Fri Sep 18, 2026 | 04:47 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

बार-बार चक्कर आने की वजह सिर्फ लो-बीपी नहीं, ये 7 कारण भी हो सकते हैं जिम्मेदार

कई बार लोगों को अचानक से चक्कर आने लगते हैं, लेकिन उनका ब्लड प्रेशर भी सही होता है। ऐसे में बार-बार चक्कर आने पर सिर्फ ब्लड प्रेशर को न देखें, बल्कि इसका कारण ब्लड शुगर, कान की समस्या या खून की कमी हो सकती है। इस लेख में डॉक्टर ने बार-बार चक्कर आने के कारणों को विस्तार से समझाया है।

कुछ लोगों को अचानक सिर हल्का होना या ऐसा महसूस होता है कि आस-पास की चीजें घूम रही हैं। बार-बार चक्कर आने की समस्या को लोग ब्लड प्रेशर से जोड़कर देखने लगते हैं। इस वजह से वे बार-बार ब्लड प्रेशर चेक भी करते हैं, लेकिन हर बार चक्कर आने की वजह लो ब्लड प्रेशर नहीं होता। इस बारे में Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi कहती हैं कि कई बार चक्कर आने का कारण कान की समस्या, ब्लड शुगर कम होना या शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है।

बार-बार चक्कर आने के 7 कारण

Cleveland Clinic के मुताबिक, व्यक्ति को संतुलन के लिए कान, आंख, टिश्यू और सेंट्रल नर्व सिस्टम से लगातार और सही जानकारी मिलना जरूरी है। अगर इसके फ्लो में कोई भी रुकावट आती है, तो सेंट्रल सिस्टम जानकारी को गलत तरीके से प्रोसेस कर सकता है।

इसके कई कारण हो सकते हैं जिसमें कान के अंदर का इंफेक्शन होना, एनीमिया, हार्ट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। सिर की चोट लगना और न्यूरोलॉजिकल बीमारियां जैसे माइग्रेन, मल्टीपल स्केलेरोसिस और पार्किंसंस हो सकते हैं।

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि बार-बार चक्कर आने के कारणों को जानना बहुत जरूरी है। अगर चक्कर आने के साथ कई और लक्षण भी दिखाई दे, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।

1. शरीर में पानी की कमी

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “अगर दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पिया और बहुत ज्यादा पसीना आता है या उल्टी-दस्त की परेशानी रहती है, तो शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है। इससे लोगों को कमजोरी होने के साथ चक्कर भी आ सकते हैं। ऐसे में लोगों को अपने रोजाना के पानी पीने या फ्लूड पर ध्यान देना चाहिए।”

2. ब्लड शुगर कम होना

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि कई बार लोग लंबे समय तक खाना नहीं खाते या डाइट की वजह से खाना छोड़ देते हैं, तो इससे ब्लड शुगर कम (हाइपोग्लाइसीमिया) हो सकता है। ऐसी कंडीशन में चक्कर आने के साथ पसीना, कमजोरी या हाथ-पैर कांपने जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं। हालांकि, हर बार खाली पेट चक्कर आने का मतलब ब्लड शुगर कम होना नहीं होता, लेकिन अगर बार-बार ऐसा होता है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

3. कान की अंदरूनी समस्या

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “लोगों को यह पता ही नहीं होता कि बार-बार शरीर के संतुलन बिगड़ने का कारण कान के अंदर समस्या हो सकती है। दरअसल, कान का अंदरूनी हिस्सा शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। अगर किसी को कान में परेशानी होती है, तो उसे चक्कर आना या वर्टिगो महसूस हो सकता है। अगर लगातार ऐसा होता है, तो इसका चेकअप कराना जरूरी हो जाता है।”

frequent dizziness

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4. एनीमिया यानी खून की कमी

Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, जिन लोगों में खून की कमी होती है, उनके शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे थकान, कमजोरी, सांस फूलना और चक्कर आना जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अगर चक्कर आने के साथ बहुत ज्यादा थकान या सामान्य काम करते समय भी कमजोरी महसूस होती है, तो डॉक्टर से चेकअप कराएं।

5. अचानक खड़े होना

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि कई बार लोग बिस्तर से उठते ही या लंबे समय तक बैठे रहने के बाद खड़े होते हैं, तो सिर घूमने जैसा महसूस हो सकता है। ऐसे में कई बार अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर कम होने का कारण हो सकता है। ऐसे में कुछ समय लिए आंखों के सामने अंधेरा आ सकता है और अगर यह समस्या बार-बार हो या बेहोशी तक पहुंच जाए, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। ऐसे समय में बिस्तर या कुर्सी से धीरे-धीरे उठें।

6. नींद की कमी और स्ट्रेस

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “कई लोग काम की वजह से लगातार सो नहीं पाते और लगातार कम सोने की आदत के कारण बहुत ज्यादा थकान और स्ट्रेस में सिर घूमने लगता है या चक्कर जैसी परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि, सिर्फ स्ट्रेस या नींद की कमी को चक्कर आने का कारण मान लेना सही नहीं है। अगर इसके साथ कई और भी लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से चेकअप जरूर कराएं।”

7. हार्ट से जुड़ी समस्या

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि कुछ मामलों में बार-बार चक्कर आना दिल की धड़कन अनियमित होने या अन्य हार्ट से जुड़ी बीमारियों से जुड़ा हो सकता है। अगर किसी को चक्कर के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

बार-बार चक्कर आने पर इन बातों का रखें ध्यान

Dr. Vineeta Singh Tandon ने सलाह दी कि चक्कर आने पर सिर्फ लो बीपी मान लेना सही नहीं है। सबसे पहले मरीज बैठ जाए या लेट जाए, ताकि गिरने का रिस्क न रहे। इसके अलावा, ऐसी कंडीशन में लोगों को इन बातों का

  • दिनभर पर्याप्त पानी पीना चाहिए।
  • बहुत देर तक खाली पेट न रहें।
  • लेटने या बैठने के बाद धीरे-धीरे खड़े हों।
  • अगर चक्कर बार-बार आते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।

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निष्कर्ष
बार-बार चक्कर आने पर डॉक्टर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर या हीमोग्लोबिन चेक करने की सलाह दे सकते हैं, क्योंकि इसके अलग-अलग कई कारण हो सकते हैं। इसलिए अगर शरीर के सुन्नपन, तेज सिरदर्द, चलने में परेशानी या बोलने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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FAQ

  • क्या बीपी, शुगर या डिप्रेशन की दवाइयों के साइड इफेक्ट से भी चक्कर आ सकते हैं?

    हाई बीपी की दवाइयों की खुराक ज्यादा होने, वाटर पिल्स, कुछ एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर या डिप्रेशन की दवाओं से बीपी अचानक कम हो सकता है या कान का बैलेंस सिस्टम प्रभावित हो सकता है, जिससे साइड इफेक्ट के रूप में चक्कर आ सकते हैं।
  • लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आने वाले चक्कर को कैसे रोका जा सकता है?

    इसे डिजिटल मोशन सिकनेस कहा जाता है और इससे बचने के लिए 20 मिनट में 20 फीट दूर देखें, स्क्रीन की ब्राइटनेस और ब्लू-लाइट कम रखें और लगातार गर्दन झुकाकर काम करने के बजाय हर घंटे में 2 मिनट की ब्रेक लेकर वॉक करें।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 18, 2026 15:48 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon

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