जब मैं फील्ड वर्क पर थी, तो फिट रहती थी। जैसे ही मैंने डेस्ब जॉब को चुना, वजन तेजी से बढ़ा। जब कि मैं जंक फूड्स से बहुत दूर थी, बाहर का खाना भी हेल्दी विकल्पों में से चुनती थी। फिर भी मेरा वजन बढ़ रहा था। कुछ साल डेस्क जॉब पर रहने के बाद पेट पर जमा चर्बी साफ नजर आने लगी थी। कपड़े फिट ही नहीं आते थे। मेरी फैमिली डॉक्टर ने मुझे सलाह दी कि पेट की चर्बी कम करो वरना डायबिटीज हो जाएगी। एक्सपर्ट्स अक्सर यह बताते हैं कि शुगर लेवल और पेट की चर्बी का गहरा कनेक्शन है। इस सवाल पर लोग अक्सर कंफ्यूज हो जाते हैं कि सिर्फ पेट की चर्बी ही क्यों? फैट तो आखिर फैट होता है और वो चाहे किसी भी अंग का बढ़ जाए, लेकिन बेली फैट और ब्लड शुगर लेवल का सीधा कनेक्शन क्यों है? क्या सच में पेट की चर्बी कम करके हम शुगर लेवल घटा सकते हैं? इस सवाल का जवाब रिसर्च और एक्सपर्ट्स की मदद से आगे जानेंगे।

इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है
National Library Of Medicine की एक स्टडी के मुताबिक, पेट के हिस्से में ज्यादा फैट जमा होने से कोशिकाओं में इंसुलिन का असर हो सकता है जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। फैट टिशू से होने वाली सूजन के कारण इंसुलिन रिसेप्टर्स सही तरीके से काम नहीं कर पाते हैं। इस वजह से शरीर को शुगर कंट्रोल करने के लिए ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है जिससे मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ने लगता है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि मोटापा, सूजन और फैट जमा होने से इंसुलिन रेजिस्टेंस, टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
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पेट की चर्बी बढ़ने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है
Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया कि पेट की चर्बी बढ़ने से शरीर में ज्यादा फैट इकट्ठा होता है जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और इससे सूजन भी बढ़ती है। शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने से इंसुलिन रिसेप्टर्स को नुकसान पहुंचता है। इस स्थिति में इंसुलिन को अपना काम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है ताकि शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सके।
पेट की चर्बी घटाने से शुगर लेवल घटता है
Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया कि पेट की चर्बी कम होने से शुगर लेवल कम हो सकता है। जब भी पेट की चर्बी बढ़ती है, तो कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर (MSD) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बेली फैट कम करने से टाइप 2 डायबिटीज से बचने में मदद मिलती है। अगर बेली साइज 40 से कम होता है, तो डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है। अगर बेली फैट 40 से ज्यादा होता है, तो कार्डियोवैस्कुलर और किडनी डिसआर्डर का खतरा हो सकता है। डॉ. श्रेय ने बताया कि पुरुषों के मुकाबले, महिलाओं में पेट की चर्बी ज्यादा होने के कारण ये समस्याएं होने आशंका ज्यादा होती है।
निष्कर्ष:
पेट की चर्बी और शुगर लेवल का सीधा कनेक्शन रिसर्च में देखा गया है और एक्सपर्ट्स से बातचीत के आधार पर यह कहा जा सकता है कि पेट की चर्बी कम करके शुगर लेवल घटाने में मदद मिल सकती है।
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FAQ
बेली को कम करने के लिए क्या करें?
बेली फैट को कम करने के लिए हेल्दी डाइट लें, रोजाना एक्सरसाइज करें, नींद पूरी करें और स्ट्रेस घटाएं। बेली फैट घटाने के लिए प्रोसेस्ड फूड्स, मीठे ड्रिंक्स और लंबे समय तक बैठने की आदत से भी बचें।बेली फैट कम करने के लिए कौन सी एक्सरसाइज करें?
बेली फैट कम करने के लिए ब्रिस्क वॉक, रनिंग जैसी एक्सरसाइज फायदेमंद होती हैं। बेली फैट घटाने के लिए क्रेचेस, लेग रेज भी फायदेमंद होते हैं।विसरल फैट क्या होता है?
विसरल फैट पेट के अंदर जमा होने वाली चर्बी होती है। यह मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है और डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकती है।
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Current Version
Mar 02, 2026 16:00 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Mar 02, 2026 16:00 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma