आज के समय में बहुत सी महिलाएं पीएमओएस की समस्या से परेशान रहती हैं। PMOS, जिसे पहले PCOS के नाम से जाना जाता था। इस स्थिति में शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने, सूजन आने, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होने, इंसुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं होती हैं। यह समस्या खान-पान, फिजिकल एक्टिविटीज की कमी, पर्याप्त नींद न लेने और रोज की अन्य आदतों के कारण होती हैं। इस स्थिति में खानपान पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। इसके लिए डाइट में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और अन्य पोषक तत्वों से युक्त कुछ फलों को शामिल किया जा सकता है। ऐसे में आइए इस बारे में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानें।
PMOS के लिए 7 फल
डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, PMOS में इंसुलिन रेजिस्टेंस और ब्लड शुगर से जुड़ी समस्याएं होती हैं। इस स्थिति में महिलाओं को फाइबर जैसे पोषक तत्वों से युक्त साबुत फलों को डाइट में शामिल करना चाहिए। इनसे पाचन प्रक्रिया में सुधार करने और शुगर के अवशोषण को स्लो करने में मदद मिलती है।
1. बैरीज खाएं
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी और ब्लैकबेरी जैसे बैरीज को पीएमओएस की डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनमें अच्छी मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स के गुण होते हैं, साथ ही इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। ऐसे में इनको दही के साथ या सादा खाया जा सकता है।
इनका सेवन करने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम को करने, ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने, सूजन कम करने और ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।
साल 2019 में Food & Function में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, बेरीज (ब्लूबेरी, क्रैनबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी) डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी फायदेमंद हो सकती हैं। ये हमारे ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल (लिपिड) के स्तर को सुधारती हैं, शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ाती हैं और एथेरोस्क्लेरोसिस यानी धमनियों में ब्लॉकेज होने की समस्या के लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं।
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2. नाशपाती खाएं
नाशपानी में अच्छी मात्रा में फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व होते हैं। इसका सेवन करने से शरीर में एंड्रोजन के स्तर को कम करने, हार्मोन्स को बैलेंस करने, पाचन में सुधार करने और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है। ये स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
3. हरे सेब खाएं
PMOS में हरे सेब को खाना फायदेमंद होता है। इनमें पेक्टिन नामक सॉल्यूबल फाइबर होता है। इसका सेवन करने से पाचन प्रक्रिया स्लो हो जाती है, जिससे ब्लड शगुर का स्तर तेजी से नहीं बढ़ता है। इसका सेवन करने से पीएमओएस में होने वाली इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या से राहत मिल सकती है।
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4. अमरूद खाएं
PMOS में अमरूद को हेल्दी फलों में से एक माना जाता है। इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व होते हैं, साथ ही इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। अमरूद को स्नैक के रूप में लेने से स्ट्रेस को कम करने, हार्मोन्स को बैलेंस करने, पाचन प्रक्रिया में सुधार करने, इम्यूनिटी को बूस्ट करने और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।
5. कीवी खाएं
कीवी में अच्छी मात्रा में फाइबर और विटामिन सी जैसे कई पोषक तत्व होते हैं, साथ ही इनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और एंटीऑक्सीडेंट्स के गुण भी पाए जाते हैं। इसे नाश्ते या दिन के किसी स्नैक में शामिल किया जा सकता है। कीवी का सेवन करने से पाचन प्रक्रिया को बेहतर करने और हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद मिल सकती है।
ध्यान रहे, अगर किसी महिला को कीवी से एलर्जी या इसे खाने के बाद कोई परेशानी होती है, तो इसे डाइट में शामिल न करें
6. चेरीज खाएं
चेरी को भी पीएमओएस की स्थिति में फायदेमंद माना जाता है। इनमें अच्छी मात्रा में फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व, साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण होते हैं। इनका सेवन करने से शरीर की सूजन को कम करने, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने और पाचन में सुधार करने में मदद मिलती है।
इसके अलावा, चेरीज में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। ऐसे में इनका सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर तेजी से नहीं बढ़ता है।
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7. नींबू को डाइट में शामिल करें
नींबू में सीट्रिक एसिड होता है, जो लिवर के कार्यों को बेहतर करने और पाचन प्रक्रिया में सुधार करने में मदद करता है, जिससे हार्मोन्स को बैलेंस करने में भी मदद मिलती है। ऐसे में अच्छे स्वास्थ्य के लिए नींबू को हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर पिया जा सकता है।
हेल्दी लाइफस्टाइल भी है जरूरी
डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं, PMOS को मैनेज करने के लिए साबुत फलों को खाना फायदेमंद होता है। इनके साथ-साथ डाइट में साबुत अनाज, पोषक तत्वों से युक्त सब्जियों, दालें, नट्स और सीड्स को डाइट में शामिल करें। इसके अलावा. नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटीज करें, भरपूर नींद लें, पर्याप्त पानी पिएं और स्ट्रेस को कम करें।
निष्कर्ष
PMOS में बैरीज, नाशपाती, हरे सेब, अमरूद, कीवी, चेरी और नींबू जैसे फलों को बैलेंस डाइट में शामिल किया जा सकता है। इन फलों में अच्छी मात्रा में फाइबर और अन्य पोषक तत्व होते हैं, साथ ही इनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। ऐसे में इनका सेवन करने से ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकने, पाचन प्रक्रिया में सुधार करने और शरीर में हार्मोन्स को बैलेंस करने में कुछ हद तक मदद मिल सकती है, लेकिन ध्यान रहे, पीएमओएस को मैनेज करने के लिए पूरी तरह फलों पर निर्भर न रहें।
इसके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना भी जरूरी है। इसके अलावा, पीएमओएस की स्थिति में इससे जुड़े लक्षणों के अधिक दिखने या इससे जुड़ी अन्य परेशानियां होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
गंभीर पीसीओएस के क्या लक्षण हैं?
गंभीर पीसीओएस की स्थिति में महिलाओं को पीरियड्स न आने, शरीर और चेहरे पर अनचाहे बाल आने, गंभीर मुंहासे होने, तेजी से वजन बढ़ने, वजन कम करने में परेशानी होने, प्रेग्नेंसी में परेशानी होने, फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या होने और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या हो सकती है।PCOS में क्या नहीं खाना चाहिए?
पीसीओएस या पीएमओएस की स्थिति में महिलाओं को अधिक तले-भूने, ज्यादा चीनी वाले, सफेद ब्रेड, रेड मीट, मैदा से बनी चीजों, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड्स को खाने से बचना चाहिए।
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Current Version
Aug 19, 2026 18:52 IST
Modified By : Priyanka Sharma Aug 19, 2026 18:52 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Archana Jain
