मेनोपॉज के दौरान और बाद में महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। हार्मोन्स में होने वाले ये बदलाव अक्सर पेट की चर्बी तेजी से बढ़ने का कारण बन सकते हैं। इस उम्र में वजन कम करना महिलाओं के लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है, क्योंकि शरीर की कैलोरी बर्न करने की रफ्तार धीमी हो जाती है। हालांकि अगर महिलाएं सही पोषण और हेल्दी खान-पान की आदतें अपनाएं तो पेट के आसपास जमे फैट को आसानी से कम किया जा सकता है। इसलिए, आइए Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानते हैं कि मेनोपॉज में पेट की चर्बी कम करने के लिए किन चीजों का सेवन करना चाहिए?
मेनोपॉज में बेली फैट कम करने के लिए क्या खाएं?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani ने बताया कि मेनोपॉज के दौरान महिला के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल तेजी से कम होता है। एस्ट्रोजन का लेवल कम होने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और शरीर फैट को जांघों या हिप्स के स्थान पर पेट के निचले हिस्से में जमा करने लगता है। ऐसे में इस फैट को कम करने के लिए आप अपनी डाइट में इन फूड्स को शामिल कर सकते हैं।
| फूड कैटेगरी | मेनोपॉज में फायदे | क्या खाएं? |
| फाइटोएस्ट्रोजन से भरपूर फूड्स | एस्ट्रोजन हार्मोन के कम होते लेवल को संतुलित करता है और हार्मोन के कारण वजन बढ़ने से रोकता है। | अलसी के बीज, सोयाबीन, टोफू |
| हाई प्रोटीन डाइट | मांसपेशियों को बेहतर रखता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और लंबे समय तक पेट को भरा रखता है। | अंडे, दालें, अंकुरित अनाज, पनीर, चिकन, ग्रीक योगर्ट |
| घुलनशील फाइबर | पाचन को बेहतर रखता है, पेट के अंदरूनी फैट को कम करता है और गट हेल्थ को बेहतर रखता है। | ओट्स, दलिया, हरी पत्तेदार सब्जियां, राजमा, बीन्स |
| हेल्दी फैट्स | यह हार्मोन बनाने में मदद करता है, शरीर की सूजन को कम करता है और बार-बार खाने की क्रेविंग को कंट्रोल करता है। | अखरोट, बादाम, जैतून का तेल, कद्दू या सूरजमुखी के बीज |
बेरीज और साइट्रस फ्रूट्स |
यह फूड्स एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन C से भरपूर होते हैं, जो सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस से लड़ते हैं। | संतरा, जामुन, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, मौसमी, आंवला |
1. फाइटोएस्ट्रोजन से भरपूर फूड्स
जब शरीर में नेचुरल तरीके से एस्ट्रोजन बनना कम हो जाता है तो महिलाओं को पेड़-पौधों से मिलने वाले नेचुरल एस्ट्रोजन यानी फाइटोएस्ट्रोजन का सपोर्ट लेना चाहिए। ये हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करते हैं और फैट को इकट्ठा होने से रोकते हैं। साल 2020 में Nutrients में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, फाइटोएस्ट्रोजेन से भरपूर फूड्स का सेवन मोटापे और विसरल फैट यानी पेट की अंदरूनी चर्बी को कम करने में फायदेमंद हो सकता है।
इसके लिए आप अपनी डाइट में अलसी के बीज, सोयाबीन और टोफू आदि चीजों का सेवन कर सकते हैं। इनसे मेनोपॉज के लक्षणों जैसे हॉट फ्लैशेज और बेली फैट को कम करने में मदद मिलती है।
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2. हाई प्रोटीन डाइट
उम्र बढ़ने और मेनोपॉज के कारण महिलाओं की मांसपेशियां कम होने लगती हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म और धीमा हो जाता है। प्रोटीन आपकी मांसपेशियों को बनाए रखता है और आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता है। साल 2021 में The Journals of Gerontology: Series A में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, तय मात्रा से ज्यादा प्रोटीन का सेवन करने से पेट की चर्बी कम हो सकती है। हाई प्रोटीन डाइट वजन कम करने में मदद करता है क्योंकि ये पेट को देर तक भरा महसूस करवाता है, जिससे भूख कम लगती है।
हाई प्रोटीन डाइट में दालें, अंकुरित अनाज, पनीर, ग्रीक योगर्ट, अंडे और लीन मीट शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। ये फूड्स हड्डियों को मजबूत बनाने, मांसपेशियों को बढ़ाने और बेली फैट को कम करने में असरदार होते हैं।
3. घुलनशील फाइबर
पेट के आसपास इकट्ठे फैट को कम करने में फाइबर एक बेहतरीन विकल्प है। यह आंतों के गुड बैक्टीरिया को बढ़ाकर, इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है।
साल 2010 में The American Journal of Clinical Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, फाइबर से भरपूर डाइट का सेवन वजन और कमर की चर्बी को कंट्रोल रखने में फायदेमंद होते हैं। रोजाना 10 ग्राम ज्यादा फाइबर खाने से कमर की चर्बी में थोड़ी कमी आ सकती है। जबकि अनाज वाला फाइबर खाने से ज्यादा फायदा मिल सकता है।

इसलिए, मेनोपॉज से गुजर रही महिलाएं बेली फैट कम करने के लिए अपनी डाइट में ओट्स, दलिया, हरी पत्तेदार सब्जियां और ईसबगोल जैसे फूड्स शामिल कर सकते हैं। इन फूड्स को खाने से न सिर्फ वजन और बेली फैट कम करने के साथ ब्लोटिंग और पाचन में सुधार करने में भी मदद करता है।
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4. हेल्दी फैट्स
Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि मेनोपॉज से गुजर रही महिलाएं अपनी डाइट में हेल्दी फैट से भरपूर फूड्स शामिल कर सकती हैं। अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि फैट कम करने के लिए पूरी तरह फैट लेना बंद करना जरूरी है, जबकि यह एक गलत धारणा है। शरीर को हार्मोनल बैलेंस के लिए गुड फैट्स की जरूरत होती है। अखरोट, बादाम, ऑलिव ऑयल और गाय का घी खाना फायदेमंद होता है।
5. बेरीज और साइट्रस फ्रूट्स
साल 2023 में Nutrition Reviews में प्रकाशित स्टडी के अनुसार सिट्रस यानी खट्टे फल पेट की चर्बी कम करने का एक असरदार तरीका है। इनमें फ्लेवोनोइड्स, सिनेफ्राइन और डाइट फाइबर जैसे बायोएक्टिव कंपाउंड्स होते हैं। ये चीजें मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं और शरीर में गर्मी पैदा करने की प्रक्रिया को एक्टिव कर फैट बर्न करने में मदद करते हैं। जामुन, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, संतरा, मौसमी और आंवला जैसे फूड्स का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
डॉक्टर की सलाह
Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि मेनोपॉज के दौरान बेली फैट कम करने के लिए सिर्फ सही डाइट काफी नहीं है, बल्कि रूटीन में कुछ बदलाव करना भी जरूरी है, जैसे-
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: बेली फैट कम करने के लिए सिर्फ वॉक करना काफी नहीं है। आप हफ्ते में 3 से 4 दिन हल्का वजन उठाएं या बॉडीवेट एक्सरसाइज करें, ताकि मांसपेशियों को मजबूत किया जा सके।
- पर्याप्त नींद लें: नींद पूरी न होने से शरीर में घ्रेलिन यानी भूख बढ़ाने वाला हार्मोन बढ़ता है, जिससे रात में मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ती है।
- हाइड्रेट रहें: दिनभर में 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं। गुनगुना नींबू पानी या जीरा पानी पीना भी पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है।
निष्कर्ष
Dr.(Prof.) Anju Suryapani के अनुसार, मेनोपॉज के दौरान बेली फैट को कम करने के लिए आप अपनी डाइट में खट्टे फल, हेल्दी फैट्स, फाइबर, हाई प्रोटीन डाइट और फाइटोएस्ट्रोजन से भरपूर फूड्स को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। पेट के आसपास बढ़ता फैट इस बात का संकेत है कि अब आपके शरीर को ज्यादा देखभाल और सही पोषण की जरूरत है। हालांकि, डाइट में बदलाव के साथ सही लाइफस्टाइल और शारीरिक गतिविधियां भी जरूरी हैं।
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FAQ
मेनोपॉज में बेली फैट क्यों बढ़ता है?
मेनोपॉज में बेली फैट मुख्य रूप से एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी, मेटाबॉलिज्म धीमा होने और मांसपेशियों में कमी के कारण होता है।क्या मेनोपॉज बेली रेगुलर बेली फैट से अलग है?
हां, मेनोपॉज बेली रेगुलर बेली फैट से बिल्कुल अलग होती है। यह हार्मोनल बदलाव, मेटाबॉलिज्म के धीमा होने और विसेरल फैट के कारण होती है।
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Jul 29, 2026 12:19 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jul 29, 2026 12:19 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani