प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। इन बदलाव के कारण कई महिलाओं का ब्लड प्रेशर नॉर्मल से कम हो सकता है। प्रेग्नेंसी की पहली और दूसरी तिमाही में ब्लड प्रेशर कम होना बहुत ही आम बात है। इस समय महिलाओं के शरीर में ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं और ब्लड सर्कुलेशन में बदलाव होता है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में यह स्थिति गंभीर नहीं होती है, लेकिन अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा कम हो जाए या इसके साथ गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हल्का ब्लड प्रेशर बढ़ने पर चक्कर आना, कमजोरी और थकान महसूस होती है, जिसे घर पर ही कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन अगर बार-बार बेहोश होना या सांस लेने में मुश्किल होना जैसे गंभीर लक्षण नजर आएं तो नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसलिए, आइए इस लेख में दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में लो ब्लड प्रेशर के नॉर्मल और गंभीर संकेत क्या हैं?
प्रेग्नेंसी में लो ब्लड प्रेशर के सामान्य लक्षण
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर लो होने के सामान्य संकेतों के रूप में महिलाओं के शरीर में ये लक्षण नजर आ सकते हैं-
- चक्कर आना: लेटने या बैठने के बाद अचानक खड़े होने पर दिमाग तक ब्लड फ्लो कम होने से चक्कर आना।
- कमजोरी: शरीर के अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और पोषक तत्व न पहुंच पाने के कारण हर समय भारीपन और ज्यादा सुस्ती महसूस होना।
- धुंधला दिखाई देना: ब्लड प्रेशर में अचानक कमी आने पर आंखों और दिमाग को सही मात्रा में ब्लड न मिलने के कारण आंखों के आगे अंधेरा छाना।
- मतली या उल्टी आना: ब्लड प्रेशर लो होने पर पाचन तंत्र तक ब्लड सर्कुलेशन धीमा होने के कारण जी मिचलाने और उल्टी जैसा महसूस होना।
- सिर हल्का लगना: दिमाग में ब्लड का प्रेशर कम होने के कारण सिर हल्का महसूस होना।
- फोकस न कर पाना: दिमाग को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और एनर्जी न मिलने से फोकस करने में मुश्किल हो सकती है।
- स्किन ठंडा महसूस होना: स्किन और बाहरी हिस्सों में ब्लड का फ्लो कम होने के कारण स्किन ठंडी और पीली पड़ने लगती है।
- ज्यादा पसीना आना: शरीर में ब्लड प्रेशर कम होने पर घबराहट के साथ अचानक ठंडा पसीना छूटने लगता है।
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प्रेग्नेंसी में लो ब्लड प्रेशर के कारण महसूस होने वाले ये लक्षण आमतौर पर आराम करने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और संतुलित भोजन करने से कम हो सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में लो ब्लड प्रेशर के गंभीर लक्षण
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन बताती हैं कि अगर लो ब्लड प्रेशर की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है तो यह मां और शिशु दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में अगर महिलाओं में ये गंभीर लक्षण नजर आएं तो अनदेखा नहीं करना चाहिए।
- बार-बार बेहोश होना: दिमाग में ब्लड का फ्लो बहुत ज्यादा कम होने के कारण महिला अचानक सुध-बुध खोकर बेहोश हो सकती है।
- दिल की धड़कन अनियमित होना: लो ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर शरीर में ब्लड की कमी को पूरा करने के लिए दिल को बहुत तेजी से पंप करना पड़ता है।
- सांस लेने में कठिनाई: फेफड़ों और दिल तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन न पहुंच पाने के कारण सांस फूलने या सांस लेने में भारीपन महसूस हो सकती है।
- सीने में दर्द: ब्लड प्रेशर में कमी के कारण दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त मात्रा में ब्लड और ऑक्सीजन न मिलने के कारण सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस हो सकता है।
- भ्रम होना: दिमाग को सही पोषण और ऑक्सीजन न मिलने के कारण सोचने-समझने की शक्ति प्रभावित होती है, जिसके कारण महिलाओं को भ्रम महसूस हो सकता है।
- बहुत ज्यादा कमजोरी: ब्लड प्रेशर कम होने के कारण महिलाओं के शरीर में इतनी ज्यादा एनर्जी कम हो जाती है कि उठना या बिस्तर से चलना-फिरना भी उनके लिए मुश्किल हो जाता है।
- लगातार धुंधला दिखना: बीपी लो होने पर आंखों की रोशनी पर भी गहरा असर पड़ता है और ऐसा लगता है कि किसी भी समय बेहोश हो सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में चक्कर आने पर क्या करें?
