Fri Oct 16, 2026 | 08:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr Monica Agarwal , Senior Consultant – Obstetrics & Gynaecology

प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आना कब सामान्य और कब बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानें

प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाओं को पेशाब से जुड़े लक्षणों के प्रति खास सतर्कता बरतनी चाहिए। इस लेख में डॉक्टर ने प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आने के सामान्य और गंभीर लक्षणों की जानकारी दी है।
प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आना कब सामान्य और कब बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानेंप्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आना कब सामान्य और कब बीमारी का संकेत? डॉक्टर से जानें

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस वजह से कई बार उन्हें फिजिकल और मेंटल दिक्कतें भी हो सकती है। इसमें बार-बार पेशाब आना भी शामिल है। प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में ही कई महिलाओं को पहले के मुकाबले में ज्यादा बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होने लगती है। कुछ महिलाओं में यह परेशानी प्रेग्नेंसी के आगे बढ़ने के साथ और बढ़ जाती है।

आमतौर पर बार-बार पेशाब आना प्रेग्नेसी का सामान्य लक्षण हो सकता है, लेकिन अगर इसके साथ जलन, दर्द, बुखार या पेशाब में खून जैसे लक्षण भी नजर आएं, तो इसे सिर्फ प्रेग्नेंसी की वजह मानकर टालना ठीक नहीं है। इस कंडीशन में महिलाओं को कौन-से लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए? जानने के लिए हमने Dr. Monica Agarwal, Associate Director -Department of Obstetrics and Gynecology Cloudnine Group of Hospitals, Chandigarh से बात की।

प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब क्यों आता है?

Dr. Monica Agarwal ने कहा, “प्रेग्नेंसी की शुरुआत में शरीर में हार्मोन तेजी से बदलते हैं और इस वजह से शरीर में ब्लड की मात्रा और किडनी में ब्लड का फ्लो बढ़ता है। इससे किडनी ज्यादा मात्रा में पेशाब बना सकती है और महिला को बार-बार पेशाब आने की इच्छा महसूस हो सकती है। जब प्रेग्नेंसी बढ़ती है, तो गर्भाशय धीरे-धीरे ब्लैडर पर प्रेशर डालने लगता है। ऐसे में ब्लैडर में थोड़ी मात्रा में पेशाब जमा होने पर भी टॉयलेट जाने की इच्छा हो सकती है। इसी वजह से महिलाओं को खासकर तीसरी तिमाही में बार-बार पेशाब आने और रात में कई बार उठने की परेशानी हो सकती है।”

प्रेग्नेंसी में कौन-से लक्षण सामान्य माने जाते हैं?

Dr. Monica Agarwal कहती हैं, “अगर प्रेग्नेंट महिला को बार-बार पेशाब आ रहा है, लेकिन पेशाब करते समय कोई जलन या दर्द नहीं है, बुखार नहीं है और पेशाब में खून भी नहीं दिखाई दे रहा, तो यह अक्सर गर्भावस्था में होने वाला सामान्य बदलाव हो सकता है। ऐसी स्थिति में सिर्फ बार-बार टॉयलेट जाने को बीमारी का संकेत मानकर घबराने की जरूरत नहीं होती। शरीर में होने वाले सामान्य हार्मोनल बदलाव और गर्भाशय का बढ़ना, इसके पीछे हो सकता है। हालांकि, हर प्रेग्नेंट महिला की अलग-अलग कंडीशन हो सकती है। अगर पेशाब से जुड़ी कोई असामान्य परेशानी महसूस हो, तो डॉक्टर को जरूर जानकारी देनी चाहिए।”

बार-बार पेशाब आने के बीमारी के लक्षण

Dr. Monica Agarwal ने बताया कि बार-बार पेशाब आने के साथ अगर कुछ दूसरे लक्षण दिखाई दें, तो प्रेग्नेंट महिला को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • पेशाब करते समय जलन या दर्द होना
  • पेशाब में खून दिखाई देना
  • पेशाब का रंग गहरा पीला होना
  • पेशाब से तेज बदबू आना
  • हर बार बहुत कम मात्रा में पेशाब निकलना
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द या दबाव महसूस होना
  • कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द
  • बुखार आना
  • ठंड लगना या कंपकंपी होना

