डायबिटीज में सिर्फ क्या खाना है, यह जानना ही जरूरी नहीं है, बल्कि दवा किस समय लेनी है और उसके आस-पास भोजन कब करना है, इसका ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। कई लोग सुबह उठकर शुगर की गोली ले लेते हैं और इसके बाद नाश्ता करने में काफी देर कर देते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि हर डायबिटीज की दवा लेने के बाद 30 मिनट इंतजार करना जरूरी है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, डायबिटीज की अलग-अलग दवाएं शरीर में अलग तरीके से काम करती हैं। इसलिए किसी दवा को खाली पेट लेने की सलाह दी जा सकती है, तो किसी को भोजन के साथ या भोजन के आस-पास लेने के लिए कहा जाता है।
इस लेख में डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी से समझिए कि शुगर की दवा लेने और खाना खाने के बीच कितना अंतर होना चाहिए, किन दवाओं में भोजन के समय का खास ध्यान रखना जरूरी है और दवा लेने के बाद खाना टालना कब परेशानी बढ़ा सकता है।
शुगर की गोली खाने के कितनी देर बाद खाना खाना चाहिए?
डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, डायबिटीज की दवा का सही समय उसके असर और मरीज के खान-पान के समय से जुड़ा होता है। इसलिए डॉक्टर ने जिस तरह दवा लेने को कहा है, उसी समय और तरीके को फॉलो करना चाहिए।
1. मेटफॉर्मिन लेने के बाद कब खाना चाहिए?
डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, मेटफॉर्मिन डायबिटीज में इस्तेमाल होने वाली आम दवाओं में से एक है। इसे आमतौर पर भोजन के साथ या भोजन के बाद लेने की सलाह दी जाती है।
- इसका कारण यह भी है कि भोजन के साथ लेने पर पेट से जुड़ी कुछ समस्याएं जैसे मतली, पेट खराब होना या दस्त कम हो सकते हैं।
- इसलिए अगर आपकी दवा मेटफॉर्मिन है, तो डॉक्टर के निर्देश के अनुसार इसे भोजन के साथ लेना ज्यादा सही हो सकता है।
- इसे अपनी तरफ से खाली पेट लेने या खाने के काफी देर बाद लेने का फैसला न करें।
2. कुछ दवाएं खाने से पहले
डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी बताते हैं कि डायबिटीज की कुछ दवाएं ऐसी हैं जिनका समय भोजन से पहले रखा जाता है। उदाहरण के लिए, ग्लिमेपिराइड जैसी सल्फोनिलयूरिया दवाएं आमतौर पर मुख्य भोजन से ठीक पहले या उसके साथ ली जाती हैं। इन दवाओं के मामले में दवा लेने के बाद खाना बहुत देर तक टालना सही नहीं होता, क्योंकि कुछ दवाएं शरीर में इंसुलिन रिलीज बढ़ाती हैं और इससे ब्लड शुगर बहुत कम होने का जोखिम हो सकता है।
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when to eat after diabetes medicine
साल 2023 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, सुबह जल्दी खाना शुरू करना बेहतर मेटाबोलिक हेल्थ से जुड़ा है। इस स्टडी के अनुसार, खाना कितने घंटे खाया का ग्लूकोज या इंसुलिन रेजिस्टेंस पर कोई खास असर नहीं दिखा, लेकिन खाना जितनी जल्दी शुरू किया जाए, ब्लड शुगर और इंसुलिन का लेवल उतना ही बेहतर (कम) रहता है।
हर एक घंटा देरी से खाना शुरू करने पर ग्लूकोज और इंसुलिन रेजिस्टेंस में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई। इससे यह साबित होता है कि दिनभर में भोजन करने का समय आपके स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म को सुधारने में एक बेहद अहम भूमिका निभाता है।
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सावधानियां
- डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, डायबिटीज की कुछ दवाओं और इंसुलिन के साथ भोजन का समय बदलने से हाइपोग्लाइसीमिया यानी ब्लड शुगर बहुत कम होने का खतरा बढ़ सकता है।
- इसके लक्षणों में पसीना आना, कपकपाहट, तेज भूख, कमजोरी, चक्कर या बेचैनी शामिल हो सकते हैं।
- इसलिए अगर डॉक्टर ने किसी दवा को खाने से पहले लेने के लिए कहा है, तो दवा लेने के बाद भोजन को बिना वजन टालने की आदत न बनाएं।
निष्कर्ष
डायबिटीज की दवा लेने के बाद कितनी देर में खाना चाहिए, इसका जवाब हर मरीज के लिए एक जैसा नहीं है। मेटफॉर्मिन जैसी दवाएं आमतौर पर भोजन के साथ या बाद में ली जाती हैं, जबकि कुछ दवाएं भोजन से पहले लेनी होती हैं। इसलिए अपनी दवा का समय खुद से बदलने, खाना छोड़ने से बचें। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा, खुराक और भोजन के समय का नियमित पालन करना ब्लड शुगर मैनेजमेंट का अहम हिस्सा है।
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FAQ
क्या डायबिटीज की दवा रोज एक ही समय पर लेनी चाहिए?
डॉक्टर द्वारा तय किया गया नियमित समय बनाए रखना दवा के प्रभाव और ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए जरूरी होता है। समय में बार-बार बदलाव न करें।अगर डायबिटीज की दवा लेना भूल जाएं तो क्या करें?
यह दवा के प्रकार और अगली खुराक के समय पर निर्भर करता है। याद आते ही अपनी तरफ से डबल डोज लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।क्या चाय या कॉफी के साथ शुगर की दवा ले सकते हैं?
सामान्य तौर पर दवा लेने के लिए सादा पानी इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।
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Sep 21, 2026 17:20 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr. G. Krishna Mohan Reddy
