Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dt Rakshita Mehra , Consultant Dietetics

डायबिटीज में ओट्स या दलिया, नाश्ते में क्या खाना है बेस्ट?

डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रखने के लिए ब्रेकफास्ट में हेल्दी चीजें शामिल करना जरूरी है। इसलिए, आइए जानते हैं कि नाश्ते में ओठ्स या दलिया क्या खाना ज्यादा बेहतर होता है? 

डायबिटीज यानी ब्लड शुगर की बीमारी बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चों में भी काफी आम होती जा रही है। यह एक गंभीर बीमारी है, जिसमें अगर आपने अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में नहीं रखा तो यह जानलेवा भी हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को हमेशा अपने खानपान और लाइफस्टाइल को हेल्दी रखने की सलाह दी जाती है। खासकर दिन की शुरुआत यानी ब्रेकफास्ट में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए, जो उनके पेट को लंबे समय तक भरा रखने और ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मदद कर सकें। ऐसे में अक्सर लोगों के बीच इस बात की कंफ्यूजन रहती है कि वे अपने नाश्ते में ओट्स या दलिया क्या शामिल करें। आइए इस बारे दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं।

डायबिटीज में ओट्स के फायदे

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि ओट्स में घुलनशील फाइबर होता है, जिसे बीटा-ग्लूकन कहा जाता है। यह फाइबर ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है और इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। ब्रेकफास्ट में ओट्स खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस कराने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती है। यही कारण है कि यह वजन कंट्रोल रखने में भी फायदेमंद होता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए बिना फ्लेवर और बिना चीनी वाले ओट्स खाना सबसे अच्छा माना जाता है।

इसे भी पढ़ें: डायबिटीज में बार-बार भूख और प्यास क्यों लगती है? डॉक्टर से जानें कारण

डायबिटीज में दलिया के फायदे

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, दलिया गेहूं से तैयार होता है और इसमें भी फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। दलिया का सेवन ब्रेकफास्ट में करने से पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद मिलती है और शरीर में एनर्जी भी धीरे-धीरे रिलीज होती है। इतना ही नहीं, दलिया का ग्लाइसेमिक इंडेक्स नॉर्मल चावल या मैदे की तुलना में कम होता है। इसलिए यह ब्लड शुगर लेवल को अचानक नहीं बढ़ाता है। अगर दलिया में सब्जियां मिलाकर बनाया जाए तो यह और भी ज्यादा पौष्टिक हो सकता है। नाश्ते में नमकीन दलिया का सेवन शुगर मरीजों के लिए मीठे दलिया से बेहतर माना जाता है।

Oats-or-Dalia-for-Diabetics-inside

डायबिटीज होने पर ब्रेकफास्ट में क्या खाना बेहतर है?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा की मानें तो ब्रेकफास्ट में ओट्स या दलिया में से क्या बेहतर है? अगर इस बात को जानने के लिए हम दोनों की तुलना करें तो ओट्स में फाइबर ज्यादा मात्रा में होता है और यह ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में ज्यादा प्रभावी माना जाता है। वहीं, दलिया ज्यादा आसानी से पचने वाला नाश्ता है। जिन लोगों को लंबे समय तक पेट भरा रखना है, उनके लिए ओट्स अच्छा विकल्प हो सकता है। जबकि हल्का और संतुलित नाश्ता करने वालों के लिए दलिया बेहतर ब्रेकफास्ट हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: डायबिटीज कैसे याददाश्त और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकती है? जानें डॉक्टर से

निष्कर्ष

ओट्स और दलिया दोनों ही ब्लड शुगर मरीजों के लिए एक हेल्दी विकल्प हैं। सही मात्रा में और सही तरीके से तैयार किया गया नाश्ता ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करता है। आप चाहें तो अपनी जरूरत और स्वाद के अनुसार दोनों को एक-एक कर अपने नाश्ते में शामिल कर सकते हैं।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • शुगर पेशेंट को ब्रेकफास्ट में क्या खाना चाहिए?

    शुगर के मरीजों के लिए ऐसा नाश्ता सबसे अच्छा माना जाता है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट कम हो और प्रोटीन ज्यादा, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर हो।
  • शुगर के मरीज को रोजाना सुबह खाली पेट क्या पीना चाहिए?

    शुगर के मरीजों को रोजाना सुबह खाली पेट मेथी का पानी, दालचीनी की चाय या ताजा नींबू पानी पीना चाहिए।

Read Next

गर्मियों में किसी भी स्पोर्ट्स ड्रिंक से बेहतर क्यों है नारियल पानी? जानें एक्सपर्ट से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 21, 2026 11:27 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • May 21, 2026 11:27 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dt Rakshita Mehra

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content