Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Monica Agarwal , Senior Consultant – Obstetrics & Gynaecology

पीरियड्स में ब्लड का रंग बदलना कितना सामान्य? डॉक्टर से जानें भूरा या काला डिस्चार्ज दिखने की वजह

पीरियड्स में कई महिलाओं को लाल रंग के बजाय भूरा या काला रंग आने लगता है। कई बार महिलाएं यह देखकर घबरा जाती हैं, लेकिन ब्लीडिंग के दौरान इन रंगों का खास मतलब होता है। जानने के लिए आपको यह लेख जरूर पढ़ना चाहिए। 

पीरियड्स शुरू होते ही कई महिलाओं को बहुत ज्यादा दर्द होता है, तो कुछ महिलाओं को ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होती है। कई बार ब्लीडिंग का रंग लाल से भूरा या काला दिखने लगता है, तो महिलाएं डर जाती है कि कहीं भूरा रंग या काला रंग आना किसी बीमारी का संकेत तो नहीं है। पीरियड्स में ब्लीडिंग के दौरान भूरा या काला रंग आने के कारणों को जानने के लिए हमने Dr. Monica Aggarwal, Associate Director, Department of Obestrics and Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Chandigarh से बात की।

उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामलों में यह किसी बीमारी का संकेत नहीं होता है। पीरियड्स के दौरान ब्लड का रंग बदलना सामान्य हो सकता है। यह अक्सर इस बात पर निर्भर करता है कि ब्लड कितनी तेजी से यूटरस और वजाइना से बाहर निकल रहा है और शरीर के अंद कितनी देर रहा है।

लाल रंग की ब्लीडिंग होना

Clevland Clinic के अनुसार, पीरियड्स के दौरान निकलने वाला ब्लड जितना समय यूटरस और योनि में रहता है, वह ऑक्सीजन के संपर्क में आकर ऑक्सीडाइज होता है। इस वजह से रंग उतना ही गहरा हो जाता है। पीरियड्स में लाल रंग शुरुआती दिनों में दिखाई देता है और गहरा लाल रंग पीरियड्स शुरू होने के बाद दिखने लगता है। इसका मतलब है कि ब्लड यूटरस में कुछ समय तक रहा है और इसके साथ छोटे रक्त के थक्के भी आ सकते हैं।

Dr. Monica Aggarwal कहती हैं, “अगर ब्लीडिंग ज्यादा होती है, तो ब्लड का रंग चमकदार लाल हो जाता है। इसका मतलब है कि महिला की अच्छी हेल्थ है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं होती। कुछ महिलाओं को ब्लीडिंग फ्लो हल्का होता है, तो ब्लड को बाहर आने में समय लग सकता है।”

उन्होंने बताया कि अगर रातभर सोने के बाद गहरा लाल रंग दिखे, तो कोई दिक्कत की बात नहीं होती। कभी-कभी इसमें छोटे ब्लड के थक्के आ सकते हैं, लेकिन अगर अचानक बहुत बड़े क्लॉट्स आने लगें या संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।”

भूरे रंग की ब्लीडिंग होना

Clevland Clinic के मुताबिक, भूरे रंग की ब्लीडिंग पीरियड्स के आखिरी दिनों में दिखती है। यह बहुत पुराना ब्लड होता है, जो डिस्चार्ज के साथ मिलकर डार्क ब्राउन नजर आता है।

Dr. Monica Aggarwal ने कहा, “दरअसल, पीरियड्स के दौरान कुछ ब्लड यूटरस या वजाइना के पास काफी समय रहता है, तो लाल रंग का ब्लड धीरे-धीरे भूरे रंग का होने लगता है। कई महिलाओं को पीरियड्स खत्म होने के पहले एक-दो दिन भूरे रंग का ब्लड दिखाई दे सकता है। यह सामान्य पीरियड्स का पैटर्न होता है। कई बार हल्की ब्लीडिंग हो सकती है।”

period bleeding colour

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काले रंग की ब्लीडिंग होना

Dr. Monica Aggarwal का कहना है, “बहुत गहरा भूरा ब्लड कभी-कभी काला दिखाई दे सकता है। खासतौर पर पीरियड्स के आखिरी दिनों में जब ब्लीडिंग कम हो जाती है और पुराना ब्लड धीरे-धीरे बाहर निकलता है, तब ऐसा रंग नजर आ सकता है। इसलिए सिर्फ काले रंग के ब्लड को देखकर नहीं सोचना चाहिए कि कोई बीमारी है। सबसे जरूरी समझना होता है कि ब्लीडिंग का पैटर्न सामान्य साइकल से कितना अलग है और पीरियड्स के दौरान लक्षण क्या है।”

क्या हर महीने पीरियड्स का ब्लड एक जैसा होना चाहिए?

Dr. Monica Aggarwal ने बताया कि एक साइकल की शुरुआत में चमकदार लाल रंग, फिर गहरा लाल और आखिर में भूरा रंग हो सकता है। हर बार ऐसा ही हो, यह भी जरूरी नहीं होता। ब्लीडिंग की मात्रा और समय में बदलाव हो सकता है। पीरियड्स का साइकल आमतौर पर 21 से 35 दिनों के बीच हो सकता है और ब्लीडिंग करीब 3 से 7 दिन तक रह सकती है। हालांकि, यह भी सभी महिलाओं में अलग-अलग हो सकता है। इसलिए पीरियड के रंग या मात्रा को देखकर किसी बीमारी के बारे में नहीं कहा जा सकता।

पीरियड्स में कौन-से लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए?

Clevland Clinic की इस रिपोर्ट के अनुसार, पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग का रंग ज्यादा जानकारी नहीं देता, लेकिन अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।

  • सिक्के या उससे बड़े आकार के ब्लड क्लॉट्स आना।
  • लगातार हर घंटे एक पैड या टैम्पोन बदलने की जरूरत पड़ना।
  • पीरियड्स का समय से बहुत पहले या बहुत देर से आना।
  • पीरियड्स का सामान्य से ज्यादा दिनों तक चलना या बीच में अचानक ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होना।
  • पेट में बहुत तेज दर्द होना

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निष्कर्ष
Dr. Monica Aggarwal कहती हैं कि अगर सिर्फ ब्लड का रंग भूरा या काला है और बाकी सब सामान्य पीरियड जैसा है, तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। अगर ब्लीडिंग के साथ दर्द, कमजोरी, बुखार या बदबूदार डिस्चार्ज हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी कंडीशन में महिलाओं को डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।

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FAQ

  • क्या प्रेग्नेंसी की शुरुआत में भूरा या हल्का गुलाबी डिस्चार्ज हो सकता है?

    कंसीव करने के लगभग 10 से 18 दिन बाद भ्रूण के गर्भाशय में चिपकने से इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग होती है, जो हल्की भूरी या गुलाबी स्पॉटिंग जैसी दिखती है और 2 से 3 दिन में बंद हो जाती है।
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) होने पर क्या पीरियड ब्लड का रंग बदल जाता है?

    UTI सीधे पीरियड ब्लड का रंग नहीं बदलता, लेकिन पेशाब के दौरान यूरिनरी ट्रैक्ट से निकलने वाला मवाद या खून पीरियड डिस्चार्ज के साथ मिलकर उसका रंग हल्का, मटमैला या नारंगी जैसा दिखा सकता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 01, 2026 19:18 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Monica Agarwal

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