Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्या साबुत अनाज खाने से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है? एक्‍सपर्ट से जानें

साबुत अनाज पाचन और वेट लॉस में मदद करते हैं। सा‍थ ही साबुत अनाज का सेवन करने से बैड कोलेस्‍ट्रॉल भी घटता है। आगे जानेंगे साबुत अनाज और द‍िल की बीमार‍ियों का संबंध।

हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए डाइट अहम भूम‍िका न‍िभाती है। हार्ट की सेहत को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल आते हैं जैसे क‍ि क्‍या खाना चाह‍िए और क्‍या नहीं? गूगल पर हमें यह सवाल म‍िला क‍ि क्‍या साबुत अनाज हार्ट की बीमार‍ियों का खतरा कम करता है? जब अनाज को ज्‍यादा प्रोसेस क‍िए हुए खाया जाता है, तो उसे होल ग्रेन्‍स या साबुत अनाज कहते हैं। पाचन को बेहतर बनाने और शरीर की एनर्जी को बढ़ाने के ल‍िए साबुत अनाज फायदेमंद होते हैं। इस लेख में जानेंगे क‍ि क्‍या साबुत अनाज वाकई दिल की बीमारियों का खतरा कम करते हैं? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Anoop Agrawal, Senior Consultant, Interventional Cardiologist At Yashoda Hospitals, Hyderabad और Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

हार्ट की बीमार‍ियां दूर करता है साबुत अनाज- Whole Grains Cure Heart Diseases

  • Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि हार्ट की बीमार‍ियों को दूर करने के ल‍िए साबुत अनाज का सेवन फायदेमंद है।
  • साबुत अनाज जैसे कि ओट्स, ब्राउन राइस, क्विनोआ, जौ और साबुत गेहूं अपने चोकर, जर्म और एंडोस्पर्म को बनाए रखते हैं, जबकि रिफाइंड अनाज प्रोसेसिंग के दौरान इन पोषक तत्वों से भरपूर हिस्सों को खो देते हैं। इससे वे फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन (जैसे विटामिन-बी), मिनरल (जैसे मैग्नीशियम और सेलेनियम) और फाइटोकेमिकल्स नामक प्लांट कंपाउंड से भरपूर होते हैं।
  • Dr. Anoop Agrawal ने बताया क‍ि ओट्स और जौ जैसे साबुत अनाज में पाया जाने वाला बीटा-ग्लूकन हार्ट के ल‍िए फायदेमंद होता है। यह पाचन तंत्र में कोलेस्ट्रॉल से जुड़ जाता है, जिससे खून में इसका अवशोषण कम हो जाता है। यह लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) कोलेस्ट्रॉल या बैड को कम करता है, जो धमनियों में प्लाक बनाते हैं और कोरोनरी आर्टरी डिजीज का मुख्‍य कारण बनते हैं।

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क्‍या कहती है स्‍टडी?

  • Dr. Anoop Agrawal ने बताया क‍ि नर्स हेल्थ स्टडी ने 12 सालों तक 74,000 से ज्‍यादा महिलाओं की डाइट पर नजर रखी और पाया कि जो महिलाएं सबसे ज्‍यादा साबुत अनाज खाती हैं, उनमें हृदय रोग का खतरा उन लोगों की तुलना में 30% कम था जो सबसे कम खाती थीं। हेल्थ प्रोफेशनल्स फॉलो-अप स्टडी में पुरुषों में भी ऐसे ही नतीजे सामने आए हैं।
  • बीएमजे (2016) में प्रकाशित के एक महत्वपूर्ण मेटा-एनालिसिस स्टडी से पता चलता है कि ज्‍यादा साबुत अनाज खाने से कार्डियोवैस्कुलर बीमारि‍यों का खतरा 16-20% कम होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन रोजाना कम से कम तीन सर्विंग खाने की सलाह देता है, इससे शरीर की सूजन कम होती है और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।
  • नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन की एक स्‍टडी में बताया गया क‍ि साबुत अनाज में रिफाइंड अनाज की तुलना में रेसिस्टेंट कार्बोहाइड्रेट ज्‍यादा होते हैं, जिसका मतलब है कि उनमें आमतौर पर फाइबर, पोषक तत्व और बाउंड एंटीऑक्सीडेंट ज्‍यादा होते हैं। साबुत अनाज खाने का संबंध लगातार बेहतर कार्डियोवैस्कुलर बीमारी के नतीजों और हेल्दी लाइफस्टाइल से जोड़ा गया है।

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साबुत अनाज से 45 से 65 ग्राम कार्ब्स लें

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  • ज‍िन लोगों को सील‍िएक रोग या ग्‍लूटेन सेंस‍िट‍िव‍िटी है, उन्‍हें कुट्टू या बाजरा जैसे ग्‍लूटेन फ्री व‍िकल्‍प चुनने चाह‍िए।
  • साबुत अनाज के साथ पोर्शन कंट्रोल का भी ध्‍यान रखना जरूरी है। रोजाना साबुत अनाज से 45 से 65 ग्राम कार्ब्स लेने का लक्ष्‍य बनाएं।
  • साबुत अनाज का सेवन करने के साथ-साथ फल, सब्‍ज‍ियां, लीन प्रोटीन को भी डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।
  • हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट के अलावा एक्‍सरसाइज भी जरूरी है।
  • हार्ट को स्‍वस्‍थ रखने के ल‍िए प्रोसेस्ड फूड, चीनी और सैचुरेटेड फैट्स की मात्रा को सीमि‍त करें।

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साबुत अनाज को डाइट में शाम‍िल कैसे करें?- How To Include Whole Grains In Diet

  • साबुत अनाज को अपनी डाइट में शाम‍िल करना आसान है।
  • अपने द‍िन की शुरुआत नट्स के साथ ओटमील से करें।
  • ब‍िरयानी में सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस का इस्‍तेमाल करें।
  • गेहूं की रोटी खाने के बजाय साबुत अनाज से रोट‍ियां बनाकर खाएं।
  • अगर आपको डायब‍िटीज या आईबीएस जैसी बीमारी है, तो डाइट में बदलाव से पहले डॉक्‍टर से सलाह लें।

न‍िष्‍कर्ष:

साबुत अनाज हार्ट की सेहत के ल‍िए फायदेमंद होते हैं। ये कार्डियोवैस्कुलर स‍िस्‍टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। ब्राउन राइस, ओट्स, साबुत अनाज की रोटी वगैरह को डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं।

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FAQ

  • साबुत अनाज के स्रोत क्‍या हैं?

    ब्राउन राइस, जौ, बाजरा, रागी, मक्‍का, क्विनोआ वगैरह साबुत अनाज के मुख्‍य स्रोत हैं। इनका सेवन करने से पाचन को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है।
  • क्‍या हम रोज साबुत अनाज खा सकते हैं?

    रोज साबुत अनाज का सेवन करना फायदेमंद होता है। ज‍िन लोगों को डायबि‍टीज या पाचन संबंध‍ित समस्‍या है, वह द‍िनभर में दो से तीन बार साबुत अनाज का सेवन कर सकते हैं।
  • साबुत अनाज खाने के क्‍या फायदे हैं?

    साबुत अनाज खाने से शरीर को एनर्जी म‍िलती है, वजन घटता है, शुगर लेवल कंट्रोल होता है, इम्‍यून‍िटी और मेटाबॉल‍िज्‍म को सपोर्ट म‍िलता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 15, 2026 17:32 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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