Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

हार्ट को हेल्दी रखेंगी आपके किचन में मौजूद ये 5 चीजें हैं, जानें कैसे करना है इस्तेमाल

हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए क‍िचन में मौजूद हेल्‍दी इंग्रीड‍िएंट्स जैसे हल्‍दी, दालचीनी का सेवन फायदेमंद होता है क्‍योंक‍ि इनमें एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी और कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने वाले गुण, हार्ट ड‍िजीज से बचाव करते हैं।

आजकल हार्ट ड‍िजीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए रोजाना एक्‍सरसाइज करना, स्‍ट्रेस कंट्रोल करना, अच्‍छी नींद लेना जरूरी है। साथ ही हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए एक और चीज जरूरी है और वो है हेल्‍दी डाइट लेना। अक्‍सर लोग ऐसा सोचते हैं क‍ि हार्ट फ्रेंडली डाइट महंगी होगी, लेक‍िन घर के क‍िचन में मौजूद स‍िंपल इंग्रीडि‍एंट्स आपके हार्ट को न सि‍र्फ हेल्‍दी रखने में मदद करेंगे बल्‍क‍ि हार्ट ड‍िजीज से भी बचाएंगे। हार्ट को हेल्‍दी रखने वाली ऐसी 5 चीजों के बारे में जानने के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

1. हल्‍दी

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हल्‍दी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो हार्ट ड‍िजीज से सुरक्षा देने में मदद करते हैं। सूजन के कारण ब्‍लड वेसल्‍स को नुकसान पहुंचता है और कार्ड‍ियोवैस्‍कुलर समस्‍याओं का खतरा बढ़ जाता है। हल्‍दी को क‍िसी भी ड‍िश में शाम‍िल कर सकते हैं। हालांक‍ि हल्‍दी को दूध के साथ पीना ज्‍यादा फायदेमंद माना जाता है।

2. लहसुन

लहसुन ब्‍लड प्रेशर और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है क्‍योंक‍ि इसमें सल्‍फर कंंपाउंड एलिसिन (Allicin) पाया जाात है, जो हार्ट को स्‍वस्‍थ रखता है। लहसुन को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाकर ब्‍लड वेसल फंक्‍शन को बेहतर बना सकते हैं और कार्ड‍ियोवैस्‍कुलर हेल्‍थ भी अच्‍छी रहती है। साल 2024 में Prostaglandins & Other Lipid Mediators नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, लहसुन का सेवन करने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में कमी देखी गई। स्‍टडी में डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में भी कमी देखी गई, हालांक‍ि उसका प्रभाव सिस्टोलिक के मुकाबले कम था। लहसुन को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाने के ल‍िए पीसकर सब्‍जी या दाल में म‍िलाकर खा सकते हैं।

3. अलसी के बीज

अलसी के बीच बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं, इसके सेवन से सूजन कम करने में मदद म‍िलती है और ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। अलसी के बीज में ओमेगा 3 फैटी एस‍िड्स, फाइबर और लिग्नन्स (Lignans) पाए जाते हैं जो हार्ट को हेल्‍दी रखते हैं। अलसी के बीजों को पीसकर दही, स्‍मूदी या आटे में म‍िलाकर खा सकते हैं।

4. करी पत्ते

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करी पत्तों में व‍िटाम‍िन ए, बी, सी, ई, कैल्‍श‍ियम, आयरन, एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। ये पोषक तत्‍व कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। करी पत्तों में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट्स से ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस भी कंट्रोल होता है ज‍िससे हार्ट ड‍िजीज का खतरा कम होता है। करी पत्तों को क‍िसी भी ड‍िश में शाम‍िल कर सकते हैं या पाउडर के फॉर्म में भी सेवन कर सकते हैं। 4 से 5 करी पत्तों को चबाकर भी खा सकते हैं।

5. दालचीनी

दालचीनी में एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं जो ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। शुगर लेवल कंट्रोल रहेगा, तो द‍िल की बीमार‍ियों का खतरा भी कम होगा। दालचीनी से हार्ट हेल्‍थ को सपोर्ट म‍िलता है। दालचीनी को ओटमील, चाय, दूध या हर्बल टी में म‍िलाकर डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए ब्‍लड प्रेशर, ब्‍लड शुगर लेवल, कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करना जरूरी है। हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए महंगे प्रोडक्‍ट्स ढूंढने के बजाय अपने क‍िचन में मौजूद दालचीनी, लहसुन, अलसी के बीज, हल्‍दी, करी पत्तों का इस्‍तेमाल करें। ये हार्ट ड‍िजीज से बचाने में मदद करेंगे।

FAQ

  • हार्ट फ्रेंडली फल कौन से हैं?

    सेब, अनार, बेरीज, संतरा और अन्‍य खट्टे फल, केला वगैरह को डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं। फलों में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट गुण हार्ट को हेल्‍दी रखने में मदद करते हैं।
  • हार्ट फ्रेंडली मसाले कौन से हैं?

    हल्‍दी, दालचीनी, लहसुन, अदरक, काली म‍िर्च वगैरह बीपी और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं और हार्ट के ल‍िए फायदेमंद कहलाते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 09, 2026 08:19 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 09, 2026 08:19 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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