Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

ओट्स को क्यों माना जाता है हार्ट के लिए बेस्ट फूड, एक्‍सपर्ट से जानें 5 फायदे

ओट्स एक साबुत अनाज है और इसे सेहत के ल‍िए एक हेल्‍दी व‍िकल्‍प माना जाता है। ओट्स में फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं इसल‍िए यह हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद कहलाता है।

ओट्स एक हेल्‍दी मील है। इसे डाइट में शाम‍िल करके मैंगनीज, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, जिंक, कॉपर, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स जैसे पोषक तत्‍व शरीर को म‍िलते हैं। यही वजह है कि इसे हार्ट हेल्थ, वजन कंट्रोल और पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है। ओट्स एक साबुत अनाज है और उससे तैयार होने वाली ड‍िश जैसे ओट्स और दूध या ओट्स और दही को ओटमील कहा जाता है। ओट्स शरीर के ल‍िए कई अंंग जैसे हार्ट के ल‍िए एक हेल्‍दी व‍िकल्‍प है, तो आइए जानते हैं इससे हार्ट हेल्‍थ कैसे बेहतर हो सकती है या हार्ट को कौन से फायदे म‍िलते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

1. टोटल कोलेस्‍ट्रॉल और बैड कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल होता है

साल 2022 में European Journal Of Nutrition नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, ओट्स का सेवन करने से टोटल कोलेस्‍ट्रॉल और बैड कोलेस्‍ट्रॉल दोनों को कम करने में मदद म‍िलती है। ओट्स का सेवन करने से वजन कंट्रोल करने में भी मदद म‍िलती है। स्‍टडी के अनुसार, ओट्स में बीटा-ग्लूकान पाए जाते हैं जो हार्ट हेल्‍थ को बेहतर बनाते हैं।

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2. ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस कम करते हैं ओट्स

ओट्स में एंंटीऑक्‍सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है। ये शरीर में सूजन और ऑक्‍सीडेटि‍व स्‍ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं। अगर शरीर में लंंबे समय तक सूजन रहेगी, तो हार्ट ड‍िजीज का खतरा ज्‍यादा रहेगा, इसल‍िए ओट्स का सेवन हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंंद है।

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3. ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है

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ओट्स खाने से ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। अनि‍यंंत्र‍ित ब्‍लड शुगर लेवल से हार्ट ड‍िजीज का खतरा ज्‍यादा होता है। ओट्स में मौजूद सॉल्‍युबल फाइबर, कार्ब्स के पाचन को धीमा करता है और शुगर लेवल को जल्‍दी बढ़ने नहींं देता।देता। इससे मेटाबॉल‍िक हेल्‍थ भी अच्‍छी रहती है।

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4. धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद म‍िलती है

अगर ब्‍लड में बैड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ेगा, तो धमन‍ियों की दीवारों पर जमा होकर प्‍लाक बन सकता है। इससे हार्ट अटैक का र‍िस्‍क बढ़ जाता है। ओट्स में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्‍लड फ्लो को बेहतर रखते हैं ज‍िससे धमनियों में प्‍लाक जमा होने की संंभावना कम हो जाती है।

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5. वजन कंट्रोल होता है

ज्‍यादा वजन भी ह्रदय रोग के खतरे को बढ़ा देता है। इससे बचने के ल‍िए ओट्स का सेवन कर सकते हैं। ओट्स में मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट को भरा हुआ रखता है ज‍िससे बार-बार भूख नहींं लगती। इससे वजन कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

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ओट्स को डाइट में कैसे शाम‍िल करें?

  • ओट्स को दूध, दही और फलोंं के साथ म‍िक्‍स करके खा सकते हैं।
  • ध्‍यान रखें क‍ि दूध के साथ खट्टे फल न लें।
  • ओट्स में चीनी डालने से बचें।
  • इंंस्‍टेंट ओट्स में कैलोरी ज्‍यादा होती है इसल‍िए सादे ओट्स चुनें।

न‍िष्‍कर्ष:

ओट्स खाने से टोटल और बैड कोलेस्‍ट्रॉल कंंट्रोल होता है, ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस, वजन और शुगर लेवल कंट्रोल होता है, धमन‍ियां स्‍वस्‍थ रहती हैं ज‍िससे हार्ट ड‍िजीज का खतरा कम होता है।

FAQ

  • ओट्स खाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

    ओट्स को नाश्ते में खाना सबसे हेल्‍दी माना जाता है। हालांकि इसे दिन के किसी भी समय संतुलित आहार के रूप में खाया जा सकता है।
  • क्या ओट्स खाने से कब्ज में राहत मिल सकती है?

    ओट्स में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। नियमित सेवन से कब्ज की समस्या में कुछ लोगों को राहत मिल सकती है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 04, 2026 08:47 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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