पीरियड्स के दिनों में कई महिलाओं को कई तरह की परेशानियां होती हैं। इसमें मूड स्विंग, कमर दर्द, पेट के निचले हिस्से में दर्द आदि शामिल हैं। कुछ महिलाएं इन दिनों कमजोरी भी महसूस करती हैं और उनमें चक्कर आने की समस्या भी देखी जाती है। यहां सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है?
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "पीरियड्स के दिनों में कई महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग होती है। शरीर से काफी ज्यादा मात्रा में खून बह जाने के कारण चक्कर आना और कमजोरी महसूस होने जैसी समस्या हो सकती है।" आइए, जानते हैं कि पीरियड्स के दिनों में सिर घूमना और कमजोरी के और क्या-क्या कारण हो सकते हैं?
पीरियड्स में चक्कर और कमजोरी क्यों महसूस होती है?
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पीरियड्स में चक्कर आना और कमजोरी महसूस करने के पीछे कई तरह के कारण जिम्मेदार हैं, जैसे-
आयरन की कमी
अगर किसी महिला में आयरन की कमी है और उन्हें ब्लीडिंग भी हैवी होती है, तो ऐसे में शरीर में कमजोरी और थकान बढ़ सकती है। डाॅ. शोभा गुप्ता समझाती हैं, "मासिक धर्म के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने से शरीर में आयरन खत्म होने लगता है, जिससे एनीमिया यानी शरीर में खून की कमी हो जाती है। ध्यान रखें कि खून की कमी होने के शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन सप्लाई सही तरह से नहीं होती है। इसका प्रभाव ब्रेन पर भी पड़ता है। नतीजतन, महिला को थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।"
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हार्मोन का प्रभाव
पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव भी होते हैं। इस बात को डाॅ. शोभा गुप्ता विस्तार से समझाती हैं, "पीरियड्स के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के उतार-चढ़ाव से ब्लड वेसल्स अचानक सिकुड़ने या फैलने लगती हैं। इसका प्रभाव ब्लड प्रेशर पर पड़ता है, जिससे कमाजरी या चक्कर आने जैसी समस्या हो जाती है।"
यही नहीं, पीरियड्स में हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण कान के अंदरूनी हिस्से पर भी असर पड़ता है। Brazilian Journal of Otorhinolaryngology के अनुसार, पीरियड्स में हो रहे हार्मोनल बदलाव कान के अंदरूनी हिस्से में तरल पदार्थ के संतुलन को प्रभावित करते हैं, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। साथ ही, रेड ब्लड सेल्स द्वारा ऑक्सीजन सप्लाई भी प्रभावित होने लगता है। ऐसे में चक्कर आना और थकान बढ़ जाती है।
प्रोस्टाग्लैंडिन्स (Prostaglandins) का स्राव
पीरियड्स के दौरान निकलने वाले प्रोस्टाग्लैंडीन केमिकल न केवल गर्भाशय में ऐंठन पैदा करते हैं, बल्कि ब्लड वेसल्स को संकुचित कर देता है। नतीजतन, ब्लड फ्लो कम हो जाता है। जाहिर है, जब ब्लड फ्लो कम होगा तो ब्रेन तक सही तरह से ऑक्सीजन नहीं पहुंचेगा, जिससे महिला को सुस्ती और सिर चकराने जैसी दिक्क्तें होने लगती हैं।
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शरीर में पानी की कमी
आपने अक्सर एक्सपर्ट्स को कहते सुना होगा कि पीरियड्स में महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। कम पानी पीने से बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, जो इससे ब्लड वाॅल्यूम घटने लगता है। खून का वॉल्यूम कम होने से ब्लड प्रेशर अचानक गिर जाता है, जिससे दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। परिणामस्वरूप सिर घूमना, चक्कर आना और सुस्ती महसूस होती है।
The Journal of Nutrition, Health And Aging से भी स्पष्ट है कि शरीर में पानी की कमी होने पर थकान, कमजोरी और सिर घूमने की दिक्कत हो सकती है।
लो ब्लड शुगर
पीरियड्स में पेट में दर्द और ऐंठन होने की समस्या बनी रहती है। हालांकि, ऐसा हर महिला के साथ नहीं होता है। फिर भी देखने में आता है कि जब महिलाएं पीरियड्स में पेट दर्द के कारण खाना कम खाती हैं या खाने से बचती हैं, तो ऐसे में ब्लड शुगर का स्तर तेजी से गिर जाता है। ध्यान रखें कि ग्लूकोज हमारे दिमाग और मांसपेशियों के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है, इसलिए ब्लड शुगर कम होते ही शरीर में अचानक कमजोरी, हाथ-पैर कांपना और सिर चकराने जैसी समस्या होने लगती है।
पीरियड्स में थकान और चक्कर आने की समस्या होने पर क्या करें?
- आराम करें: पीरियड्स में चक्कर आने या सिर घूमने जैसी समस्या हो, तो इसकी अनदेखी न करें। दिन भर सक्रिय रहने के बजाय कुछ देर के लिए आराम करें। विशेषकर, बेड पर लेटकर आराम करने से समस्या से जल्दी राहत मिलती है।
- पानी पिएंः पीरियड्स के दिनों में खुद को हाइड्रेट रखने में लापरवाही न करें। दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इसके साथ-साथ आप हर्बल टी आदि भी पी सकती हैं। इससे पेट की ऐंठन में भी कमी आती है।
- खाना स्किप न करेंः पीरियड्स के दिनों में कुछ महिलाओं की खाने की पूरी तरह इच्छा कम हो जाती है। आप ऐसा न करें। दिन भर कुछ न खाने से कमजोरी बढ़ जाती है। बेहतर है कि आप दिन भर में छोटे-छोटे मील लें। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे।
डाॅक्टर के पास कब जाएं?
पीरियड्स के दिनों में हल्की थकान होना सामान्य है। हां, अगर बहुत ज्यादा सिर घूम रहा है और चक्कर आ रहे हैं, तो इसे अनदेखा न करें। बेहतर है कि यहां बताए गए लक्षणों पर गौर करें और तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं-
- सिर घूमने के साथ-साथ बेहोशी छाना।
- थकान और चक्कर आने के साथ-साथ हैवी ब्लीडिंग होना।
- सिर घूमने के साथ-साथ कंफ्यूजन जैसी समस्या होना।
निष्कर्ष
पीरियड्स के दिनों में हल्की थकान या कमजोरी सामान्य है। आप सही खान-पान और अच्छी जीवनशैली अपनाकर अपनी समस्या से राहत पा सकते हैं। हां, अगर सिर घूमने की समस्या दिनों दिन बढ़ रही है, संतुलन बनाने तक में दिक्कत आ रही है, तो इसे इग्नोर न करें। समय पर डाॅक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं। इसके अलावा, अपनी डाइट में आयरन युक्त चीजों को अधिक शामिल करें, ताकि हैवी ब्लीडिंग होने के बावजूद शरीर में आयरन की कमी न हो।
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FAQ
पीरियड्स में अचानक चक्कर आने लगे, तो तुरंत क्या करना चाहिए?
चक्कर आते ही तुरंत बिस्तर पर सीधा लेट जाएं और अपने पैरों के नीचे तकिया रखकर कुछ देर के लिए आराम करें। सिर घूमने पर आप ORS भी पी सकते हैं।क्या कैफीन पीने से पीरियड्स में चक्कर आने की समस्या कम हो सकती है?
नहीं। इसके उलट कैफीन का सेवन करने से चक्कर आने की समस्या बढ़ सकती है।
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Sep 09, 2026 11:17 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta
