Ragi vs Bajra in Winter: रागी और बाजरा, दोनों ही मोटे अनाज हैं जिनका सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। रागी और बाजरा, दोनों को लोग अलग-अलग तरीके से बनाते हैं और खाते हैं। रागी (Finger Millet) जिसे फिंगर मिलेट भी कहते हैं हड्डियों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। बाजरा जिसे पर्ल मिलेट (Pearl Millet) कहते हैं फाइबर, कैल्शियम, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, आयरन और मैग्निशिन से भरपूर है और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। रागी ग्लूटेन-फ्री होने के साथ-साथ प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और बी विटामिन से भरपूर होता है तो पाचन सुधारने, वजन नियंत्रित करने, ब्लड शुगर स्थिर रखने, दिल को बढ़ावा देने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है लेकिन सवाल ये है कि रागी और बाजरा में से कौन सा बेहतर विकल्प है? जानते हैं इस बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangalore की राय।
| रागी (Ragi) | बाजरा (Bajra) |
| रागी में प्रोटीन ज्यादा होता है जो हड्डियों को हेल्दी रखने में मददगार है। | बाजरा फाइबर से भरपूर है जो कि डाइजेशन को बेहतर बनाने के साथ कब्ज में कारगर है। |
| 100 ग्राम रागी में लगभग 320-330 कैलोरी होती है। | 100 ग्राम बाजरे में 378 कैलोरी होती है। |
| रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 54 होता है। | बाजरे में ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 68 होता है। |
रागी के 100 ग्राम में 13% प्रोटीन होता है। |
बाजरे में 7.5% से 14.5% तक प्रोटीन होता है। |
रागी खाने के फायदे-Ragi benefits in Hindi
रागी का इस्तेमाल शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। ऐसा इसलिए कि रागी में वो तमाम गुण होते हैं जो कि इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ आपको कई बीमारियों से बचा सकते हैं। रागी में फाइबर, आयरन और कैल्शियम होता है जो कि शरीर की गर्मी बढ़ाने के साथ मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मददगार है। रागी में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है जो कि ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के साथ हड्डियों को हेल्दी रखने में मददगार है। इसके अलावा
- रागी का फाइबर पेट भरा हुआ महसूस कराता है जिससे बेकार की क्रेविंग नहीं होती।
- रागी का आयरन शरीर को एनीमिया से लड़ने से मदद करता है।
- रागी का अमीनो एसिड त्वचा की लोच और बालों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं।
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बाजरा खाने के फायदे-Bajra benefits in Hindi
बाजरा और फॉक्सटेल बाजरा जैसे अन्य बाजरे भी गर्म होते हैं, लेकिन उनका गर्मी का प्रभाव रागी की तुलना में कम होता है। सर्दियों में बाजरे का दलिया, डोसा या रोटी आराम से खाई जा सकती है। हालांकि, संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। इसके अलावा भी बाजरा खाने के कई फायदे हैं। जैसे कि
- बाजरे में मौजूद फाइबर कब्ज से बचाव के साथ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है।
- इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ये डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा है।
- मैग्नीशियम, नियासिन और एंटीऑक्सीडेंट्स होने की वजह से ये दिल के लिए फायदेमंद है।
- सीलिएक रोग के मरीज या ग्लूटेन फ्री अनाज खाने वाले लोगों के लिए ये एक बेहतर विकल्प है।
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सर्दी में रागी खाना चाहिए या बाजरा- Sardi me ragi khana chahiye ya bajra?
रागी को बाजरे की तुलना में थोड़ा ज्यादा गर्म माना जाता है। रागी में फाइबर, आयरन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो चयापचय को बढ़ाते हैं और शरीर को गर्म रखते हैं, इसलिए यह शरीर में अधिक गर्मी पैदा करता है। यही कारण है कि रागी सर्दियों में एक अच्छा विकल्प है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें जल्दी ठंड लग जाती है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में भी मदद करता है और ठंड के मौसम में लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करता है।
FAQ
रागी गर्म है या ठंडा?
रागी की तासीर गर्म होती है और ये सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए खाया जाता है। इसे खाने से शरीर की इम्यूनिटी बूस्ट होती है और शरीर इस मौसम के इंफेक्शन से बचा रहता है।रागी किसे नहीं खाना चाहिए?
रागी उन लोगों को नहीं खाना चाहिए जिनका पित्ता बढ़ा हुआ हो। इसके अलावा जिन लोगों के शरीर की गर्मी बढ़ी हुई हो या पैरों में जलन हो रही हो उनके लिए रागी का सेवन फायदेमंद है।एक दिन में कितनी रागी का सेवन किया जा सकता है?
रागी एक गर्म अनाज है और इसलिए आपको 100 ग्राम से ज्यादा इसका सेवन नहीं करना चाहिए। हालांकि, अगर आपको पित्त से जुड़ी समस्या हो तो आपको इसके सेवन से बचना चाहिए।
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Jan 15, 2026 17:47 IST
Modified By : Pallavi Kumari Jan 15, 2026 17:47 IST
Modified By : Pallavi KumariJan 15, 2026 17:47 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Edwina Raj