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान लो ब्लड प्रेशर के कारण चक्कर आना प्रेग्नेंसी में काफी नॉर्मल हो सकता है, जिससे आप कुछ आसान उपायों की मदद से राहत पा सकते हैं।
- अगर चक्कर आएं तो तुरंत बैठ जाएं या बाईं करवट लेट जाएं
- अचानक खड़े होने से बचें और धीरे-धीरे अपनी स्थिति बदलें
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए
- लंबे समय तक खाली पेट न रहें और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार भोजन करें
- बहुत देर तक एक ही जगह पर खड़े रहने से बचने की कोशिश करें
- बार-बार चक्कर आने की समस्या होने पर गाड़ी चलाने या सीढ़ियां चढ़ने से बचें
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क्या लो ब्लड प्रेशर से मां या शिशु को कोई जोखिम होता है?
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, ज्यादातर मामलों में प्रेग्नेंसी के दौरान हल्का ब्लड प्रेशर लो होना किसी गंभीर समस्या का कारण नहीं बनता है। यह समस्या समय के साथ धीरे-धीरे नॉर्मल होने लगती है। हालांकि, अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा कम हो जाए या लंबे समय तक बना रहे तो कुछ जोखिम हो सकते हैं, जैसे-
- महिला के गिरने या चोट लगने का खतरा
- बेहोशी आने की संभावना
- ज्यादा कमजोरी और थकान महसूस होना
अगर ब्लड प्रेशर बहुत गंभीर हो और लंबे समय तक बना रहे तो कुछ मामलों में प्लेसेंटा तक ब्लड फ्लो प्रभावित हो सकता है। इसलिए, नियमित रूप से प्रेग्नेंसी चेकअप और ब्लड प्रेशर की जांच करना बहुत जरूरी है।
साल 2012 में BMC Pregnancy and Childbirth में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान लगातार रहने वाला लो ब्लड प्रेशर शिशु के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम का कारण बन सकता है, जिसमें समय से पहले जन्म, जन्म के समय कम वजन होना और मृत जन्म जैसी समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा, यह स्थिति डिलीवरी के बाद मां में ज्यादा ब्लीडिंग और शिशु द्वारा जन्म से पहले गर्भ के पानी में मल त्याग करने जैसी समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती है।
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में ब्लड प्रेशर कम होना आम समस्या हो सकती है। हालांकि, बार-बार या लंबे समय तक चक्कर आना, बेहोश हो जाना, सांस लेने में मुश्किल होना, सीने में दर्द, दिल की धड़कन बहुत तेज होने, धुंधला दिखाई देना, योनि से ब्लीडिंग, तेज पेट दर्द या शिशु की गतिविधियों में कमी और भ्रम महसूस होने जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये समस्याएं प्रेग्नेंसी के दौरान किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकती हैं, जिसका समय पर इलाज होना जरूरी है।
निष्कर्ष
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान लो ब्लड प्रेशर अक्सर नॉर्मल शारीरिक बदलावों का हिस्सा होता है और ज्यादा महिलाओं में यह बिना किसी गंभीर समस्या के ठीक हो जाता है। फिर भी चक्कर आना, कमजोरी या धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी होता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित डाइट लेना, अचानक खड़े होने से बचना और नियमित रूप से चेकअप करवाना इस स्थिति को संभालने में मदद करता है।
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FAQ
प्रेग्नेंट महिला का नर्मल बीपी कितना होना चाहिए?
प्रेग्नेंसी के दौरान महिला का नॉर्मल ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg या इससे कम आमतौर पर 110/70 से 120/80 mmHg के बीच होना चाहिए।लो ब्लड प्रेशर कब इमरजेंसी है?
लो ब्लड प्रेशर तब एक मेडिकल इमरजेंसी बन जाता है, जब ब्लड प्रेशर 70/40 mmHg से कम हो जाए या इसके साथ बेहोशी, सीने में दर्द और भ्रम जैसे गंभीर लक्षण नजर आएं।
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Jul 31, 2026 21:33 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Gunjan Sarin