अगर आपकी लाइफस्टाइल अच्छी नहीं है या आप खाने-पीने से जुड़ी गड़बड़ियां करते हैं तो आपको गैस की समस्या हो सकती है। गैस की बात आते ही आमतौर पर लोगों के मन में बस सीने में जलन का ही ख्याल आता है बल्कि, गैस आपके हाथ, सिर और शरीर में कहीं भी पहुंच सकता है। बहुत से लोग गैस की वजह से चक्कर आने की समस्या महसूस करते हैं और समझ नहीं पाते कि इस दौरान करें क्या? इस बारे में विस्तार से जानकारी के लिए हमने Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru से बात की और सबसे पहले जाना कि गैस की वजह चक्कत क्यों आते हैं?
गैस से चक्कर क्यों आते हैं?
Dr. Pooja Pillai बताती हैं कि कभी-कभी चक्कर आने का कारण गैस या पेट फूलना (ब्लोटिंग) माना जाता है, खासकर तब जब किसी व्यक्ति को खाना खाने के बाद पेट में बेचैनी महसूस हो, डकारें आएं या पेट भरा-भरा लगे। हालांकि, आमतौर पर पाचन तंत्र में गैस होने से सीधे तौर पर चक्कर नहीं आते हैं। खाना खाने के बाद होने वाली बेचैनी, जी मिचलाना, घबराहट, डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी या ब्लड प्रेशर कम हो जाने की वजह से चक्कर आ सकते हैं।
आगे डॉ. पिल्लई कहती हैं कि कुछ मामलों में, चक्कर आने का संबंध ब्लड शुगर कम होने, एनीमिया यानी खून की कमी, कान के अंदरूनी हिस्से की समस्याओं या दिल से जुड़ी बीमारियों से भी हो सकता है। इसलिए, यह मान लेना सही नहीं है कि चक्कर आने का कारण सिर्फ गैस ही है, खासकर तब जब चक्कर बार-बार आ रहे हों, बहुत तेज हों या उनके साथ कोई अन्य लक्षण भी दिख रहे हों।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2015 में Medical Hypotheses जर्नल में बताया गया है कि पेरिफेरल वर्टिगो (peripheral vertigo) यानी चक्कर आना और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) के बीच एक स्पष्ट और महत्वपूर्ण संबंध मौजूद है। शोधकर्ताओं का मानना है कि पेट का एसिड हाइड्रोक्लोरिक एसिड और पेप्सिन, यूस्टेशियन ट्यूब के जरिए कान के मध्य भाग तक पहुंच सकता है, जिससे कान की हड्डियों (ossicles) में असंतुलन या सूजन पैदा हो सकती है, जो चक्कर आने का कारण बन सकती है। हालांकि, इस पर अभी और शोध की जरूरत है।
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गैस की वजह से चक्कर आए तो क्या करें?
आगे डॉक्टर पूजा पिल्लई बताती हैं कि अगर पेट फूलने के साथ-साथ चक्कर आएं, तो गिरने के जोखिम को कम करने के लिए तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं। अचानक खड़े होने से बचें क्योंकि आप गिर सकते हैं और चोट लग सकती है। इसके अलावा टाइट कपड़े ढीले कर लें और अगर आप आसानी से पानी पी सकते हैं और तुरंत पानी पिएं। अगर आपने अभी-अभी खाना खाया है, तो सीधे बैठकर आराम करें और जब तक चक्कर आना बंद न हो जाए, तब तक कोई भारी शारीरिक काम न करें।
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इन बातों का रखें ध्यान
धीरे-धीरे खाना खाने, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स जैसे कोल्ड ड्रिंक्स या सोडा से परहेज करने और उन खाद्य पदार्थों की पहचान करने से, जिनसे बहुत ज्यादा गैस बनती है, पाचन संबंधी समस्याओं को रोकने में मदद मिल सकती है। चक्कर आने का असली कारण जाने बिना, केवल चक्कर ठीक करने के लिए एंटासिड या कोई अन्य दवा लेने से बचें। अगर लक्षण बने रहते हैं या बार-बार आते हैं, तो जांच के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
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कब डॉक्टर को दिखाएं?
डॉ. पिल्लई कहती हैं अगर अचानक चक्कर आने के साथ-साथ सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, बेहोशी, तेज सिरदर्द, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी, बोलने में लड़खड़ाहट या चलने-फिरने में दिक्कत महसूस हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। ये लक्षण पाचन संबंधी सामान्य परेशानी के बजाय किसी गंभीर मेडिकल स्थिति का संकेत हो सकते हैं।
निष्कर्ष:
अंत में डॉ. पिल्लई कहती हैं डायबिटीज, हृदय रोग या लगातार उल्टी की समस्या वाले लोगों को विशेष रूप से सावधान रहना चाहिए क्योंकि डिहाइड्रेशन और ब्लड ग्लूकोज के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण चक्कर आ सकते हैं। डॉक्टर इन लक्षणों के आधार पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, ली जा रही दवाओं और अन्य संभावित कारणों की जांच कर सकते हैं। हालांकि चक्कर आने के साथ पाचन संबंधी परेशानी भी हो सकती है, लेकिन केवल गैस से राहत पाने के बजाय, चक्कर आने के मूल कारण का इलाज करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
FAQ
एसिडिटी में क्या नहीं खाना चाहिए?
एसिडिटी में आप ज्यादा तेल मसाले से भरपूर चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा आपको इस दौरान कॉफी जैसी गर्म चीजों के सेवन से भी बचना चाहिए।कौन से फल खाने से एसिडिटी कम होती है?
पपीता खाने से एसिडिटी कम हो सकती है। इसके अलावा सेब और अंजीर जैसी चीजों को खाएं जो एसिडिटी कम करने में बेहद कारगर है।
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Oct 16, 2026 19:25 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai
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