Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

सेहत के 'दुश्मन' हैं ये 5 हाई कार्ब फूड्स, शुगर और मोटापे को देते हैं खुला आमंत्रण

क्‍या आप भी आए द‍िन नूडल्‍स या पास्‍ता खाते हैं? ये हाई कार्ब फूड्स हैं ज‍िनका सेवन करके मोटापा और शुगर लेवल, तो बढ़ता ही है साथ ही हाई बीपी, हार्ट अटैक, क‍िडनी की बीमार‍ि‍यों का खतरा भी बढ़ जाता है क्‍यों‍क‍ि ये फूड्स कार्ब्स को शुगर में जल्‍दी बदल देते हैं जि‍ससे शरीर बीमार हो सकता है।

अगर आप मोटापा और हाई शुगर लेवल से परेशान हैं, तो अपनी डाइट चेक करें। यह संभव है क‍ि आप हाई कार्ब फूड्स का सेवन कर रहे हों। इंड‍ियन डाइट की एक कमी है क‍ि उसमें कार्ब्स बहुत ज्‍यादा होते हैं। चाहे गेहूं की रोटी हो या सफेद चावल या सुबह नाश्‍ते में सफेद ब्रेड, सभी में कार्ब्स की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है। ज्‍यादा कार्ब्स का सेवन करने से शुगर लेवल बढ़ता है। साथ ही व्‍यक्‍त‍ि मोटापे का श‍िकार हो जाता है। Nature Medicine Journal के मुताब‍िक, जो लोग कार्ब्स का ज्‍यादा सेवन करते हैं, उनमें टाइट 2 डायब‍िटीज, प्री डायब‍िटीज, मोटापा, पेट की चर्बी का खतरा 15 से 30 प्रत‍िशत ज्‍यादा पाया गया उनके मुकाबले जो कार्ब्स का सेवन नहीं करते हैं। इस लेख में जानेंगे ऐसे पांच हाई कार्ब फूड्स ज‍िनसे दूर रहकर सेहत को बेहतर बना सकते हैं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. व्‍हाइट ब्रेड- White Bread

white-bread-side-effects

सफेद ब्रेड को जब बनाया जाता है तब प्रोसेस‍िंग के दौरान उसमें स्‍टार्च बच जाता है। स्‍टार्च के कारण यह एक अनहेल्‍दी चीज कहलाती है। सफेद ब्रेड में फाइबर की मात्रा भी बहुत कम होती है ज‍िसके कारण कार्ब्स आसानी से अब्‍जार्ब हो जाते हैं और शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाते हैं ज‍िससे मोटापा बढ़ सकता है।

यह भी पढ़ें- र‍िफाइंड कार्ब्स खाकर तेजी से बढ़ता है वजन, एक्‍सपर्ट से जानें कैसे घटाएंं सेवन?

2. नूडल्‍स या पास्‍ता- Noodles And Pasta

अगर आप भी नूडल्‍स या पास्‍ता खाते हैं, तो आपको बता दें इसमें कार्ब्स की भरपूर मात्रा होती है। नूडल्‍स या पास्‍ता को र‍िफाइंड आटे या मैदे से तैयार क‍िया जाता है। इनमें मौजूद कार्ब्स आसानी से शुगर में बदल जाते हैं। एक बाउल पके हुए पास्‍ता में करीब 50 ग्राम कार्ब्स मौजूद होता है। इसे खाकर शुगर लेवल और मोटापा दोनों बढ़ता है इसल‍िए इसके सेवन से बचना चाह‍िए।

यह भी पढ़ें- क्या आप भी बच्चों को ज्यादा कार्ब्स देते हैं? एक्सपर्ट से जानें कहीं पैरेंट्स गलती तो नहीं कर रहे हैं

3. शुगरी ड्र‍िंक्‍स- Sugary Drinks

चीनी वाली ड्र‍िंक्‍स जैसे पैक्‍ड जूस या कोल्‍ड ड्र‍िंक्‍स का सेवन करते हैं, तो भी सावधान हो जाएं। ये भी हाई कार्ब फूड्स हैं। शुगरी ड्र‍िंक्‍स में सुक्रोज (सामान्य चीनी) और हाई फ्रुक्टोज कार्न सिरप की ज्‍यादा मात्रा मौजूद होती है जो क‍ि कार्ब्स का ही एक फार्म है। इन अनहेल्‍दी ड्र‍िंक्‍स का सेवन करने बेली फैट तेजी से बढ़ता है। इन ड्र‍िंक्‍स में फाइबर या व‍िटाम‍िन, म‍िनरल्‍स मौजूद नहीं होते इसल‍िए सेहत के ल‍िए ये फायदेमंद नहीं हैं।

यह भी पढ़ें- रात को चावल खाने की तलब हो सकती है कार्ब क्रेविंग, एक्‍सपर्ट से जानें कारण और इलाज

4. सफेद चावल- White Rice

white-rice-side-effects

सफेद चावल, तो मेरा सबसे फेवरेट है, लेक‍िन क्‍या करूं मैं इसे खा नहीं सकती क्‍योंक‍ि इसमें भी र‍िफाइंड कार्ब्स मौजूद होता है और फाइबर कम होता है ज‍िस वजह से यह बहुत जल्‍दी ग्‍लूकोज में बदल जाता है और मोटापे का कारण बनता है। वेट लॉस डाइट फॉलो करते समय एक्‍सपर्ट सबसे पहले सफेद चावल का सेवन बंद करने की सलाह देते हैं क्‍योंक‍ि हम भारतीय सफेद चावल का सेवन बहुत ज्‍यादा करते हैं। सफेद चावल का ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स बहुत कम होता है ज‍िस कारण डायब‍िटीज के मरीजों को सफेद चावल से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

यह भी पढ़ें- Sugar vs Carbs: सेहत के लिए ज्यादा खराब क्या है? जानें एक्सपर्ट से

5. पेस्‍ट्री और केक- Pastries And Cakes

बच्‍चे पेस्‍ट्री और केक खाने के बेहद शौकीन होते हैं। स्‍ट्राबेरी केक, चॉकलेट पेस्‍ट्री जैसे फूड्स बच्‍चों के फेवरेट होते हैं, लेक‍िन ये भी हाई कार्ब फूड्स हैं और इनका सेवन सेहत को नुकसान पहुंंचाता है। पेस्‍ट्री या केक को बनाने के ल‍िए गेहूं का आटा, मैदा, मक्खन, चीनी जैसे इंग्रीड‍िएंट्स का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है ज‍िससे लंबे समय में टाइप 2 डायब‍िटीज का खतरा बढ़ सकता है साथ ही इन फूड्स को खाने से इंंस्‍टेंट एनर्जी, तो म‍िलती है, लेक‍िन इनका लगातार सेवन करने से बाद में सुस्‍ती और थकान ही महसूस होगी क्‍योंक‍ि इनमें केवल हाई शुगर और हाई फैट होता है। इनमें फाइबर नहीं होता ज‍िससे शरीर को एनर्जी नहीं म‍िल पाती है।

न‍िष्‍कर्ष:

नूडल्‍स, पास्‍ता, सफेद चावल, पेस्‍ट्री, केक, शुगरी ड्र‍िंक्‍स, सफेद ब्रेड जैसे फूड्स सेहत के ल‍िए हान‍िकारक हैं। इनमें मौजूद कार्ब्स जल्‍दी शुगर में बदल जाता है ज‍िससे शरीर में शुगर लेवल बढ़ता है, मोटापा बढ़ता है और शरीर के अंगों जैसे हार्ट, ल‍िवर, क‍िडनी को नुकसान होता है इसल‍िए इन फूड्स का सेवन करने से बचना चाह‍िए।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Read Next

30+ उम्र है तो ये 3 चाय पीकर बढ़ाएं मेटाबॉल‍िज्‍म, कंट्रोल में रहेगा वजन और आएगी सुकून भरी नींद

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Feb 14, 2026 12:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 14, 2026 12:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content