Fri Oct 9, 2026 | 06:35 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

नवरात्रि में डायबिटीज के मरीज व्रत रखें तो क्या खाएं? शुगर बढ़ने से बचने के लिए जानें जरूरी बातें

डायबिटीज में नवरात्रि व्रत रखते समय नियमित ब्लड शुगर चेक करते रहें, पर्याप्त पानी पिएं और डॉक्टर की सलाह से भोजन व दवाओं का समय तय करें। इंसुलिन या दवा खुद से बंद न करें।
नवरात्रि में डायबिटीज के मरीज व्रत रखें तो क्या खाएं? शुगर बढ़ने से बचने के लिए जानें जरूरी बातेंनवरात्रि में डायबिटीज के मरीज व्रत रखें तो क्या खाएं? शुगर बढ़ने से बचने के लिए जानें जरूरी बातें

नवरात्रि के दौरान कई लोग मां दुर्गा के लिए अपनी श्रद्धा से व्रत रखते हैं। इस दौरान खान-पान में बदलाव होता है और लोग नॉर्मल भोजन की जगह फल, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना और आलू जैसी चीजें खाते हैं लेकिन अगर आपको डायबिटीज है, तो व्रत के दौरान खान-पान को लेकर खास सावधानी बरतने की जरूरत है। जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, लंबे समय तक भूखे रहने या सही तरीके से भोजन न करने से ब्लड शुगर का लेवल कम या ज्यादा हो सकता है। आइए डाइटीशियन अर्चना जैन से जानिए, डायबिटीज में नवरात्रि का व्रत रखने के लिए जरूरी डाइट टिप्स कौन सी हैं?

व्रत के दौरान ब्लड शुगर लेवल को कैसे नियंत्रित रखें?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, नवरात्रि व्रत रखने के दौरान अगर आपको डायबिटीज है, तो खान-पान में की गई एक छोटी-सी गलती भी ब्लड शुगर लेवल बिगाड़ सकती है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखकर हेल्दी तरीके से नवरात्रि का व्रत भी रखा जा सकता है और ब्लड शुगर कंट्रोल भी हो सकती है।

1. व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लें

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन सलाह देती हैं कि अगर आपको डायबिटीज है, तो नवरात्रि का व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। खासकर अगर आप इंसुलिन या ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं लेते हैं, तो लंबे समय तक भूखे रहने से हाइपोग्लाइसीमिया यानी ब्लड शुगर कम होने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, कुछ लोगों में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ भी सकता है। इसलिए व्रत रखने का फैसला अपनी सेहत, दवाओं और डायबिटीज के कंट्रोल को ध्यान में रखकर करें।

2. लंबे समय तक खाली पेट न रहें

डायबिटीज में लंबे समय तक भूखे रहना नुकसानदायक हो सकता है, इससे कमजोरी, चक्कर आना, पसीना आना, हाथ कांपना और घबराहट जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसलिए व्रत के दौरान अपने डॉक्टर और डाइटीशियन की सलाह के अनुसार अपने खाने का समय तय करें। जरूरत पड़ने पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बैलेंस भोजन लें।

3. व्रत में फल और प्रोटीन का रखें ध्यान

नवरात्रि में फल खाना आम है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों को फलों की मात्रा और प्रकार का ध्यान रखना चाहिए। एक बार में बहुत ज्यादा फल खाने के बजाय सीमित मात्रा में साबुत फल खाएं। फलों का जूस पीने से बचें, क्योंकि इसमें फाइबर कम होता है और शुगर तेजी से बढ़ सकती है। व्रत में शुगर कंट्रोल (Sugar control during fasting) के लिए नियमों के अनुसार दही, दूध, पनीर और बिना चीनी वाले अन्य प्रोटीन सोर्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

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4. कुट्टू, सिंघाड़े और साबूदाने को ज्यादा न खाएं

व्रत में कुट्टू के आटे की पूरी, पकौड़े, साबूदाने की खिचड़ी और आलू से बनी चीजें खूब खाई जाती हैं लेकिन इन चीजों में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा हो सकती है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करें। कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी चीजों को तलने के बजाय कम तेल में बनाएं। साबूदाने और आलू की बड़ी मात्रा खाने से बचें। ध्यान रखें कि व्रत में खाई जाने वाली हर चीज अपने आप डायबिटीज के लिए सुरक्षित नहीं होती।

साल 2017 में Indian Journal of Endocrinology and Metabolism में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार-

  • नवरात्रि जैसे पारंपरिक उपवासों के दौरान डायबिटीज के मरीजों को अपने खान-पान और ब्लड शुगर का खास ख्याल रखना चाहिए।
  • रिसर्च बताती है कि रमजान की तरह हिंदू व्रतों पर वैज्ञानिक डाइट गाइडलाइंस की थोड़ी कमी है, क्योंकि व्रत के नियम क्षेत्र और संस्कृति के अनुसार बदलते रहते हैं।
  • इस स्टडी का मुख्य निष्कर्ष यह है कि सही और व्यावहारिक डाइट टिप्स, खाने के सही समय और भोजन में जरूरी बदलाव करके डायबिटीज के मरीज भी सुरक्षित रूप से व्रत रख सकते हैं।
  • इससे शुगर लेवल को आसानी से कंट्रोल रखा जा सकता है और सेहत पर बुरा असर नहीं पड़ता।

5. ब्लड शुगर की नियमित जांच करें

व्रत के दौरान ब्लड शुगर की लगातार जांच करना बहुत जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर शुगर की जांच करें, ताकि लेवल में होने वाले बदलावों का पता चल सके। अगर पसीना आना, चक्कर, कंफ्यूजन, कमजोरी या घबराहट महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें, ये कम ब्लड शुगर के संकेत हो सकते हैं। अगर ब्लड शुगर बहुत कम हो जाए, तो तुरंत उचित इलाज लें।

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6. पर्याप्त पानी पिएं और मीठी चीजों से बचें

व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी होने से कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मीठे शरबत, चीनी वाले ड्रिंक्स और ज्यादा तली हुई चीजों से बचें। नारियल पानी या अन्य ड्रिंक लेने से पहले भी अपनी ब्लड शुगर और डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखें।

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निष्कर्ष

डायबिटीज होने पर नवरात्रि का व्रत रखने के लिए खान-पान, दवाओं और ब्लड शुगर पर खास ध्यान देना जरूरी है। लंबे समय तक भूखे रहने, ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने और दवाओं में खुद से बदलाव करने से बचें। न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन की सलाह के अनुसार बैलेंस डाइट की प्लानिंग बनाएं और व्रत शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें। याद रखें, आपकी सेहत सबसे पहले है। यदि व्रत रखने से ब्लड शुगर कंट्रोल रखना मुश्किल हो रहा है, तो अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और व्रत रखने के तरीके पर डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • क्या डायबिटीज में निर्जला व्रत रखना सुरक्षित है?

    डायबिटीज में निर्जला व्रत रखने से शरीर में पानी की कमी और ब्लड शुगर संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
  • व्रत के दौरान ब्लड शुगर कितनी होनी चाहिए?

    ब्लड शुगर का लेवल हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और इलाज के अनुसार अलग हो सकता है।
  • डायबिटीज के मरीज मखाना खा सकते हैं?

    मखाना सीमित मात्रा में खाया जा सकता है। इसे कम घी या तेल में भूनकर खाना बेहतर है। इसकी मात्रा अपनी डाइट और ब्लड शुगर के अनुसार तय करें।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 09, 2026 17:20 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain