Fri Sep 11, 2026 | 08:50 PM IST

Medically Reviewed by Dt Rakshita Mehra , Consultant Dietetics

रखे-रखे पीली पड़ चुकी ब्रोकली को भी खाना चाहिए? जानें क्या है एक्सपर्ट की राय

ब्रोकली कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिसका सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि क्या हरी ब्रोकली पीली पड़ने पर इसे खाना चाहिए? 

ब्रोकली एक हरी, पौष्टिक सब्जी है, जो फूलगोभी और पत्तागोभी परिवार यानी क्रूसिफेरस से आती है। इसके फूल, तना और पत्तियों का सेवन किया जाता है। ब्रोकली विटामिन सी, के, फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। इसका सेवन आप कच्चा, उबालकर या सब्जी के रूप में भी कर सकते हैं। ब्रोकली का सेवन हड्डियों को मजबूत बनाने, आंखों और दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। आमतौर पर ब्रोकली का रंग गहरे हरे रंग का होता है, जो इसकी ताजगी और पोषक तत्वों को दिखाता है। हालांकि, कई बार ब्रोकली का रंग कुछ दिनों में हल्का पीला पड़ने लगता है। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर ये सवाल आता है कि क्या हरी ब्रोकली का रंग पीला पड़ने पर उसका सेवन करना सुरक्षित होता है (Can I eat broccoli that is turning yellow?) या नहीं? इसलिए आइए आज के इस लेख में हम दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं इसके बारे में।

क्या पीली हुई ब्रोकली खाना सुरक्षित है? - Is It Ok To Eat Yellow Broccoli in Hindi?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि, पीली ब्रोकली खाना सुरक्षित है या नहीं ये बात पूरी तरह इस चीज पर निर्भर करती है कि ब्रोकली का रंग कितना पीला हुआ है। अगर ब्रोकली बिल्कुल हल्की पीली हुई है या उसका पीला होना शुरू ही हुआ है तो आमतौर पर इसे खाना सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि यह सिर्फ ज्यादा पकने या रखने के कारण रंग बदलता है, और इसके पोषक तत्व भी मौजूद रहती है। लेकिन अगर ब्रोकली ज्यादा पीली और फफूंद वाली हो गई है तो उसे खाने से बचना चाहिए।

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हल्की पीली हुई ब्रोकली पर अगर कोई बदबू, चिपचिपापन, फफूंदी आदि नहीं है तो इसे खाया जा सकता है, लेकिन उसका स्वाद और पोषक तत्व कम हो सकते हैं। हालांकि, अगर आपकी ब्रोकली पीली और बहुत ज्यादा मुलायम हो गई है तो इसे खाने से बचें, क्योंकि ये फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।

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ब्रोकली पीली क्यों पड़ती है? - Why Broccoli Color Turns Yellow in Hindi?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, ब्रोकली के पीले होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें-

  • जब ब्रोकली कुछ दिन पुरानी हो जाती है तो उसमें मौजूद क्लोरोफिल टूटने लगता है, जिसके कारण सब्जी का रंग हरे से पीला पड़ने लगता है। यह एक नेचुरल प्रक्रिया है, जो यह बताती है कि ब्रोकली पुरानी हो चुकी है।
  • अगर आपने ब्रोकली को कमरे के तापमान पर लंबे समय तक छोड़ दिया है या फ्रिज में पर्याप्त मात्रा में नमी और ठंडक नहीं है तो भी उसका रंग पीला पड़ सकता है।
  • धूप में रखी गई ब्रोकली में क्लोरोफिल की मात्रा कम हो जाती है, जिसके कारण उसका पीला दिखना आम बात है।

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निष्कर्ष

हल्की पीली ब्रोकली आमतौर पर खाई जा सकती है, लेकिन इसके पोषक तत्व कम हो जाती हैं और स्वाद में भी फर्क पड़ता है। अगर ब्रोकली बहुत ज्यादा पीली, नरम, बदबूदार और फफूंदी वाली है तो इसे खाना खतरनाक हो सकता है, जिसे खाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। इसलिए, आप हमेशा ताजी और हरी ब्रोकली खाने के लिए ही इस्तेमाल करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • ब्रोकली खाने से क्या फायदा होता है?

    ब्रोकली में विटामिन सी, के, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट आदि पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करने, हड्डियों को मजबूत बनाने, पाचन में सुधार करने और वजन कंट्रोल करने में फायदेमंद माना जाता है।  
  • ब्रोकली कब नहीं खानी चाहिए?

    ब्रोकली उन लोगों को कम या नहीं खानी चाहिए, जिन्हें थायराइड, किडनी स्टोन, लिवर से जुड़ी समस्या, गैस या कब्ज की समस्या बनी रहती है, क्योंकि इसे खाने से उनकी तबीयत बिगड़ सकती है।
  • ब्रोकली खाने के क्या नुकसान हैं?

    ब्रोकली ज्यादा खाने से ब्लोटिंग, गैस और पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है, क्योंकि इसमें फाइबर और रेफिनोज ज्यादा मात्रा में होता है, जो आपके पाचन को मुश्किल बना सकता है। 

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Dec 09, 2025 15:52 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Dec 09, 2025 15:52 IST

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  • Dec 09, 2025 15:52 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
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