क्या आपको भी पीरियड्स शुरू होने से पहले या उसके दौरान बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है? क्या आपको भी पीरियड्स के दौरान यूरिन ब्लैडर पर दबाव भी महसूस होता है? अगर ऐसा है, तो Dr. Monika Bhatia, Director - Department of Obstetrics and Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Delhi ने बताया कि कुछ मामलों में यह शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों से जुड़ा हो सकता है, लेकिन हर बार इसे पीरियड्स का सामान्य लक्षण मानना सही नहीं है। कई बार बार-बार पेशाब आने का कारण पानी का ज्यादा पीना, UTI और एंडोमिट्रोसिस जैसी कंडीशन हो सकती है।
पीरियड्स के दौरान बार-बार पेशाब आने के 5 कारण
BJOG के मुताबिक, 483 महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाली पेशाब से जुड़े कई सवाल पूछे गए। रिसर्च में पाया गया कि 41% महिलाओं को शिकायत थी कि उनके पेशाब से जुड़ी समस्याएं पीरियड्स के दौरान बदलती रहती है। पीरियड्स में प्रोजेस्टेरोन पेशाब के निचले भाग पर असर डाल सकती है।
Dr. Monika Bhatia कहती हैं कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पेशाब से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं।
1. हार्मोनल बदलाव और शरीर में जमा पानी
Dr. Monika Bhatia ने बताया कि पीरियड्स से पहले शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ता है। इसके कारण कुछ महिलाओं के शरीर में पानी और सोडियम थोड़ी मात्रा में जमा हो सकता है। कई बार पीरियड्स से पहले पेट फूलना, हाथ-पैरों में भारीपन और ब्लोटिंग महसूस हो सकती है।
जब पीरियड्स शुरू होने के आसपास प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम होता है, तो शरीर में जमा हुआ अतिरिक्त पानी बाहर निकालने लगता है। इस वजह से कुछ महिलाओं को पीरियड्स के पहले एक-दो दिन पेशाब की मात्रा या बार-बार पेशाब जाने की इच्छा बढ़ी हुई महसूस हो सकती है। हालांकि, हर महिला में ऐसा होना जरूरी नहीं है।
2. गर्भाशय और यूरिन ब्लैडर पर दबाव
Dr. Monika Bhatia के अनुसार, पीरियड्स के दौरान यूटरस में सिकुड़न होती है और साथ ही पेल्विक के आस-पास सूजन हो सकती है। इसके साथ ही कुछ महिलाओं को ब्लैडर पर प्रेशर जैसा महसूस होता है, तो इस कंडीशन में ब्लैडर पूरी तरह भरा न होने के कारण बार-बार पेशाब जाने की इच्छा होती है। ऐसे में कई बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब आता है।
3. प्रोस्टाग्लैंडिन का असर
Dr. Monika Bhatia कहती हैं, “पीरियड्स के दौरान शरीर प्रोस्टाग्लैंडिन केमिकल बनाता है, जिससे यूटरस सिकुड़ने लगता है। इस कारण कई महिलाओं को पेट में मरोड़, कमर दर्द या दस्त की समस्या होती है। इसके अलावा, प्रोस्टाग्लैंडिन ब्लैडर को भी सेंसिटिव कर देता है, जिससे यूरिन जाने के बार-बार मन करता है।”

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4. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)
Dr. Monika Bhatia ने बताया कि अगर बार-बार पेशाब आने के साथ जलन, पेशाब करते समय दर्द, बदबूदार पेशाब, पेट के निचले हिस्से में दर्द या बुखार भी है, तो UTI की संभावना हो सकती है। पीरियड्स के दौरान ब्लड की वजह से यूरिन में झाग जैसा दिखाई दे सकता है। कई बार पैड या ब्लड की वजह से बाहरी हिस्से में जलन हो सकती है। इसलिए हर बार जलन को UTI मानना सही नहीं है। अगर किसी महिला को बार-बार जलन जैसा महसूस हो, तो यूरिन टेस्ट जरूर कराएं।
5. एंडोमेट्रियोसिस
PubMed में प्रकाशित अध्ययन में 520 एंडोमेट्रियोसिस वाली महिलाएं और 641 बिना एंडोमेट्रियोसिस वाली महिलाएं शामिल थीं। इसमें पाया गया कि एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं ने बिना एंडोमेट्रियोसिस वाली महिलाओं की तुलना में ये परेशानियां हो सकती हैं।
- पेशाब के बाद भी ब्लैडर भरा हुआ महसूस होना
- पेशाब करने के कुछ ही मिनटों के अंदर दोबारा पेशाब जाना जाना
- पेशाब में जलन और दर्द महसूस होना
दिन में कितनी बार पेशाब करना सामान्य है?
Cambridge University Hospitals के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति के पेशाब जाने का समय अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर दिन में 6 से 8 बार पेशाब जाना सामान्य माना जाता है। हालांकि, अगर किसी का महसूस होता है कि उसका ब्लैडर पूरी तरह से खाली नहीं हुआ है, तो कई बार पेशाब जा सकता है। अगर किसी को दिन में कई बार पेशाब जाने की इच्छा होती है, तो उसे डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।
पीरियड्स के दौरान बार-बार पेशाब आने के लक्षण
Dr. Monika Bhatia का मानना है कि इन कंडीशंस में महिलाओं को जरूर जांच करानी चाहिए।
- बार-बार पेशाब आने की समस्या पूरे महीने बनी रहती है।
- हर पीरियड्स के साथ समस्या बढ़ रही है।
- रात में कई बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है।
- पेशाब करते समय जलन या दर्द होता है।
- पेशाब में खून आ रहा है।
- बुखार के साथ कमर या बगल में दर्द है।
- पेशाब पूरी तरह खाली न होने जैसा महसूस होता है।
- बार-बार पेशाब लीकेज होने लगे।
- बहुत ज्यादा प्यास लगती है या बिना वजह वजन कम हो रहा है।
निष्कर्ष
पीरियड्स के दौरान बार-बार पेशाब आना कुछ महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, शरीर में जमा पानी या पेल्विक में प्रोशर की वजह से हो सकता है, लेकिन अगर इसके साथ जलन, दर्द, बुखार, यूरिन में खून या पेल्विक के पास तेज दर्द हो, तो इसे सिर्फ पीरियड्स के लक्षण न मानें। अगर बार-बार यह समस्या हो रही हो, तो डॉक्टर की सलाह लें।
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FAQ
क्या मेंस्ट्रुअल कप, टेम्पोन या पैड के इस्तेमाल से भी बार-बार पेशाब आने का अहसास हो सकता है?
अगर मेंस्ट्रुअल कप या टेम्पोन गलत तरीके से लगाया जाए, तो वह यूरिनरी ट्रैक्ट पर दबाव बनाता है, जिससे बार-बार पेशाब जाने की इच्छा महसूस होती है।क्या पीरियड्स के दौरान चाय या कॉफी पीने से पेशाब जाने की फ्रीक्वेंसी और ज्यादा बढ़ जाती है?
चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक है। यह ब्लैडर की दीवारों को इरिटेट करता है और पेशाब बनने के प्रोसेस को तेज कर देता है।
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Sep 15, 2026 17:06 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Monika Bhatia