Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

हाई बीपी से लेकर बैड कोलेस्‍ट्रॉल तक, हार्ट के ल‍िए क्‍यों फायदेमंद है छाछ? एक्‍सपर्ट से जानें

हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए छाछ को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं। व‍िटाम‍िन बी12, कैल्‍श‍ियम जैसे पोषक तत्‍वों से भरपूर छाछ हार्ट की समस्‍याओंं से बचाने मेंं मदद करती है। जानें हार्ट के ल‍िए छाछ पीने के फायदे।

ज्‍यादातर घरों में गर्म‍ियोंं के द‍िनों में छाछ का सेवन क‍िया जाता है। छाछ का सेवन करने से पेट, तो ठंंडा रहता ही है साथ ही हार्ट हेल्‍थ को बेहतर बनाने में भी मदद म‍िलती है। छाछ में फैट और कैलोरी की मात्रा कम होती है इसल‍िए हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए छाछ का सेवन फायदेमंंद माना जाता है। इसमें कैल्‍श‍ियम, पोटैश‍ियम, व‍िटाम‍िन बी12, प्रोबायोट‍िक्‍स जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। छाछ में पोटैश‍ियम होता है जो सोड‍ियम को कंट्रोल करता है। हाई सोड‍ियम से बीपी बढ़ सकता है और हार्ट हेल्‍थ ब‍िगड़ जाती है। हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए छाछ के फायदे जानने के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

बीपी कंट्रोल होता है

छाछ में बायोएक्‍ट‍िव कंपाउंड्स मौजूद होते हैं ज‍िससे ब्‍लड फ्लो बेहतर होता है और बीपी कंंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। 2014 में Nutrition नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, छाछ का सेवन बीपी कंट्रोल करने में मदद करता है। छाछ में मौजूद बायोएक्‍ट‍िव प्रोटीन हार्ट हेल्‍थ और बीपी दोनों का ख्‍याल रखते हैं। स्‍टडी के मुताब‍िक, छाछ हार्ट हेल्‍थ को सपोर्ट करती है।

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कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल रहेगा

छाछ में फैट की मात्रा कम होती है। इससे समय के साथ ल‍िप‍िड प्रोफाइल बेहतर होती है। छाछ का सेवन करने से गुड कोलेस्‍ट्रॉल को सपोर्ट करने में मदद मि‍लती है और हार्ट हेल्‍थ बेहतर रहती है।

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हार्ट फंंक्‍शन बेहतर होता है

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छाछ में प्रोबायोट‍िक्‍स जैसे गुड बैक्‍टीर‍िया होते हैं। गुड बैक्‍टीर‍िया गट हेल्‍थ को सपोर्ट करते हैं ज‍िससे हार्ट हेल्‍थ अच्‍छी रहती है। गट हेल्‍थ अच्‍छी रहने से सूजन कम होती है, मेटाबॉल‍िज्‍म बेहतर होता है और न्‍यूट्र‍िएंंट्स बेहतर ढंंग से अब्‍जॉर्ब हो पाएंगे। शरीर में सूजन कम होगी, तो हार्ट फंक्‍शन भी बेहतर होगा।

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छाछ में होते हैं एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण

क्रॉन‍िक सूजन का कनेक्‍शन हार्ट ड‍िजीज के साथ होता है। छाछ में न्‍यूट्र‍िएंट्स और प्रोबायोट‍िक्‍स मौजूद होते हैं ज‍िससे सूजन को कम करने में मदद मि‍लती है। छाछ पीने से ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस कम होता है और इम्‍यून‍ सेल्‍स को सपोर्ट म‍िलता है।

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वेट मैनेजमेंट में मदद म‍िलती है

हार्ट ड‍िजीज से बचने के ल‍िए हेल्‍दी वजन बनाए रखना जरूरी है ज‍िसके ल‍िए छाछ का सेवन कर सकते हैं। छाछ में कैलोरी कम होती है ज‍िससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वजन भी कंट्रोल रहता है। इससे ओवरईट‍िंग की समस्‍या से भी बच सकते हैंं।

न‍िष्‍कर्ष:

छाछ का सेवन हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है। इससे कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल होता है, हार्ट फंक्‍शन बेहतर होता है, क्रॉन‍िक सूजन कम होती है ज‍िससे हार्ट हेल्‍दी रहता है और वेट मैनेजमेंट में मदद म‍िलती है।

FAQ

  • गर्मि‍यों में छाछ पीना क्‍यों फायदेमंद है?

    शरीर ठंंडा रहता है, ड‍िहाइड्रेशन से बचाव होता है, पाचन बेहतर होता है, कमजोरी दूर करने में मदद म‍िलती है और हार्ट हेल्‍थ को सपोर्ट म‍िलता है।
  • क‍िसे छाछ नहीं पीना चाह‍िए?

    लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग, सर्दी-जुकाम या कफ में छाछ का सेवन न करें और रात में भी ज्‍यादा ठंडी छाछ के सेवन से बचना चाह‍िए।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 08, 2026 17:11 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 08, 2026 17:11 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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