Fri Sep 11, 2026 | 09:00 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

ग्लाइसेमिक vs इंसुलिन इंडेक्स: क्‍या है अंतर? शुगर कंट्रोल के ल‍िए एक्‍सपर्ट से जानें सही जवाब

Glycemix and Insulin Index Difference: ग्लाइसेमिक और इंसुल‍िन इंडेक्‍स की मदद से डायब‍िटीज और वजन कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। इंसुल‍िन इंडेक्‍स द‍िखाता है क‍ि भोजन ने शरीर में क‍ितना इंसुल‍िन र‍िलीज क‍िया है और जीआई से पता चलता है क‍ि भोजन शुगर लेवल को क‍ितनी जल्‍दी बढ़ा रहा है।

हम जो भी खाते हैं उसका सीधा असर हमारे ब्‍लड शुगर लेवल पर पड़ता है। इससे यह तय होता है क‍ि शरीर में क‍ितनी एनर्जी रहेगी, मेटाबॉल‍िक हेल्‍थ कैसी रहेगी, डायब‍िटीज का स्‍तर क्‍या होगा और वजन कैसे मैनेज होगा आदि‍। इसके ल‍िए दो चीजों का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। पहला है ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स (Glycemic Index) और दूसरा है इंसुल‍िन इंडेक्‍स (Insulin Index)। यह दोनों सुनने में एक जैसे ही लगते हैं, लेक‍िन इनमें फर्क है। डाइट और शुगर लेवल को समझने के ल‍िए इन दाेनों के बीच के अंतर को समझना जरूरी है, तो चल‍िए जानते हैं दोनों के बीच का अंतर और एक्‍सपर्ट की राय। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स क्‍या होता है?- What Is Glycemic Index

  • Nutritionist, Neha Sinha ने बताया क‍ि ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स एक (0-100) तक का स्‍केल है जो यह बताता है क‍ि क‍िसी भी चीज को खाने के बाद आपका ब्‍लड शुगर लेवल क‍ितनी तेजी से बढ़ता है। हर भोजन की तुलना ग्‍लूकोज (GI=100) से की जाती है।
  • जीआई स्‍कोर जानने से ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।
  • जीआई स्‍कोर जानने से आप खुद के ल‍िए हेल्‍दी व‍िकल्‍प चुन सकते हैं और क्रेव‍िंग्‍स को कंट्रोल कर सकते हैं।
  • जीआई कई चीजों पर न‍िर्भर करता है जैसे खाने में प्रोटीन, फैट, फाइबर की मात्रा, कुक‍िंग मेथड, कार्ब्स का प्रकार वगैरह।

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हाई जीआई फूड्स क्‍या होते हैं?- What Are High GI Foods

हाई जीआई फूड्स का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है। उदाहरण के ल‍िए सफेद ब्रेड, आलू या शुगरी ड्र‍िंक्‍स का सेवन करके शुगर लेवल तेजी से ऊपर जा सकता है। Nutritionist, Neha Sinha ने बताया क‍ि हाई जीआई फूड्स वो होते हैं ज‍िनका जीआई स्‍काेर 70 से ज्‍यादा होता है। वहीं 56 से 69 जीआई स्‍कोर वाले फूड्स मीड‍ियम जीआई फूड्स कहलाते हैं।

लो जीआई फूड्स क्‍या होते हैं?- What Are Low GI Foods

लो जीआई फूड्स का सेवन डायब‍िट‍िक मरीजों के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है। लो जीआई फूड्स वो होते हैं ज‍िनका जीआई स्‍कोर 55 या उससे कम होता है। इनका सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल तुरंत नहीं बढ़ता। उदाहरण के ल‍िए ओट्स, होल ग्रेन्‍स या स‍िट्रस फलों का सेवन करके शुगर लेवल जल्‍दी नहीं बढ़ता।

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इंसुल‍िन इंडेक्‍स क्‍या होता है?- What Is Insulin Index

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इंसुल‍िन इंडेक्‍स से यह पता चलता है क‍ि क‍िसी चीज को खाने के बाद आपका शरीर क‍ितनी मात्रा में इंसुल‍िन र‍िलीज करता है। इंसुल‍िन इंडेक्‍स को जानना इसल‍िए जरूरी है क्‍योंक‍ि इंसुल‍िन की प्रत‍िक्र‍िया हमेशा ब्‍लड शुगर लेवल के अनुपात में नहीं होती है। कई बार ऐसे खाद्य पदार्थ जो ब्‍लड शुगर को थोड़ा ही बढ़ाते हैं, शरीर में ज्‍यादा इंसुल‍िन र‍िलीज कर सकते हैं। उदाहरण के ल‍िए डेयरी प्रोडक्‍ट जैसे योगर्ट का जीआई कम होता है, लेक‍िन इसका इंंसुल‍िन इंडेक्‍स ज्‍यादा होता है।

ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स और इंसुल‍िन इंडेक्‍स में अंतर- Difference Between Glycemic Index And Insulin Index

  • इंसुल‍िन फैट स्‍टोरेज, भूख और मेटाबॉल‍िक रेट को कंट्रोल करता है। इसकी मदद से वेट गेन, मोटापा और इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस को समझने में मदद म‍िलती है। जैसे क‍ि हमने अभी समझा क‍ि कई फूड्स ऐसे होते हैं ज‍िनका जीआई स्‍कोर कम होता है पर इंसुल‍िन इंडेक्‍स हाई होता है जैसे दूध या योगर्ट। यानी ये ब्‍लड शुगर लेवल जल्‍दी नहीं बढ़ाते, लेक‍िन शरीर में इंसुलिन प्रतिक्रिया को तेज कर सकते हैं।
  • ज‍िन लोगों को इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस की समस्‍या है, पीसीओएस, मोटापा या मेटाबॉल‍िक स‍िंड्रोम है उनके ल‍िए इंसुल‍िन इंडेक्‍स ज्‍यादा अच्‍छा टूल है। वहीं ज‍िन लोगों को डायब‍िटीज है, उनके ल‍िए ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स ज्‍यादा फायदेमंद टूल है क्‍योंक‍ि इससे शुगर स्‍पाइक्‍स को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

न‍िष्‍कर्ष:

ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स बताता है क‍ि जो कुछ आपने खाया है उसका ब्‍लड शुगर लेवल पर क्‍या असर होगा? वहीं इंसुल‍िन इंडेक्‍स बताता है क‍ि जो कुछ आपने खाया है वो इंसुल‍िन लेवल पर क्‍या असर छोड़ेगा? स्‍वस्‍थ रहने के ल‍िए दोनों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। दोनों की मदद से पता चलता है क‍ि जो कुछ खाया है उसका मेटाबॉल‍िज्‍म, क्रेव‍िंग्‍स, फैट स्‍टोरेज और सेहत पर क्‍या असर हो रहा है।

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FAQ

  • इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस क्‍या होता है?

    जब कोश‍िकाएं इंसुल‍िन को ठीक से नहीं पहचान पातीं तब ब्‍लड शुगर कोश‍िकाओं में नहीं जा पाता और शरीर ज्‍यादा इंसुल‍िन बनाने लगता है, इसे इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस कहते हैं।
  • ग्‍लूकोज क्‍या होता है?

    ग्‍लूकोज शरीर का ऊर्जा स्रोत है जो हमें भोजन से म‍िलता है। इंसुल‍िन की मदद से ग्‍लूकोज कोश‍िकाओं तक पहुंचता है। यह कोश‍िकाओं को ऊर्जा देता है।
  • ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्‍या है?

    ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स वो स्‍केल है जो बताता है क‍ि भोजन ब्‍लड शुगर को क‍ितनी तेजी से बढ़ाता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 12, 2025 09:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Dec 12, 2025 09:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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