Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

बीयर पीने से बढ़ी पेट की चर्बी को कैसे घटाएं? एक्सपर्ट से जानें आसान उपाय

बीयर या अल्‍कोहल का सेवन करने से शरीर में बीमारि‍यांं ही नहीं वजन भी बढ़ सकता है। अल्‍कोहल पीने वाले लोगोंं का अक्‍सर पेट न‍िकल आता है, इसे ही बीयर बेली कहा जाता है। जानें इससे छुटकारा पाने के उपाय।

बीयर या कोई भी अल्‍कोहल युक्‍त ड्र‍िंक का सेवन सेहत के ल‍िए हान‍िकारक होता है। आपने नोट‍िस क‍िया होगा क‍ि अल्‍कोहल का सेवन करने वाले लोगों का अक्‍सर पेट न‍िकल आता है इसे हम बीयर बेली के नाम से जानते हैं। अल्‍कोहल का ज्‍यादा सेवन करने से शरीर में अत‍िर‍िक्‍त कैलोरी जमा होने लगती हैं ज‍िससे पेट की चर्बी भी बढ़ती है। अच्‍छी बात यह है क‍ि बीयर बेली से छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जानते हैं बीयर बेली से छुटकारा पाने के कुछ आसान उपायोंं के बारे में। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

बीयर बेली का खतरा किन लोगों में ज्यादा होता है?

  • जो लोग लंंबे समय तक बैठे रहते हैं उनमें पेट के आसपास चर्बी बढ़ने का खतरा ज्‍यादा होता है।
  • जो लोग शारीर‍िक रूप से कम एक्‍ट‍िव होते हैं, जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं या एक्‍सरसाइज नहीं करते हैं उनमें पेट की चर्बी बढ़ सकती है।
  • ज्‍यादा कैलोरी या जंक फूड खाने वाले लोगों में भी यह समस्‍या हो सकती है।
  • 40 वर्ष से ज्‍यादा उम्र के लोगों को मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो जाता है और पेट के आसपास चर्बी जमा होने की संभावना बढ़ सकती है।

Harvard Health के एक लेख के मुताब‍िक, बीयर बेली या एब्‍डॉम‍िनल फैट के कारण कई गंंभीर बीमार‍ियोंं का खतरा बढ़ सकता है जैसे हार्ट अटैक, स्‍ट्रोक, डायबि‍टीज। पुरुषोंं में अगर कमर का घेरा 37 इंंच से ज्‍यादा है और मह‍िलाओंं में 31 इंंच से ज्‍यादा है, तो इन बीमार‍ियोंं का खतरा बढ़ सकता है।

बीयर बेली को कैसे घटाएं?

beer-belly

  • बीयर या अल्‍कोहल ड्र‍िंक्‍स से परहेज करना ही सबसे बेहतर व‍िकल्‍प है। बीयर का ज्‍यादा सेवन कम करने से कैलोरी घटाने में मदद म‍िलती है।
  • डाइट में अंंडे, पनीर, फल, हरी सब्‍ज‍ियां वगैरह को शाम‍िल करें, इससे पेट लंंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती है।
  • पेट की चर्बी को कम करने के ल‍िए तेज चलें, साइक‍िल चलाएं या ऐसी फि‍जि‍कल एक्‍ट‍िव‍िटीज करें ज‍िससे कैलोरी बर्न करने में मदद म‍िल सके।
  • हफ्ते में दो से तीन द‍िन वेट ट्रेन‍िंंग या बॉडी-वेट एक्‍सरसाइज करें, इससे मांसपेश‍ियों को मजबूत बनाने में मदद मि‍लती है और मेटाबॉल‍िज्‍म बेहतर होता है।
  • रोजाना सात से आठ घंंटे की नींद पूरी करें, ज‍िससे भूख कंंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।
  • ज्‍यादा स्‍ट्रेस से शरीर में कोर्ट‍िसोल हार्मोन बढ़ता है और वजन कम करने में परेशानी हो सकती है इसल‍िए सीमि‍त योग, मेड‍िटेशन जैसी तकनीक अपनाएं।
  • बीयर बेली को कम करने के ल‍िए अल्‍कोहल छोड़ने के साथ-साथ पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन भी जरूरी है। इससे क्रेव‍िंंग को कंंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

न‍िष्‍कर्ष:

बीयर बेली कम करने के ल‍िए अल्‍कोहल से परहेज करें, पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करें, हेल्‍दी डाइट लें, बॉडी वेट एक्‍सरसाइज और वेट ट्रेन‍िंग अपनाएं, साइक‍िल चलाएं, अंडे, पनीर, वगैरह का सेवन करें और स्‍ट्रेस को कंट्रोल करें।

FAQ

  • अल्‍कोहल पीने के क्‍या नुकसान होते हैं?

    अल्‍कोहल का ज्‍यादा सेवन करने से फैटी ल‍िवर, हेपेटाइट‍िस और ल‍िवर स‍िरोस‍िस का खतरा बढ़ सकता है।
  • अल्‍कोहल की लत को कैसे छोड़ें?

    अल्‍कोहल की मात्रा को धीरे-धीरे कम करें, एक हेल्‍दी आदत जैसे एक्‍सरसाइज या वॉक को अपनाएं, पर‍िवार और दोस्‍तोंं की मदद लें और ट्र‍िगर्स को पहचानकर उनसे दूर रहें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Jun 21, 2026 20:50 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 21, 2026 20:50 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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