दिनभर में कई बार पेशाब करना और फिर रात में भी बार-बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होना कुछ लोगों के लिए परेशानी बन जाती है। लोग समझना चाहते हैं कि ब्लड शुगर बढ़ने पर बार-बार पेशाब क्यों जाना पड़ता है? इस बारे में हमने Dr. Himika Chawla, Senior Consultant, Endocrinology and Diabetology, PSRI Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि ब्लड शुगर बढ़ने पर किडनी के काम करने का तरीका बदल जाता है, लेकिन बार-बार पेशाब आने के कारण लोग पानी पीना कम कर देते हैं। इससे डायबिटीज के मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है। इस वजह से मरीजों को मुंह सूखने की परेशानी भी हो सकती है।
ब्लड शुगर बढ़ने पर बार-बार पेशाब क्यों आता है?
Dr. Himika Chawla कहती हैं, “आमतौर पर किडनी ब्लड को फिल्टर करके शरीर के लिए जरूरी ग्लूकोज अवशोषित कर लेती है, ताकि उसका इस्तेमाल एनर्जी के लिए किया जा सके, लेकिन जब शरीर में ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो किडनी फिल्टर किए ग्लूकोज को पूरी तरह से अवशोषित नहीं कर पाती है। ऐसे में अतिरिक्त ग्लूकोज पेशाब में पहुंचने लगता है। ग्लूकोज अपने साथ पानी भी खींचता है, जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है। इस प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में ऑस्मोटिक डाययूरेसिस (Osmotic Diuresis) कहा जाता है। अगर आसान शब्दों में समझाना चाहूं, तो यह है कि ब्लड शुगर बढ़ने पर ग्लूकोज के साथ शरीर से ज्यादा पानी भी बाहर निकलने लगता है। इसी कारण डायबिटीज में बार-बार पेशाब आने की शिकायत हो सकती है।”
Cleveland Clinic में बताया गया है कि बार-बार पेशाब जाने की परेशानी टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों को हो सकती है। डायबिटीज रोगियों को इस बात का ध्यान देना चाहिए कि जब भी वे पेशाब करते हैं, तो उसकी मात्रा ज्यादा होने की संभावना हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है।
डायबिटीज में रात को बार-बार पेशाब क्यों आता है?
Dr. Himika Chawla का कहना है, “हाई ब्लड शुगर में ग्लूकोज अवशोषित न होने के कारण रात में भी किडनी का यह प्रोसेस चलता रहता है। इसलिए डायबिटीज के कुछ मरीजों को रात में बार-बार पेशाब जाने की परेशानी ज्यादा महसूस होती है। इसकी वजह से नींद बार-बार टूट सकती है और अगले दिन थकान महसूस हो सकती है। इस बात का ध्यान रखें कि अगर ब्लड शुगर बढ़ी हुई है, तो पेशाब की मात्रा भी बढ़ सकती है। ऐसे में रात में कई बार बाथरूम जाने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, रात में बार-बार पेशाब आने का मतलब हर बार डायबिटीज ही नहीं होता है। इसके लिए डॉक्टर से चेकअप कराना बहुत जरूरी है।”
क्या बार-बार पेशाब आना हमेशा डायबिटीज का लक्षण होता है?
Dr. Himika Chawla ने कहा, “नहीं, बार-बार पेशाब आने का कारण सिर्फ डायबिटीज ही नहीं होता। कई मामलों में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), कुछ दवाएं और अन्य मेडिकल कंडीशन भी हो सकती है। बार-बार पेशाब आना डायबिटीज का एक लक्षण हो सकता है, लेकिन इसके साथ अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है। हाई ब्लड शुगर में डायबिटीज के मरीजों को कई और भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं।”
urine frequency in diabetes
यह भी पढ़ें- डायबिटीज में कौन से फल नहीं खाने चाहिए? जानें डॉक्टर से
हाई ब्लड शुगर होने के लक्षण
Mayo Clinic के अनुसार, डायबिटीज में बार-बार पेशाब आने के अलावा कई अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
- बहुत ज्यादा प्यास लगना - डायबिटीज के मरीजों का बार-बार पेशाब करने से शरीर में पानी की कमी महसूस होने लगती है। इस वजह से डायबिटीज के रोगियों को मुंह सूखने या बार-बार प्यास लगने की शिकायत रहती है।
- बहुत ज्यादा थकान लगना - ब्लड शुगर बढ़ने के कारण शरीर ग्लूकोज का सही इस्तेमाल नहीं कर पता, तो शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी और थकान होने लगती है।
- वजन घटना - बार-बार पेशाब जाने के कारण शरीर की कैलोरी भी कम होने लगती है। इस वजह से डायबिटीज मरीजों में वजन घटने की समस्या देखी जा सकती है। यह टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों में ज्यादा देखने को मिलता है।
- धुंधला दिखाई देना - हाई ब्लड शुगर होने पर आंखों की नसों पर इसका असर पड़ता है। डायबिटीज के मरीजों को धुंधला दिखाई देने की शिकायत हो सकती है।
- घाव धीरे भरना - हाई ब्लड शुगर में शरीर का ब्लड फ्लो भी धीमा हो जाता है। इस वजह से जख्म भरने की प्रक्रिया भी धीमी हो सकती है।
- हाथ-पैरों में झुनझुनी होना - डायबिटीज के मरीजों की नसों को नुकसान पहुंचने लगता है, जिस वजह से हाथों और पैरों में झुनझुनी महसूस हो सकती है।
- लाल या सूजे हुए मसूड़े - डायबिटीज के मरीजों को इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है और इसका असर मसूड़ों पर दिख सकता है।
यह भी पढ़ें- शुगर की दवा लेने के बाद कितनी देर में खाना चाहिए? दवा के समय से जुड़ी ये गलती न करें
डॉक्टर की सलाह
Dr. Himika Chawla कहती हैं कि लोगों को बार-बार पेशाब की आदत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर बार-बार पेशाब जाने के साथ-साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। डायबिटीज के टेस्ट के बाद डॉक्टर मरीज को ब्लड शुगर मैनेज करने की दवा और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह दे सकते हैं। अगर समय पर ब्लड शुगर को कंट्रोल न किया जाए, तो इससे आंखों, किडनी, हार्ट, दांतों और ब्रेन हेल्थ पर असर पड़ सकता है।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या पेशाब के रास्ते इंफेक्शन (UTI) होने पर भी डायबिटीज के मरीज को बार-बार पेशाब आता है?
डायबिटीज के मरीजों में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा ज्यादा होता है। अगर बार-बार पेशाब आने के साथ पेशाब में जलन, तेज दर्द, धुंधलापन या हल्का बुखार भी महसूस हो, तो तुरंत यूरिन रूटीन एंड कल्चर कराने के लिए डॉक्टर की सलाह लें।क्या कुछ डायबिटीज की दवाइयां भी बार-बार पेशाब आने का कारण बनती हैं?
कुछ दवाएं किडनी के जरिए अतिरिक्त शुगर को पेशाब से बाहर निकालती हैं। इस वजह से दवा शुरू करने के शुरुआती कुछ दिनों में पेशाब की मात्रा और बार-बार जाना बढ़ सकता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 16, 2026 19:48 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Himika Chawla
