Sugar Friendly Plate To Control Blood Sugar in Hindi: वर्तमान समय में खराब डाइट, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और खराब लाइफस्टाइल के कारण लोगों में स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों में डायबिटीज एक आम, लेकिन गंभीर बीमारी बनती जा रही है। ब्लड शुगर लेवल हाई होने के कारण हाइपरटेंशन, दिल से जुड़ी बीमारियां आदि समस्याएं भी तेजी से बढ़ती है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने डाइट में उन चीजों को शामिल करें, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रख सके। इसलिए, लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि वे अपनी थाली को शुगर-फ्रेंडली कैसे बना सकते (What is a healthy plate for diabetics) हैं? आइए इस लेख में हम दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि शुगर फ्रेंडली प्लेट कैसे बनाएं?
शुगर-फ्रेंडली थाली कैसे बनाएं?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि, "डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए शुगर-फ्रेंडली प्लेट बनाना बहुत जरूरी है। शुगर-फ्रेंडली प्लेट का मतलब होता है एक ऐसी प्लेट जो संतुलित भोजन से भरपूर हो, जिसे खाने के बाद शरीर में ब्लड शुगर लेवल अचानक न बढ़े।" इसलिए आइए जानते हैं आप अपनी रोज की थाली को शुगर फ्रेंडली कैसे बना सकते हैं?
1. आधी प्लेट सब्जियों से भरपूर
अपनी थाली में कार्ब्स और शुगर कम करने के लिए जरूरी है कि आप लगभग 50% हिस्सा हरी और फाइबर से भरपूर सब्जियों से भरें, जिसमें पालक, लौकी, गाजर, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी आदि चीजों को शामिल करें। हरी सब्जियों में फाइबर ज्यादा होता है, जो भोजन को धीरे-धीरे पचाता है और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देता है। इतना ही नहीं यह आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखने में भी मदद करता है। इस बात का भी ध्यान रखें कि आप अपनी सब्जियों को ज्यादा तेल में पकाने से बचें, बल्कि जितना हो सके उन्हें उबालकर या भाप में पकाकर खाएं।
इसे भी पढ़ें: HbA1c लेवल को आसानी से घटा देंगे ये टिप्स, तेजी से गिरेगा शुगर ग्राफ
2. सही कार्बोहाइड्रेट शामिल करें
शुगर-फ्रेंडली प्लेट तैयार करने के लिए आप अपने फूड्स में कार्बोहाइड्रेट की गुणवत्ता का ध्यान रखें। अपनी थाली में मैदा, रिफाइंड आटा और सफेद चावल शामिल करने से बचें, क्योंकि ये ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ते हैं। इनके स्थान पर आप मल्टीग्रेन रोटी, जौ या बाजरे की रोटी, ब्राउन राइस और ओट्स शामिल कर सकते हैं। इन फूड्स में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
3. प्रोटीन शामिल करें
प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन आपके ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद कर सकता है, जो पेट को देर तक भरा रखने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसलिए आप अपनी थाली में प्रोटीन से भरपूर दाल, राजमा, चना और पनीर जैसी चीजों को शामिल कर सकते हैं। बता दें कि प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करने से आपके भोजन के ग्लूकोज अवशोषण को धीमा करने में मदद मिलती है।

4. हेल्दी फैट शामिल करें
हेल्दी फैट भी शुगर-फ्रेंडली प्लेट का अहम हिस्सा होता है। इसलिए, आप अपनी थाली में मूंगफली, बादाम, अखरोट और अलसी के बीज आदि चीजों को शामिल कर सकते हैं। ये गुड फैट्स शरीर को एनर्जी देने में मदद करते हैं और ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं।
इसे भी पढ़ें: क्या रोज सुबह दलिया खाने से कंट्रोल रहता है ब्लड शुगर? डायबिटीज मरीजों के लिए जरूरी जानकारी
5. मीठे पेय और रिफाइंड शुगर से दूरी
अपनी प्लेट में कोल्ड ड्रिंक, पैकेट जूस, मिठाई और ज्यादा चीनी वाली चीजों को शामिल करने से बचें, क्योंकि इनमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, जो आपके शरीर में ब्लड शुगर स्पाइक का कारण बन सकते हैं। इनकी जगह आप सादा पानी पिएं, नारियल पानी, छाछ आदि चीजों का सेवन करें और मीठा खाने की क्रेविंग कम करने के लिए खजूर या फल का सेवन कर सकते हैं।
निष्कर्ष
अपनी प्लेट को शुगर-फ्रेंडली बनाना बहुत आसान है। बस आप अपनी थाली में क्या और कितना शामिल कर रहे हैं इस बात का ध्यान रखें। इसके साथ ही ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए हेल्दी डाइट के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियां भी करें।
Image Credit: Freepik
FAQ
शुगर बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का मुख्य कारण शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन न बनने या इंसुलिन का ठीक तरह से काम न करना है, जो गलत खान-पान, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और तनाव के कारण होता है।बच्चों में शुगर लेवल कितना होना चाहिए?
बच्चों में सामान्य शुगर लेवल खाली पेट 70-100 mg/dL और खाना खाने के 2 घंटे बाद 140 mg/dL से कम होना चाहिए।सबसे ज्यादा क्या खाने से शुगर बढ़ता है?
सबसे ज्यादा ब्लड शुगर सफेद चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, प्रोसेस्ड फूड्स, कोल्ड ड्रिंक्स और स्टार्च से भरपूर फूड्स में होता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Feb 13, 2026 17:14 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Feb 13, 2026 17:14 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dt Rakshita Mehra