आजकल बाजार में फ्रोजन फूड्स की श्रेणी तेजी से पॉपुलर हो रही है। कॉर्पोरेट वर्क कल्चर में समय बचाना सबसे बड़ा चैलेंज होता है जिसे पूरा करने के लिए लोग आजकल फ्रोजन फूड्स का अधिक सेवन करने लगे हैं क्योंकि ये जल्दी तैयार हो जाते हैं और इसके लिए अलग से मेहनत नहीं करनी पड़ती है। फ्रोजन फूड्स से टाइम और एनर्जी की बचत तो हो जाती है, लेकिन इससे सेहत बिगड़ सकती है। फ्रोजन फूड्स में अतिरिक्त चीनी, फैट्स और प्रिजर्वेटिव्स मौजूद होते हैं। ऐसे 5 फ्रोजन फूड्स के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जिनका ज्यादा सेवन करने से सेहत बिगड़ सकती है। बेहतर जानकारी के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
1. फ्रोजन रेडी टू ईट फूड्स
रेडी टू ईट फूड्स समय बचाते हैं और जल्दी बन जाते हैं, लेकिन फ्रोजन रेडी टू ईट फूड्स सेहत के लिए अच्छे नहींं होते। आजकल मार्केट में फ्रोजन दाल, पराठे यहां तक कि रेडी टू ईट सब्जियों की भरमार है। इनमें रिफाइंड आटा, अतिरिक्त तेल, प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं जो हार्ट डिजीज या मोटापे का खतरा बढ़ा सकते हैं।
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2. फ्रोजन फल और सब्जियां
फ्रोजन सब्जियों में पोषक तत्वों की कमी होती है और उसे फ्रेश रखने के लिए उसमें कई केमिकल्स डाले जाते हैं। वहींं फलों की बात करें, तो इनमें अतिरिक्त चीनी, सिरप या मीठी कोटिंग मिलाई जाती है जिससे कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ सकती है। इसलिए फ्रोजन के बजाय ताजे फल और सब्जियां ही खाएं।
साल 2025 में Food Science & Nutrition नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, लंबे समय तक फ्रोजन फूड्स जैसे मीट को स्टोर करने के कारण उसकी गुणवत्ता या पोषक तत्व कम हो जाते हैं। साथ ही फ्रोजन फूड्स को फ्रीज करने के तरीके पर स्वाद और पोषक तत्वों का असर निर्भर करता है।
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3. फ्रोजन प्रोसेस्ड फूड्स से हाई बीपी

फ्रोजन ब्रेकफास्ट फूड्स जैसे सैंडविच, रैप्स, पिज्जा वगैरह में रिफाइंड कार्ब्स, सैचुरेटेड फैट्स का ज्यादा इस्तेमाल होता है। इससे सोडियम की मात्रा बढ़ सकती है। इससे हाई बीपी और वॉटर रिटेंशन जैसी समस्याएंं हो सकती हैं। साथ ही लंबे समय तक पेट भरे होने का एहसास जरूर होता है, लेकिन शरीर को पोषक तत्व नहींं मिलते हैं।
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4. फ्रोजन चिकन में अनहेल्दी फैट्स होते हैं
फ्रोजन चिकन भी लोग शौक से खाते हैं, लेकिन चिकन को फ्रेश रखने के लिए कई तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल होता है जो सेहत के लिए हानिकारक माने जाते हैं। इनमें अनहेल्दी फैट्स, सोडियम और कैलोरी की मात्रा भी ज्यादा होती है जिससे सेहत बिगड़ सकती है।
5. फ्रोजन डेजर्ट में ज्यादा चीनी होती है
बाजार में आजकल कई मिठाई, केक या अन्य फ्रोजन डेजर्ट मिलते हैं जिनमें एडड शुगर, आर्टिफिशियल फ्लेवर्स और सैचुरेटेड फैट्स पाए जाते हैं। इन फ्रोजन डेजर्ट के जरिए शरीर में शुगर लेवल बढ़ सकता है जिससे मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और डेंटल समस्याएं हो सकती हैं।
निष्कर्ष:
रेडी टू ईट फूड्स, फ्रोजन फल और सब्जियां, फ्रोजन प्रोसेस्ड फूड्स, फ्रोजन चिकन, फ्रोजन डेजर्ट वगैरह का सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है। इनमें अनहेल्दी केमिकल्स होते हैं जिससे सेहत खराब हो सकती है इसलिए फ्रोजन चीजों का सेवन करने के बजाय ताजी चीजें खाएंं और शेल्फ लाइफ का ख्याल रखें।
FAQ
रेडी टू ईट फूड्स खाने के नुकसान क्या हैं?
रेडी टू ईट फूड्स में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है जिससे हाई बीपी का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही इसमें मौजूद रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स से वजन बढ़ सकता है।क्या फ्रोजन मटर खाना चाहिए?
मटर को प्रिजर्व करना आसान है और इसके लिए अधिक केमिकल्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके पोषक तत्व कम तापमान के कारण सुरक्षित रहते हैं इसलिए फ्रोजन मटर खा सकते हैं।
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Current Version
Jun 08, 2026 12:56 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jun 08, 2026 12:56 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh