PMOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं में होने वाली एक आम हार्मोनल और मेटाबॉलिक कंडीशन है। इंटरनेट पर इससे जुड़ी कई गलतफहमियां मौजूद हैं। अधूरी जानकारी के कारण कई महिलाएं को PMOS के लक्षणों को समझने, समय पर डॉक्टर से सलाह लेने और सही इलाज शुरू करने में देरी हो जाती है। ये मिथक महिलाओं के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं। आइए जानते हैं PMOS से जुड़े ऐसे ही कुछ आम मिथक और उनके पीछे की सच्चाई। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Vidya Tickoo, Consultant Endocrinologist & Diabetologist At Yashoda Hospitals, Hitech City Hyderabad से बात की।
मिथक 1: PMOS सिर्फ ज्यादा वजन वाली महिलाओं को होता है

PMOS किसी भी शरीर के आकार या वजन वाली महिला को हो सकता है। यह जरूरी नहीं है कि यह केवल अधिक वजन वाली महिलाओं में ही होगा। अगर पीरियड्स अनियमित हैं, चेहरे पर अनचाहे बाल नजर आते हैं या एक्ने जैसी समस्या लगातार रहती है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। यह समस्या कम वजन वाली महिलाओं में भी हो सकती है। पतली महिलाओं में भी हार्मोनल असंतुलन और अनियमित ओव्यूलेशन हो सकता है।
मिथक 2: PMOS होने पर प्रेग्नेंसी संभव नहीं है
PMOS होने का मतलब यह नहीं है कि महिला गर्भवती नहीं हो सकती। कई महिलाएं अनियमित ओव्यूलेशन के बावजूद गर्भधारण कर सकती हैं। हालांकि, अनियमित ओव्यूलेशन प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है। कुछ महिलाओं को गर्भधारण के लिए फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए PMOS का पता चलने पर गर्भधारण की संभावना को लेकर घबराने के बजाय डॉक्टश्र से सलाह लेना बेहतर है।
मिथक 3: PMOS होने पर अंडाशय में हमेशा सिस्ट होती है
कई महिलाओं को लगता है कि अंडाशय में सिस्ट होना PMOS की निशानी है, लेकिन यह सच नहीं है। PMOS में दिखाई देने वाले सिस्ट आमतौर पर अंडाशय में मौजूद अपरिपक्व फॉलिकल्स होते हैं। PMOS का इलाज केवल इन सिस्ट की मौजूदगी के आधार पर नहीं किया जाता है। Mayo Clinic के मुताबिक, PMOS में अंडाशय की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है इसलिए फॉलिकल्स से अंडे अक्सर बाहर नहीं निकल पाते हैं, लेकिन ओवेरियन सिस्ट होना PMOS की निशानी नहीं है।
मिथक 4: PMOS का कारण केवल खराब लाइफस्टाइल है
PMOS एक जटिल हार्मोनल और मेटाबॉलिक समस्या है, जिसमें आनुवंशिक कारणों की भी भूमिका हो सकती है। इसके पीछे हमेशा केवल खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी या तनाव जैसे ही कारण नहीं हो सकते।
मिथक 5: बर्थ कंट्रोल पिल्स है PMOS का इलाज
बर्थ कंट्रोल पिल्स से PMOS पूरी तरह ठीक नहीं होता। हालांकि, ये पीरियड्स को नियमित करने और मुंहासे एवं शरीर पर अनचाहे बाल जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। लंबे समय तक इलाज में जीवनशैली में बदलाव और महिला की मेटाबॉलिक एवं प्रजनन संबंधित जरूरतों के अनुसार ही इलाज किया जाता है।
PMOS के लक्षण हर महिला में अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल वजन, अल्ट्रासाउंड में सिस्ट या पीरियड्स की अनियमितता में से किसी एक चीज के आधार पर खुद से PMOS का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेने से बीमारी की सही जांच और महिला की जरूरत के अनुसार इलाज जल्द शुरू किया जा सकता है।
निष्कर्ष:
PMOS से जुड़े ऐसे कई मिथक हैं जो सही नहीं हैं जैसे- PMOS सिर्फ ज्यादा वजन वाली महिलाओं को होता है, PMOS होने पर महिला गर्भवती नहीं हो सकती, PMOS में अंडाशय में सिस्ट होना जरूरी है, PMOS सिर्फ खराब खान-पान, एक्सरसाइज की कमी या तनाव के कारण होता है और बर्थ कंट्रोल पिल्स से PMOS पूरी तरह ठीक हो जाता है। इन सभी मिथकों पर भरोसा न करें और PMOS के संकेत नजर आने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
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FAQ
क्या PMOS में गर्भधारण करना मुश्किल होता है?
कुछ महिलाओं में अनियमित ओव्यूलेशन के कारण गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है, लेकिन PMOS का मतलब यह नहीं है कि महिला गर्भवती नहीं हो सकती।क्या वेट लॉस करने से PMOS ठीक हो सकता है?
वेट लॉस से कुछ महिलाओं में पीरियड्स, ओव्यूलेशन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलती है, लेकिन इसे PMOS का स्थायी इलाज नहीं माना जाता है।
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Current Version
Sep 01, 2026 19:47 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Sep 01, 2026 19:47 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Vidya Tickoo