपास फैट बढ़ना केवल वजन बढ़ने की समस्या नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। सेंट्रल ओबेसिटी को नजरअंदाज करना भविष्य में हार्ट डिजीज, डायबिटीज और फैटी लिवर जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
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May 17, 2026 12:55 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 17, 2026 12:55 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh