Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dt Rakshita Mehra , Consultant Dietetics

डाइट में शामिल करें ये देसी फाइबर रिच फूड्स, डाइजेशन रहेगा ऑन ट्रैक

पाचन क्रिया से जुड़ी समस्याएं होना काफी आम हो गया है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर इंडियन फूड्स को शामिल करें, जो पाचन तंत्र को हेल्दी रखने में मदद कर सकती हैं। 

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खानपान की आदतों के कारण पाचन से जुड़ी समस्याएं होना काफी आम बात है। पेट को साफ रखने और पाचन तंत्र को बेहतर रखने के लिए लोगों को अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स शामिल करने की सलाह दी जाती है। फाइबर हमारे पाचन को बेहतर रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। जब बात फाइबर की आती है तो लोग अक्सर महंगे-महंगे विदेशी विकल्पों की तरफ रूख करते हैं। हालांकि, हमारे भारत में रोजाना के खानपान में इस्तेमाल होने वाले कई फूड्स भी फाइबर का अच्छा सोर्स होते हैं, जो पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद करते हैं। इसलिए, आइए इस लेख में दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि देसी फाइबर से भरपूर फूड्स कौन-से हैं?

फाइबर से भरपूर भारतीय फूड्स

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, उत्तर भारत में मिलने वाले कई खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिनका सेवन आप आसानी से अपनी डेली डाइट में कर सकते हैं और यह आपके शरीर में फाइबर की कमी पूरी करने में मदद कर सकते हैं।

1. बाजरा और ज्वार की रोटी

भारत में बाजरा और ज्वार की रोटी लंबे समय से खाई जा रही है। ये साबुत अनाज फाइबर के अच्छे सोर्स हैं और गेहूं की रिफाइंड ब्रेड या मैदे से बने फूड्स की तुलना में ज्यादा पौष्टिक माने जाते हैं। सर्दियों में बाजरे की रोटी और गर्मियों में ज्वार की रोट शरीर को सही पोषण देने के साथ पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती है।

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2. चना और काला चना

उबला हुआ काला चना, चना या चने की सब्जी भारतीय घरों में आमतौर पर बनाई जाती है। चने में मौजूद फाइबर और प्रोटीन सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसे आप नाश्ते, सलाद या करी के रूप में खाने में शामिल कर सकते हैं, जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करते हैं और बार-बार भूख लगने की समस्या को कम कर सकती है।

3. राजमा और साबुत दालें

राजमा चावन उत्तर भारत में कई लोगों के सबसे पंसदीदा होता है। राजमा, साबुत मूंग, साबुत उड़द, मसूर और लोबिया जैसी दालें फाइबर से भरपूर होती है और यह प्लांट बेस्ड प्रोटीन का भी अच्छा सोर्स है। इन्हें हफ्ते में 2 से 3 बार डाइट में शामिल करने से पाचन बेहतर रहता है और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए यह फायदेमंद हो सकता है।

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4. मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, सरसों का साग, बथुआ, मेथी और चौलाई जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती हैं। उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान सरसों का साग और बथुआ का सेवन खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है, जो पाचन के साथ-साथ शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व की कमी पूरी करने का काम करता है।

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5. सलाद

उत्तर भारत में भोजन के साथ सलाद शामिल करना आम बात है। गाजर, मूली, खीरा, टमाटर और प्याज जैसे कच्चे सलाद फाइबर का अच्छा सोर्स होते हैं। भोजन के साथ एक कटोरी सलाद खाने से न सिर्फ पाचन क्रिया बेहतर होती है, बल्कि ज्यादा खाने की आदत पर भी कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष

फाइबर से भरपूर फूड्स का सेवन करने के लिए आपको महंगे खाद्य पदार्थों की जरूरत नहीं है, बल्कि उत्तर भारत की रसोई में मौजूद कुछ खास फूड्स के सेवन से शरीर में फाइबर की कमी को पूरा किया जा सकता है। बाजरा, ज्वार, राजमा, चना, साबुत दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद का सेवन आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इसलिए, पाचन को बेहतर रखने और हेल्दी रहने के लिए आप इन फूड्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और नियमित रूप से संतुलित डाइट लें।
Image Credit: Freepik

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 30, 2026 22:57 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jun 30, 2026 22:57 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dt Rakshita Mehra

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