Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

रागी या बाजरा: डायबिटीज को कंट्रोल करने में कौन सा आटा है बेस्ट?

डायबिटीज मरीजों को अपनी डाइट में ऐसे आटे को शामिल करना चाहिए, जो ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद कर सके। इसलिए, आइए जानते हैं कि डायबिटीज में रागी या बाजरा कौन-सा आटा फायदेमंद होता है?

डायबिटीज के मरीजों के लिए सही डाइट और पोषक तत्वों से भरपूर खानपान लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों के लिए हेल्दी और सही आटा चुनना बहुत जरूरी होता है। आजकल मिलेट्स यानी मोटे अनाज को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इन मिलेट्स में रागी और बाजरा सबसे ज्यादा खाने की सलाह दी जाती है, जो पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। हालांकि, आयुर्वेद के अनुसार रागी और बाजरा दोनों के ही गुण अलग-अलग होते हैं। ऐसे में यह समझना बहुत जरूरी है कि डायबिटीज में कौन-सा आटा ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इसलिए, आइए हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं इस बारे में।

डायबिटीज में रागी के फायदे

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार रागी को कैल्शियम का अच्छा सोर्स माना जाता है, इसे खाने से कई फायदे मिल सकते हैं-

  • रागी का सेवन हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
  • रागी लघु यानी हल्की होती है, इसलिए इसे पचाना बाजरे के मुकाबले आसान माना जाता है।
  • रागी में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है।
  • डायबिटीज के मरीजों के लिए रागी इसलिए भी फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो शरीर में अचानक नहीं बढ़ता है।

इसे भी पढ़ें: डायबिटीज में बार-बार भूख और प्यास क्यों लगती है? डॉक्टर से जानें कारण

डायबिटीज में बाजरा के फायदे

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि बाजरा का सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह फाइबर और अन्य कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। आयुर्वेद के अनुसार बाजरा गुरु यानी भारी गुण वाला होता है। इसकी तासीर गर्म और रूक्ष होती है। यही कारण है कि बाजरे का सेवन सर्दियों में खाने की सलाह दी जाती है। बाजरे की रूक्षता को कम करने के लिए इसमें घी का इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है। हालांकि, जिन लोगों को पहले से अपच, पेट में भारीपन या कमजोर पाचन की समस्या हो, उन्हें बाजरे का सेवन सावधानी के साथ करना चाहिए।

Ragi-or-Bajra-for-diabetes-inside

इसे भी पढ़ें: ग्रीन टी या मिल्क टी: डायबिटीज मरीजों के लिए कौन-सी चाय बेहतर है? न्यूट्रिशनिस्ट ने दिया जवाब

रागी या बाजरा- डायबिटीज में क्या है बेहतर?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार अगर डायबिटीज के मरीज का पाचन कमजोर है या अक्सर पेट में भारीपन महसूस होता है तो रागी का सेवन उनके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि यह बाजरे की तुलना में हल्का होता है। वहीं, सर्दियों में और अच्छी पाचन शक्ति वाले लोग सीमित मात्रा में बाजरा भी खा सकते हैं।

निष्कर्ष

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि रागी और बाजरा दोनों ही डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद होते हैं। हालांकि, शरीर की प्रकृति और पाचन क्षमता के अनुसार इसका सेवन करना चाहिए। रागी हल्की और पचने में आसान मानी जाती है, जबकि बाजरा ज्यादा भारी और गर्म तासीर वाला होता है। इसके साथ ही सही मौसम और सही तरीके से रागी और बाजरा का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमदं हो सकता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • डायबिटीज में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?

    डायबिटीज में सबसे ज्यादा फाइबर से भरपूर हरी सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।
  • सुबह खाली पेट क्या खाना चाहिए शुगर पेशेंट को?

    ब्लड शुगर के मरीजों को सुबह खाली पेट ऐसे फूड्स खाने चाहिए, जो ब्लड शुगर लेवल को एकदम बढ़ने से रोक देते हैं। इसलिए, आपको मेथी दाना का पानी, भीगे हुए बादाम और अखरोट, कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल खाने चाहिए।

Read Next

स्किन पर सफेद धब्बे नॉर्मल स्पॉट्स हैं या विटिलिगो (सफेद दाग)? डॉक्टर से जानें कैसे पहचानें अंतर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 21, 2026 22:49 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • May 21, 2026 22:49 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content