Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

बीपी कंट्रोल करने में कैसे मदद करती है ब्रोकली? एक्‍सपर्ट से जानें फायदे

बीपी कंट्रोल करने के ल‍िए हरे रंग की सब्‍जी ब्रोकली का सेवन फायदेमंद माना जाता है। जानें इसमें कौन से पोषक तत्‍व बीपी को संतुल‍ित रखते हैं और हार्ट हेल्‍थ में सुधार करते हैं?

आजकल हाई बीपी की समस्‍या काफी कॉमन होती जा रही है। हाई बीपी वह स्‍थ‍िति‍ है ज‍िसमें खून का दबाव सामान्‍य से ज्‍यादा हो जाता है। 120/80 एमएमएचजी सामान्‍य बीपी रेंज हैं जब यह लगातार 140/90 एमएमएचजी या उससे ज्‍यादा रहता है, तो यह हाई बीपी कहलाता है। लोग ज्‍यादातर बाहर का तला-भुना और प्रोसेस्‍ड चीजों का ज्‍यादा सेवन करने लगे हैं। इस वजह से मोटापा और हाई बीपी की समस्‍या आम हो गई है। चाहे बूढ़ा व्‍यक्‍त‍ि हो या जवान क‍िसी को भी हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है। तनाव, खराब नींद, स्‍ट्रेस, धूम्रपान या अल्‍कोहल का ज्‍यादा सेवन भी हाई बीपी का कारण बनते हैं। हाई बीपी को सामान्‍य समझने की भूल नहीं करना चाह‍िए वरना हार्ट अटैक, स्‍ट्रोक, आंखों की समस्‍या या क‍िडनी डैमेज का खतरा बढ़ जाता है।

हाई बीपी को कंट्रोल करने के ल‍िए ब्रोकली का सेवन फायदेमंद माना जाता है। ब्रोकली में पोटेशि‍यम, मैग्नीशियम, व‍िटाम‍िन सी, के, ए, फोलेट, आयरन, फाइबर, एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। ब्रोकली में नाइट्रेट्स होते हैं ज‍िससे ब्‍लड वेसल्‍स को आराम म‍िलता है और ब्‍लड फ्लो सुधरता है और हाई बीपी की स्‍थ‍िति‍ को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। इस लेख में जानेंगे क‍ि बीपी कंट्रोल करने के ल‍िए ब्रोकली क्‍यों फायदेमंद है? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

स्‍टडी ने बताया क‍ि ब्रोकली खाने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर घटता है

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन के एक अध्ययन के मुताब‍िक, ब्रोकली, गोभी या फूलगोभी जैसी सब्‍ज‍ियां खाने से स‍िस्‍टोल‍िक ब्‍लड प्रेशर में 2.5 एमएमएचजी की कमी पाई गई। अगर यह कमी शरीर में बनी रहे, तो हार्ट की समस्‍याओं का खतरा 5 प्रत‍िशत तक घटाया जा सकता है। अध्ययन में यह भी पता चला क‍ि ब्रोकली का सेवन करने से ब्‍लड वेसल्‍स को र‍िलैक्‍स करने में मदद म‍िलती है।

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ब्रोकली खाने से बैड कोलेस्‍ट्रॉल कम होता है

इंग्‍लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (University of Cambridge) के एक अध्ययन के मुताब‍िक, प्रत‍िभाग‍ियों को 12 हफ्तों तक ब्रोकली को डाइट में द‍िया गया। इसके पर‍िणाम में देखा गया क‍ि लोगों में कोलेस्‍ट्रॉल कम हो गया, बैड कोलेस्‍ट्रॉल भी कम हुआ और हार्ट ड‍िजीज का जोख‍िम भी कम हो गया। कुछ प्रत‍िभाग‍ियों में सिस्टोलिक रक्तचाप (Systolic Blood Pressure) में भी ग‍िरावट देखी गई ज‍िससे हार्ट हेल्‍थ बेहतर हुई। अध्ययन में यह भी बताया गया क‍ि ब्रोकली के तत्‍वों से ब्‍लड सर्कुलेशन में भी सकारात्‍मक बदलाव देखा गया।

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हाई बीपी में फायदेमंद है ब्रोकली- Broccoli Benefits For High Blood Pressure

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  • ब्रोकली में पोटेशयम पाया जाता है जो शरीर में सोड‍ियम के असर को कम करके बीपी संतुल‍ित रखने में मदद करता है।
  • ब्रोकली में प्राकृत‍िक नाइट्रेट्स होते हैं जो ब्‍लड वेसल्‍स को र‍िलैक्‍स करते हैं और ब्‍लड फ्लो को बेहतर बनाते हैं।
  • ब्रोकली में फाइबर होता है जो कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करता है ज‍िससे हार्ट हेल्‍दी रहता है और ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल होता है।
  • ब्रोकली का सेवन करने से ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस कम होता है, जो क‍ि हाई बीपी का एक कारण हो सकता है।
  • ब्रोकली में कैलोरी कम होती हैं और यह एक लो सोड‍ियम सब्‍जी है ज‍िससे वजन कंट्रोल होता है और बीपी कंट्रोल में रहता है।

न‍िष्‍कर्ष:

ब्रोकली का सेवन करने से हाई बीपी की समस्‍या को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। ब्रोकली में पोटेश‍ियम, फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं जो बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कम करते हैं और बीपी को कंट्रोल करते हैं।

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FAQ

  • हाई बीपी के लक्षण क्‍या हैं?

    हाई बीपी में स‍िर दर्द, चक्‍कर आना, सांस फूलना या सीने में भारीपन महसूस हो सकता है, हालांक‍ि यह लक्षण गंभीर स्‍थ‍िति‍ में नजर आते हैं। सामान्‍य स्‍थ‍ित‍ि में हाई बीपी के लक्षण नजर नहीं आते इसल‍िए समय-समय पर जांच करवाते रहें।
  • हाई बीपी में क्‍या खाएं?

    हाई बीपी में दाल, ओट्स, केला, हरी सब्‍ज‍ियां, फल, ब्रोकली, पालक, दही जैसी चीजों का सेवन करना चाह‍िए। इन चीजों से शरीर को पोटेश‍ियम और फाइबर म‍िलेगा ज‍िससे बीपी कंट्रोल रहेगा।
  • हाई बीपी में क्‍या न खाएं?

    हाई बीपी में ज्‍यादा नमक, च‍िप्‍स, तला-भुना खाना, प्रोसेस्‍ड मीट, ज्‍यादा चीनी, सॉफ्ट ड्र‍िंक्‍स या अल्‍कोहल के सेवन से बचना चाह‍िए। इन चीजों का सेवन करने से हार्ट की सेहत को नुकसान पहुंचता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 27, 2026 16:56 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 27, 2026 16:56 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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