बार-बार पेशाब आना का कारण UTI होना

Dr. Monica Agarwal ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान बार-बार पेशाब के साथ जलन, दर्द या रंग गहरा पीला हो, तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शनन (UTI) की समस्या भी हो सकती है और इसे महिलाओं को बिल्कुल भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। समय पर इलाज न मिलने पर यह किडनी को भी प्रभावित कर सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में प्रेग्नेंसी से जुड़ी 10.7% मृत्यु का कारण संक्रमण है, जिसमें से करीब 28% इंफेक्शन मूत्र मार्ग से होतेे है।

StatPearls Publishing में प्रकाशित जर्नल के मुताबिक, मूत्र मार्ग में संक्रमण होने पर महिलाओं को समय से पहले डिलीवरी हो सकती है और बीमारी गंभीर होने पर सेप्टिक शॉक भी लग सकता है।

frequent urine during pregnancyfrequent urine during pregnancy

यह भी पढ़ें- प्रेग्नेंसी की शुरुआत में पेट दर्द: कब सामान्य है और कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आने पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

Dr. Monica Agarwal प्रेग्नेंट महिलाओं को सलाह देती हैं कि अगर बार-बार पेशाब आने के साथ प्यास भी लगे, तो इसे डॉक्टर को बताना चाहिए। डॉक्टर लक्षणों के आधार पर पेशाब की जांच की सलाह दे सकते हैं। इसके साथ महिलाओं को इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

  • प्रेग्नेंसी में पानी पीना कम न करें। बार-बार पेशाब आने के डर से पानी कम पीना सही तरीका नहीं है।
  • पेशाब को लंबे समय तक रोककर रखने से बचें।
  • चाय, कॉफी और कैफीन वाले ड्रिंक्स का इस्तेमाल सीमित करें।
  • इंटिमेंट हाइजीन का ध्यान रखें।
  • प्रेग्नेंसी में कोई भी दवा या एंटीबायोटिक न लें।

यह भी पढ़ें- प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में स्मोकिंग और अल्कोहल क्यों खतरनाक, डॉक्टर से जानें मां और शिशु पर असर

निष्कर्ष
Dr. Monica Agarwal कहती हैं कि अगर बार-बार पेशाब आने के साथ बुखार, तेज दर्द, पेशाब में खून या पेशाब करते समय तेज जलन हो रही है, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए। आमतौर पर प्रेग्नेंसी में बार-बार पेशाब आना चिंता की बात नहीं होती, लेकिन इसके साथ अन्य लक्षण भी जुड़ जाएं, तो चेकअप कराना जरूरी हो जाता है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • प्रेग्नेंसी में हंसने या छींकने पर पेशाब छूट जाना क्या सामान्य है?

    हां, इसे स्ट्रेस इनकॉन्टिनेंस कहते हैं। गर्भावस्था के दौरान पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर वजन बढ़ने के कारण छींकने, हंसने या खांसने पर मूत्राशय से थोड़ा सा रिसाव होना आम बात है।
  • क्या कीगल एक्सरसाइज प्रेग्नेंसी में यूरीन कंट्रोल करने में मदद करती हैं?

    बिल्कुल, कीगल एक्सरसाइज पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करती है। इससे न सिर्फ पेशाब पर बेहतर नियंत्रण मिलता है, बल्कि डिलीवरी के समय और डिलीवरी के बाद रिकवरी में भी बड़ी राहत मिलती है।

Read Next

→ गर्भावस्था में डेंगू हो जाए तो मां और बच्चे को क्या है खतरा? डॉक्टर ने बताए गंभीर असर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 20, 2026 15:18 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Monica Agarwal