Fri Sep 11, 2026 | 06:01 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग को न करें नजरअंदाज, ये 7 लक्षण दिखते ही डॉक्टर को दिखाना जरूरी

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को ब्लीडिंग ज्यादा या कम होना, दोनों ही परेशानी होने का संकेत हो सकते हैं। अगर ब्लीडिंग ज्यादा हैवी हो और इसके साथ कुछ ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। 

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पीरियड्स के दौरान किसी को हैवी तो किसी को हल्की ब्लीडिंग हो सकती है। कई महिलाओं को ब्लड फ्लो पहले दो दिन ज्यादा रहता है, तो किसी महिला को पहले दो दिन भी हल्का ही फ्लो रहता है। अगर यह हर महीने पीरियड्स का एक जैसा पैटर्न ही रहता है, तो ज्यादा टेंशन की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर सामान्य पीरियड्स के मुकाबले अचानक ब्लीडिंग बढ़ गई है, तो चिंता का विषय हो सकता है। इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Chetna Jain, Director, Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon से बात की। उन्होंने बताया कि अगर बार-बार पैड बदलने या पीरियड्स के दौरान कमजोरी या चक्कर जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो इस नॉर्मल न मानें।

पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होने के 7 संकेत

Cleveland Clinic के अनुसार, अगर पीरियड्स 7 दिनों से ज्यादा लगातार बने रहते हैं, ब्लड के बड़े थक्के निकलते हैं, हर घंटे में पैड बदलना पड़ता है, पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करना, तेज पेट दर्द और एनीमिया की शिकायत होने पर डॉक्टर को दिखाना बहुत जरूरी है।

Dr. Chetna Jain के अनुसार, अगर महिलाओं को हैवी पीरियड्स को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर को दिखाकर मेडिकल चेकअप कराएं। कई बार हैवी ब्लीडिंग होने का कारण शरीर की बीमारियां भी हो सकती हैं।

1. हर घंटे पैड बदलने की जरूरत

Dr. Chetna Jain कहती हैं, “अगर ब्लीडिंग इतनी ज्यादा है कि महिला को लगातार कई घंटों तक लगभग हर घंटे पैड या टैम्पोन बदलना पड़ रहा है, तो यह सामान्य फ्लो से काफी ज्यादा माना जा सकता है। अगर महिला का पैड बहुत जल्दी पैड भर रहा है या रात को बार-बार उठकर पैड बदलना पड़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।”

2. बार-बार बड़े ब्लड क्लॉट्स निकलना

Dr. Chetna Jain ने बताया कि पीरियड्स के दौरान छोटे ब्लड क्लॉट्स निकलना सामान्य हो सकता है, लेकिन ब्लीडिंग ज्यादा होने के साथ खून के थक्के भी बड़े-बड़े निकल रहे होस तो इसके कारणों को जानना जरूरी है। ऐसे में महिला को थक्कों के आकार, कितनी बार निकले हैं और कितने दिनों तक आते हैं, इन बातों को नोट करना चाहिए।

3. हैवी ब्लीडिंग कई दिनों तक रहना

Dr. Chetna Jain ने कहा, “अगर पीरियड हर महीने एक जैसे पैटर्न में आता, लेकिन अचानक एक बार कई दिनों तक बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती रहती है, तो इसे सिर्फ हार्मोनल बदलाव मानकर छोड़ना ठीक नहीं है। लंबे समय तक बहुत ज्यादा मात्रा में ब्लड निकलने पर शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। अगर समय पर इस ओर ध्यान न दिया जाए, तो एनीमिया की समस्या हो सकती है।”

heavy bleeding

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4. चक्कर, कमजोरी या बहुत ज्यादा थकान महसूस होना

Dr. Chetna Jain के अनुसार, अगर हैवी ब्लीडिंग के साथ महिला को चक्कर, थकान या कमजोरी होने लगे, तो इसका कारण एनीमिया या अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। कुछ मामलों में हीमोग्लोबिन भी कम हो सकता है। इसलिए कई बार ऐसे मामलों में डॉक्टर ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।

5. ब्लीडिंग के साथ तेज पेट या पेल्विक में दर्द होना

Dr. Chetna Jain कहती हैं, “पीरियड के दौरान हल्का पेट में दर्द होना आम हो सकता है, लेकिन अचानक तेज या असामान्य पेल्विक दर्द शुरू हो जाए और साथ में हैवी ब्लीडिंग भी हो रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। फाइब्रॉयड्स, एंडोमेट्रियोसिस या PMOS जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, हर महिला में इनके लक्षण एक जैसे नहीं होते और सही कारण जांच के बाद ही पता चलता है।”

6. पीरियड्स के बीच या सेक्स के बाद ब्लीडिंग

Dr. Chetna Jain ने कहा, “अगर पीरियड खत्म होने के बाद बार-बार सपोटिंग या ब्लीडिंग हो रही हैं, तो यह सामान्य नहीं है। इसी तरह सेक्शुअल इंटरकोर्स के बाद बार-बार ब्लीडिंग हो रही है, तो इसका इंफेक्शन, वजाइनल कंडीशन या सर्वाइकल से जुड़ी बीमारी हो सकती है। हालांकि, जरूरी नहीं है कि गंभीर बीमारी ही हो, लेकिन अगर बार-बार ऐसा हो रहा है, तो जांच कराना जरूरी है।”

7. प्रेग्नेंसी की संभावना होने पर हैवी ब्लीडिंग होना

Dr. Chetna Jain कहती हैं कि अगर किसी महिला को लगता है कि वह प्रेग्नेंट है और अचानक हैवी ब्लीडिंग शुरू हो गई है, तो इसे पीरियड समझकर इग्नोर न करें। खासतौर पर ब्लीडिंग के साथ तेज पेट दर्द, पेल्विक में दर्द, चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लीडिंग का कारण कई बार मिसकैरेज भी हो सकता है।

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निष्कर्ष
Dr. Chetna Jain ने बताया कि अचानक हैवी ब्लीडिंग का कारण हार्मोनल बदलाव, फिब्ररॉयड्स, एंडोमिट्रोसिस, थायराइड या मेडिकल कंडीशन हो सकती है, लेकिन महिलाओं को ब्लीडिंग की मात्रा देखकर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर महिला को पीरियड्स के दौरान बार-बार पैड बदलने, सांस फूलने, कमजोरी या हीमोग्लोबिन कम होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

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FAQ

  • पीरियड्स के दौरान अत्यधिक दर्द के साथ भारी ब्लीडिंग होना किस बीमारी की ओर इशारा करता है?

    यह मुख्य रूप से एडेनोमायोसिस या एंडोमेट्रियोसिस का लक्षण हो सकता है। इसमें गर्भाशय की अंदरूनी दीवार का टिश्यू मांसपेशियों या बाहर फैलने लगता है, जिससे गंभीर दर्द, सूजन और भारी ब्लीडिंग होती है। 
  • क्या बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से 'ब्लीडिंग रोकने की गोली' खाना सुरक्षित है?

    ब्लीडिंग रोकने की दवाएं खून के थक्के जमाने में मदद करती हैं। यदि बिना जांच के इन्हें इस्तेमाल किया जाए, तो यह नसों में खून का थक्का जमने का गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 10, 2026 16:47 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain

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