Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

वेट लॉस ही नहीं हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए भी फायदेमंंद है ट्रेडम‍िल वॉक, एक्‍सपर्ट से जानें फायदे

हार्ट हेल्‍थ को मजबूत बनाने के ल‍िए ज‍िम जाने की जरूरत नहीं है, घर पर ट्रेडम‍िल वॉक करके भी आप हार्ट को स्‍वस्‍थ बना सकते हैं। इससे हाई बीपी को कंट्रोल करने में भी मदद म‍िलती है। जानें हार्ट के ल‍िए इसके फायदे।

हार्ट हेल्‍थ को सपोर्ट करने का आसान तरीका है ट्रेडम‍िल वॉक खासकर अगर आप हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए कोई आसान और असरदार एक्‍सरसाइज चुनना चाहते हैं, तो ट्रेडम‍िल वॉक को चुन सकते हैं। रोजाना ट्रेडम‍िल वॉक करने से वजन कम करने में भी मदद म‍िलती है जो क‍ि हार्ट हेल्‍थ को बेहतर बनाने के ल‍िए जरूरी है। साथ ही ट्रेडमि‍ल पर आप अपनी सुव‍िधा के अनुसार समय और स्‍पीड तय कर सकते हैं। इससे शरीर पर जोर नहीं पड़ता और फ‍िटनेस गोल पूरा करने में भी मदद म‍िलती है। हार्ट के ल‍िए ट्रेडम‍िल वॉक के फायदे जानने के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

हार्ट की कार्यक्षमता बेहतर होती है

Payal Asthana ने बताया क‍ि इंक्‍लाइन मोड (ढलाननुमा तरीके से) ट्रेडम‍िल को चलाएंगे, तो हार्ट की कार्यक्षमता बेहतर होगी। एक सेट स्‍पीड पर रोजाना वॉक करने से ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हार्ट की मसल्‍स को स्‍ट्रेंथ म‍िलती है। 2019 में Trials journal में प्रकाश‍ित स्‍टडी के मुताबि‍क, इंक्‍लाइन मोड पर ट्रेडम‍िल चलाना हार्ट के ल‍िए ज्‍यादा फायदेमंद होता है। इससे हार्ट को ज्‍यादा काम करना पड़ता है और Heart Endurance बढ़ती है।

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बीपी कंट्रोल होता है

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ट्रेडम‍िल पर वॉक करने से ब्‍लड प्रेशर को भी कम करने में मदद म‍िलती है। 2023 में Health Science Reports नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, 12 हफ्ते तक मोटापे से श‍िकार लोगों ने ट्रेडमि‍ल पर वॉक क‍िया ज‍िसके बाद उनके वजन और ब्‍लड प्रेशर में फर्क देखा गया। स्‍टडी के मुताब‍िक, ट्रेडम‍िल वॉक करने से हाई ब्‍लड प्रेशर में कमी देखी गई।

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LDL कम होता है

ट्रेडम‍िल वॉक करने से बैड कोलेस्‍ट्रॉल या LDL लेवल को कम करने में भी मदद म‍िलती है। ट्रेडम‍िल वॉक करने से शरीर की सूजन कम होती है ज‍िससे आर्टरीज में जमा कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में मदद म‍िलती है।

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ट्रेडम‍िल वॉक करने का सही तरीका

  • शुरू में 20 से 30 म‍िनट से शुरुआत कर सकते हैं।
  • ट्रेडम‍िल वॉक हर द‍िन कर सकते हैं या हफ्ते में तीन से चार बार भी कर सकते हैं।
  • स्‍पीड अचानक बढ़ाने का प्रयास न करें, इससे शरीर और जोड़ों पर जोर पड़ सकता है।
  • इंक्‍लाइन मोड (Incline Mode) पर ट्रेडम‍िल चलाने से फायदे दोगुने म‍िलते हैं।
  • ट्रेडम‍िल वॉक के दौरान आरामदायक जूते पहनें और अपनी क्षमताअनुसार ही चलें।

न‍िष्‍कर्ष:

ट्रेडम‍िल वॉक करने से वेट लॉस में, तो म‍दद म‍िलती ही है साथ ही इससे हार्ट हेल्‍थ भी बेहतर होती है। ट्रेडम‍िल वॉक करने से बैड कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल होता है, हाई बीपी की समस्‍या दूर होती है और हार्ट की कार्यक्षमता भी बेहतर होती है। हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए इंक्‍लाइन मोड पर ट्रेडम‍िल चलाना ज्‍यादा फायदेमंद होता है।

FAQ

  • ट्रेडम‍िल वॉक के फायदे क्‍या हैं?

    ट्रेडम‍िल वॉक करने से वजन कंट्राेल होता है, ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, लोअर-बॉडी स्‍ट्रेंथ को बढ़ाने और अन‍िद्रा की समस्‍या दूर करने के ल‍िए भी ट्रेडम‍ि‍ल वॉक करना फायदेमंद है। 
  • ट्रेडम‍िल वॉक क‍िसे नहीं करना चाह‍िए?

    ज‍िनकी जल्‍दी हार्ट सर्जरी हुई है, अर्थराइट‍िस के मरीज, फ्रैक्‍चर हुआ हो या ज‍िन्‍हें जोड़ों से संबंध‍ित कोई समस्‍या हो, उन्‍हें डॉक्‍टर की सलाह के बगैर ट्रेडम‍िल वॉक नहीं करना चाह‍िए।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Apr 28, 2026 15:42 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Apr 28, 2026 15:42 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

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