डायबिटीज यानी ब्लड शुगर की बीमारी बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चों में भी काफी आम होती जा रही है। यह एक गंभीर बीमारी है, जिसमें अगर आपने अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में नहीं रखा तो यह जानलेवा भी हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को हमेशा अपने खानपान और लाइफस्टाइल को हेल्दी रखने की सलाह दी जाती है। खासकर दिन की शुरुआत यानी ब्रेकफास्ट में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए, जो उनके पेट को लंबे समय तक भरा रखने और ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मदद कर सकें। ऐसे में अक्सर लोगों के बीच इस बात की कंफ्यूजन रहती है कि वे अपने नाश्ते में ओट्स या दलिया क्या शामिल करें। आइए इस बारे दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं।
डायबिटीज में ओट्स के फायदे
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि ओट्स में घुलनशील फाइबर होता है, जिसे बीटा-ग्लूकन कहा जाता है। यह फाइबर ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है और इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। ब्रेकफास्ट में ओट्स खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस कराने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती है। यही कारण है कि यह वजन कंट्रोल रखने में भी फायदेमंद होता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए बिना फ्लेवर और बिना चीनी वाले ओट्स खाना सबसे अच्छा माना जाता है।
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डायबिटीज में दलिया के फायदे
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, दलिया गेहूं से तैयार होता है और इसमें भी फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। दलिया का सेवन ब्रेकफास्ट में करने से पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद मिलती है और शरीर में एनर्जी भी धीरे-धीरे रिलीज होती है। इतना ही नहीं, दलिया का ग्लाइसेमिक इंडेक्स नॉर्मल चावल या मैदे की तुलना में कम होता है। इसलिए यह ब्लड शुगर लेवल को अचानक नहीं बढ़ाता है। अगर दलिया में सब्जियां मिलाकर बनाया जाए तो यह और भी ज्यादा पौष्टिक हो सकता है। नाश्ते में नमकीन दलिया का सेवन शुगर मरीजों के लिए मीठे दलिया से बेहतर माना जाता है।

डायबिटीज होने पर ब्रेकफास्ट में क्या खाना बेहतर है?
न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा की मानें तो ब्रेकफास्ट में ओट्स या दलिया में से क्या बेहतर है? अगर इस बात को जानने के लिए हम दोनों की तुलना करें तो ओट्स में फाइबर ज्यादा मात्रा में होता है और यह ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में ज्यादा प्रभावी माना जाता है। वहीं, दलिया ज्यादा आसानी से पचने वाला नाश्ता है। जिन लोगों को लंबे समय तक पेट भरा रखना है, उनके लिए ओट्स अच्छा विकल्प हो सकता है। जबकि हल्का और संतुलित नाश्ता करने वालों के लिए दलिया बेहतर ब्रेकफास्ट हो सकता है।
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निष्कर्ष
ओट्स और दलिया दोनों ही ब्लड शुगर मरीजों के लिए एक हेल्दी विकल्प हैं। सही मात्रा में और सही तरीके से तैयार किया गया नाश्ता ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करता है। आप चाहें तो अपनी जरूरत और स्वाद के अनुसार दोनों को एक-एक कर अपने नाश्ते में शामिल कर सकते हैं।
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FAQ
शुगर पेशेंट को ब्रेकफास्ट में क्या खाना चाहिए?
शुगर के मरीजों के लिए ऐसा नाश्ता सबसे अच्छा माना जाता है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट कम हो और प्रोटीन ज्यादा, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर हो।शुगर के मरीज को रोजाना सुबह खाली पेट क्या पीना चाहिए?
शुगर के मरीजों को रोजाना सुबह खाली पेट मेथी का पानी, दालचीनी की चाय या ताजा नींबू पानी पीना चाहिए।
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Current Version
May 21, 2026 11:27 IST
Modified By : Katyayani Tiwari May 21, 2026 11:27 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dt Rakshita Mehra