प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलाव आते हैं। ऐसे में कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी की पहली और दूसरी तिमाही के दौरान चक्कर, उल्टी, मतली और थकान की समस्या बनी रहती है। इस समय कई महिलाओं का ब्लड प्रेशर अक्सर लो रहता है। ऐसे में महिलाओं के मन में यह सवाल आना कि इस दौरान उनका ब्लड प्रेशर इतना कम क्यों रहता है? काफी आम होता है। Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida का कहना है कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती और मध्य महीनों में ब्लड प्रेशर थोड़ा कम होना पूरी तरह नॉर्मल और नेचुरल होता है। ज्यादातर मामलों में लो ब्लड प्रेशर बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन इसके पीछे के कारणों को समझकर ब्लड प्रेशर को स्थिर करने में मदद मिल सकती है।
गर्भावस्था में बीपी कम होने के कारण
Obstetrics & Gynecology (AOGS) जर्नल में प्रकाशित एक हालिया रिसर्च के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान लो ब्लड प्रेशर आमतौर पर शारीरिक बदलावों के कारण होता है, जो प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही के दौरान गिरता है और डिलीवरी के समय तक फिर नॉर्मल हो जाता है। Dr.(Prof.) Anju Suryapani कहती हैं कि जब एक महिला कंसीव करती है तो उसके शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव तेजी से फैलते हैं। इस स्थिति में लो ब्लड प्रेशर के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-
1. ब्लड वेसल्स का तेजी से फैलना
Dr.(Prof.) Anju Suryapani के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में प्रोजेस्टेरोन नाम का हार्मोन तेजी से बढ़ता है। यह हार्मोन ब्लड वेसल्स की मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे नसें चौड़ी हो जाती हैं। क्योंकि इस समय आपका ब्लड सर्कुलेशन एरिया बढ़ जाता है, लेकिन ब्लड की मात्रा उसके मुकाबले में धीरे-धीरे बढ़ती है। इसलिए ब्लड का प्रेशर कम हो जाता है। यह आमतौर पर पहली तिमाही से शुरू होकर 24वें हफ्ते यानी दूसरी तिमाही तक सबसे ज्यादा रहता है।
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2. पानी की कमी और मॉर्निंग सिकनेस
प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में कई महिलाओं में मतली और उल्टी होने की समस्या बहुत आम हो जाती है, जिसे हम मॉर्निंग सिकनेस के रूप में जानते हैं। अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी या लिक्विड नहीं पी पा रही हैं तो शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। इस स्थिति में शरीर में पानी की कमी होना लो ब्लड प्रेशर का सबसे बड़ा और सीधा कारण होता है।
3. शरीर में न्यूट्रिशन और खून की कमी
प्रेग्नेंट महिला की डाइट में अगर आयरन, फोलिक एसिड या विटामिन बी12 जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी है तो यह शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण को धीमा कर सकता है। इस कारण महिलाओं में एनीमिया की समस्या हो सकती है, जो टिश्यू तक सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाती है। इससे महिलाओं में ब्लड प्रेशर लो और कमजोरी महसूस होने की समस्या हो सकती है।

4. लेटने की गलत पोजीशन
प्रेग्नेंसी की दूसरी या तीसरी तिमाही के दौरान पीठ के बल सीधा लेटने के कारण गर्भाशय और शिशु का पूरा वजन शरीर की अहम नस इन्फीरियर वेन कावा पर पड़ता है। इससे दिल तक ब्लड की वापसी धीमी हो जाती है, जिससे अचानक ब्लड प्रेशर में गिरावट आ सकती है और चक्कर आने लगते हैं।
StatPearls मेडिकल रिसोर्स में बताया गया है कि यह समस्या प्रेग्नेंसी के 20 हफ्तों के बाद सीधा लेटने के कारण होती है। सीधा लेटने के कारण महिला के दिल, शरीर और बच्चे तक खून का फ्लो कम हो जाता है।
5. अचानक खड़े होना
अगर प्रेग्नेंसी के दौरान महिला बहुत देर से बैठी या लेटी हुई हैं और अचानक से तेजी से खड़ी हो जाती है तो ग्रेविटी के कारण खून पैरों की तरफ चला जाता है और दिमाग तक पहुंचने में एक से दो सेकेंड की देरी होती है। इससे आंखों के सामने अंधेरा छा सकता है। StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, यह समस्या ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन (Orthostatic Hypotension) के कारण होती है, जो लेटने या बैठने के बाद अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर का कम होना है।
प्रेग्नेंसी में लो बीपी होने पर कैसा महसूस होता है?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani के मुताबिक प्रेग्नेंसी के दौरान किसी महिला का ब्लड प्रेशर लो होने पर उसे कई तरह की समस्या महसूस हो सकती है, जैसे-
- अचानक सिर घूमना या चक्कर आना
- कुर्सी से या बिस्तर से उठते ही आंखों के सामने अंधेरा छाना
- बिना कारण बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होना
- किसी काम में फोकस करने में मुश्किल होना
- स्किन का पीला या ठंडा पड़ना
डॉक्टर की सलाह
Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि प्रेग्नेंसी में लो ब्लड प्रेशर को ठीक करने के लिए आपको किसी दवा की जरूरत नहीं है, बल्कि रूटीन में छोटे-छोटे बदलाव करके आप इसे आसानी से कंट्रोल कर सकती हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, बाईं करवट सोना, झटके से न उठना, थोड़ी-थोड़ी देर में भोजन करना, हल्के नमक का सेवन और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है।
निष्कर्ष
Dr.(Prof.) Anju Suryapani कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर लो होना उनके शरीर के बदलावों का एक हिस्सा है। इससे डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। बस आप अपनी डाइट का ध्यान रखें, खुद को हाइड्रेटेड रखें और आराम से काम करें। अगर आपको कोई भी असुविधा महसूस हो तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
प्रेग्नेंट महिला का नॉर्मल बीपी कितना होना चाहिए?
प्रेग्नेंसी के दौरान नॉर्मल ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg होता है। अगर ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg या इससे ज्यादा आता है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है।प्रेग्नेंसी में बीपी कब सबसे कम होता है?
प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर आमतौर पर दूसरी तिमाही के दौरान सबसे कम होता है। इस समय हार्मोनल बदलाव के कारण ब्लड वेसल्स चौड़ी हो जाती हैं, जिससे बीपी बढ़ने में समस्या हो सकती है।
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Jul 22, 2026 16:54 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jul 22, 2026 16:54 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani