Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gunjan Sarin , Obstetrics and Gynaecology

मेनोपॉज के दौरान ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है? इन टिप्स से करें मैनेज

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। ऐसे में महिलाओं में थकान और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं होती हैं। आइए जानते हैं मेनोपॉज में ब्लड शुगर लेवल मैनेज करने के लिए क्या करना चाहिए? 

मेनोपॉज महिलाओं की लाइफ का एक ऐसा स्टेज है, जिसमें हार्मोनल बदलाव बहुत तेजी से होते हैं। इस समय महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम होने लगता है, जिससे शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आने लगते हैं। हार्मोन्स में होने वाले इन बदलावों का असर महिलाओं के ब्लड शुगर लेवल पर भी पड़ता है। कई महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान शुगर लेवल बढ़ने, वजन बढ़ने और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिलाएं मेनोपॉज के दौरान सही खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रख सकती हैं। इसलिए, आइए दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन से जानते हैं कि मेनोपॉज के दौरान ब्लड शुगर लेवल कैसे कंट्रोल में रखें?

मेनोपॉज में ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के टिप्स

डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, मेनोपॉज के दौरान ब्लड शुगर स्पाइक होने से रोकने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो करें-

1. संतुलित आहार लें

मेनोपॉज के दौरान ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए संतुलित डाइट लेना बहुत जरूरी है। आप अपनी डाइट में हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, फल और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल कर सकते हैं। साथ ही, अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर भोजन शामिल करें, जो शरीर में शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाती है और लंबे समय तक एनर्जी देती है। ध्यान रहे, ज्यादा मीठे और प्रोसेस्ड फूड्स खाने से परहेज करें।

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2. नियमित एक्सरसाइज करें

रोजाना कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज करना फायदेमंद माना जाता है। तेज चलना, योग, साइकलिंग और हल्की एक्सरसाइज करने से शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिलती है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और वजन बढ़ने की समस्या को कम करने का काम करता है।

3. पर्याप्त नींद लें

मेनोपॉज के दौरान नींद की समस्या होना आम बात है। नींद पूरी न होने पर शरीर में तनाव हार्मोन बढ़ सकते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होता है। हर दिन 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें। सोने से पहले मोबाइल और कैफीन से दूरी बनाना भी जरूरी है।

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4. तनाव कम लें

मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल असंतुलन के कारण मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। तनाव का सीधा असर महिलाओं के शुगर लेवल पर पड़ता है। मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की तकनीक और योग तनाव कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, आप अपने मनपसंद कामों में समय बिताने की कोशिश करें, जो मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखता है।

5. नियमित जांच करवाएं

मेनोपॉज के दौरान समय-समय पर ब्लड शुगर टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है। इससे शुगर लेवल में होने वाले बदलावों को पता चलता है और समय रहते सही कदम उठाना भी बहुत जरूरी है। इसलिए, आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार हेल्थ चेकअप करवाएं।

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निष्कर्ष

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को ब्लड शुगर लेवल संतुलित रखने के लिए सही रूटीन, हेल्दी डाइट और नियमित एक्सरसाइज करना जरूरी है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • महिलाओं में मेनोपॉज के क्या लक्षण हैं?

    मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। इसके लक्षणों की बात करें तो महिलाओं में अनियमित पीरियड्स, हॉट फ्लैशेस, रात में पसीना आना, योनि में सूखापन और मूड में बदलाव होना शामिल है।
  • महिलाओं में मेनोपॉज के बाद क्या बदलाव होते हैं?

    महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल काफी कम हो जाता है, जिससे शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं। इसके अलावा हड्डियों का कमजोर होना, दिल से जुड़ी बीमारियां, योनि में ड्राइनेस, वजन बढ़ना और मानसिक तनाव शामिल हैं।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 29, 2026 14:05 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • May 29, 2026 14:05 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Gunjan Sarin

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