आज के समय में बहुत सी महिलाएं पीसीओएस की समस्या से परेशान रहती हैं। PCOS को PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) के नाम से भी जाना जाता है। इसके कारण महिलाओं को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। यह स्थिति शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याओं के कारण होती है। इस स्थिति में महिलाओं को अक्सर कम मीठे वाली, लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली और हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में आइए जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानें।
PMOS में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स
पीएमओएस की स्थिति के गंभीर होने और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने पर महिलाओं को टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल से जुड़ी बीमारियों जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।
डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, पीएमओएस की स्थिति में खाने का सही चुनाव करना जरूरी हो जाता है, खासकर ऐसे फूड्स जो ब्लड शुगर को तेजी से प्रभावित न करें और धीरे-धीरे बढ़ाए। इसलिए PMOS और इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स यानी GI वाले फूड्स को खाने की सलाह दी जाती है।
1. सब्जियां खाएं
PMOS या इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति में महिलाओं को लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले नॉन-स्टार्च वाली सब्जियों, जैसे पालक, मेथी, तोरई, भिंडी, फूलगोभी, पत्तागोभी, लौकी, खीरा, टमाटर और शिमला मिर्च को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
इन सब्जियों में अच्छी मात्रा में फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं। इनको खाने से शरीर में अचानक से ब्लड शुगर नहीं बढ़ता है और पाचन दुरुस्त रहता है। कोशिश करें कि प्लेट में सब्जियों की अच्छी मात्रा हो और उन्हें बहुत ज्यादा तेल में पकाने के बजाय कम तेल में बनाए।
इसे भी पढ़ें: PMOS में इन फूड्स से बनाएं दूरी, बढ़ सकती हैं परेशानियां
2. दालें और फलियां खाएं
पीएमओएस की स्थिति में महिलाएं फाइबर और प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों से युक्त दालों और फलियों जैसे - राजमा, लोबिया, चना और दालों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनको बैलेंस तरीके से अपने खाने में शामिल करें।
low glycemic foods for pmos and insulin resistance 1 (4)
3. साबुत अनाज खाएं
PMOS और इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति में गेंहू के आटे, जौ, ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस, कुट्टू, क्विनोआ, साबुत अनाज से बने पास्ता एंव ब्रेड और अन्य साबुत अनाज को डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है।
PMOS की स्थिति में सिर्फ कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। इस स्थिति में कार्बोहाइड्रेट की टाइप और इनकी मात्रा ज्यादा जरूरी है। ध्यान रहे, पीएमओएस की समस्या में सफेद, ब्रेड, मैदा से बने अन्य प्रोसेस्ड कार्ब्स को खाने से बचें।
3. फल खाएं
अच्छे स्वास्थ्य के लिए पीएमओएस में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद होते है। इसके लिए सेब, अमरूद, संतरा, नाशपाती, कीवी, बेरीज और प्लम जैसे फल खाएं। इनमें अच्छी मात्रा में फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने और पाचन को दुरुस्त करने में मदद करता है।
4. ड्राई फ्रूट्स खाएं
पीएमओएस की स्थिति में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और विटामिन्स जैसे पोषक तत्वों से भरपूर अखरोट और बादाम जैसे ड्राई फ्रूट्स को डाइट में शामिल करें। इनका सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार करने में मदद मिलती है।
इसे भी पढ़ें: PMOS में क्यों झड़ने लगते हैं बाल? डॉक्टर से जानें इससे राहत के उपाय
5. सीड्स खाएं
इंसुलिन रेजिस्टेंस और पीएमओएस की समस्या होने पर महिलाओं को चिया सीड्स, अलसी के बीज, मेथी दाने और कद्दू के बीज को डाइट में शामिल करें। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
6. प्रोटीन युक्त फूड्स खाएं
हाई प्रोटीन डाइट लेने से PMOS और इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार करने में मदद मिलती है। इसके लिए डाइट में सेल्मन मछली, चिकन, अंडे, ग्रीक योगर्ट, बीन्स, पनीर और टोफू को शामिल करें। इनसे स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।
कार्बोहाइड्रेट वाले खाने के साथ प्रोटीन और फाइबर वाले फूड्स लेना बैलेंस डाइट का एक हिस्सा है। अगर किसी व्यक्ति को किडनी या दूसरी स्वास्थ्य समस्या है, तो प्रोटीन की मात्रा डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
7. हेल्दी फैट्स खाएं
हेल्दी फैट्स और एंटी इंफ्लेमेटरी के गुणों से भरपूर फूड्स को बैलेंस मात्रा में डाइट में लेने से शरीर को एनर्जी देने, इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार करने, स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने और बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलती है। हेल्दी फैट्स के लिए एवोकाडो और ऑलिव ऑयल को लिया जा सकता है।
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स लेना क्यों है जरूरी?
डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन आगे कहती हैं, लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स धीरे-धीरे पचते हैं और अवशोषित होते हैं। जिससे खाना खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता है।
साल 2021 में Heliyon Journal में प्रकाशित सिस्टमेटिक रिव्यू के अनुसार, लो ग्लाइसेमिक डाइट (LGD) पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) के खतरे को कम करने और इसके लक्षणों और मेडिकल रिपोर्ट में सुधार करने में एक अहम भूमिका निभा सकती है।
पीएमओएस की स्थिति में इन बातों का रखें ध्यान
पीएमओएस की स्थिति में महिलाओं को लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। ऐसा न करने से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- चाय-कॉफी, मिठाइयों, पैकेज्ड स्नैक्स, अधिक मैदा, अधिक प्रोसेस्ड फूड्स जैसे फूड्स का सेवन सीमित करना चाहिए।
- बैलेंस डाइट लें।
- नियमित एक्सरसाइज करें।
- भरपूर नींद लें।
- स्ट्रेस को मैनेज करें।
निष्कर्ष
पीएमओएस और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने पर इससे राहत के लिए डाइट में सब्जियों, दालें, फलियों, साबुत अनाज, फल, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करें। ध्यान रहे, हेल्दी डाइट के साथ-साथ हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना भी जरूरी है। स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
All Images Credit- Freepik
FAQ
पीसीओएस के 5 लक्षण क्या हैं?
पीसीओएस की समस्या में महिलाओं को पीरियड्स के असंतुलित होने, शरीर और चेहरे पर अनचाहे बाल आने, मुंहासे होने, बालों के झड़ने या पतले होने और तेजी से वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।पीसीओएस में कौन से फूड्स से बचना चाहिए?
पीसीओएस की समस्या होने पर महिलाओं को कोल्ड ड्रिंक्स, ब्रेड, मैदा, पैकेज्ड फूड्स, मिठाइयां होने, तला-भुना खाना खाने, फास्ट फूड, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 09, 2026 21:13 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Archana Jain
-1786289497164.webp)