Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

बैड कोलेस्ट्रॉल पर ब्रेक लगाएंगे ये 5 हाई-फाइबर फूड्स, जानें हार्ट के ल‍िए क्‍यों हैं फायदेमंद?

बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो डाइट में हाई फाइबर फूड्स को शाम‍िल करें। इससे न स‍िर्फ कोलेस्‍ट्रॉल कम होगा, बल्‍क‍ि पेट भी जल्‍दी भरेगा, भूख भी जल्‍दी नहीं लगेगी और हेल्‍दी वेट मेनटेन करने में मदद म‍िलेगी।

कई लोगों की ब्‍लड र‍िपोर्ट में कोलेस्‍ट्रॉल का हाई लेवल नजर आता है। गुड कोलेस्‍ट्रॉल सेहत के ल‍िए अच्‍छा होता है, लेक‍िन अगर बैड कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल ज्‍यादा है, तो डॉक्‍टर आपको डाइट में जरूरी बदलाव करने की सलाह दे सकते हैं और पहला बदलाव है डाइट में फाइबर की मात्रा को जोड़ना या बढ़ाना। फाइबर शरीर को कोलेस्‍ट्रॉल एब्‍जॉर्ब करने से बचाने में मदद करता है। फाइबर का सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वजन तेजी से नहीं बढ़ता। जानें क‍िन हाई फाइबर फूड्स का सेवन करने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. ओटमील

oatmeal-benefits-in-hindi

ओटमील सॉल्‍युबल फाइबर का अच्‍छा स्रोत है। इसे सुबह के नाश्‍ते का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं। साल 2022 में Nutrients नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक मेटा-एनाल‍िस‍िस के मुताब‍िक, ओट्स का सेवन करने से टोटल और बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कंंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। स्‍टडी में बताया गया है क‍ि ओट्स का सेवन करने से हार्ट हेल्‍थ को भी बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। एक कप ओटमील में 6 से 8 ग्राम फाइबर हो सकता है।

यह भी पढ़ें- कोलेस्ट्रॉल सामान्य होने के बावजूद क्यों आ सकता है हार्ट अटैक? डॉक्टर से जानें वजह

2. सोया उत्‍पाद

फाइबर की कमी दूर करने के ल‍िए सोया के उत्‍पाद जैसे सोयाबीन, सोया म‍िल्‍क, टोफू वगैरह को डाइट में शाम‍िल करें। सोया ल‍िवर फंंक्‍शन को बेहतर बनाता है और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल करने में मदद करता है। सोया प्रोडक्‍ट्स में फाइबर की भी भरपूर मात्रा होती है। 100 ग्राम सोया चंंक्‍स में करीब 12 से 14 ग्राम फाइबर हो सकता है।

यह भी पढ़ें- क्या हाई कोलेस्ट्रॉल में कम कैलोरी वाली डाइट लेने से वाकई फायदा मिलता है? डॉक्टर से जानें

3. बेरीज

डाइट में ब्‍लैकबेरी, रसभरी, ब्‍लूबेरी और स्‍ट्रॉबेरी जैसी बेरीज को शाम‍िल करें। बेरीज में ऐसे बायोएक्‍ट‍िव कंंपाउंड्स पाए जाते हैं जो सूजन को कम करते हैं और ब्‍लड वेसल फंक्‍शन को बेहतर बनाते हैं और ल‍िप‍िड प्रोफाइल सुधारने में मदद करते हैं। बेरीज में अन्‍य फ्रूट्स के मुकाबले फाइबर कंंटेंट ज्‍यादा होता है। एक कप बेरीज में 3 से 6 ग्राम फाइबर हो सकता है।

यह भी पढ़ें- हार्ट की बीमारी को पहचानने में क्यों फेल हो जाते हैं कोलेस्ट्रॉल टेस्ट? डॉक्‍टर से जानें

4. बादाम

almond-benefits-in-hindi

नट्स में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, खासकर बादाम में पॉलीअनसैचुरेटेड फाइबर होता है। बादाम में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एस‍िड पाया जाता है, जो बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्‍ट्रॉल को बनाए रखता है। 100 ग्राम बादाम में करीब 12 ग्राम फाइबर हो सकता है।

यह भी पढ़ें- जौ या ओट्स: खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए कौन-सा अनाज है ज्यादा असरदार?

5. काबुली चना

काबुली चना में फाइबर ज्‍यादा होता है और ग्‍लाइसेमि‍क इंंडेक्‍स कम होता है। इसका सेवन करके इंसुल‍िन स्‍पाइक से बच सकते हैं। आधा कप पके हुए काबुली चने में करीब 6 ग्राम फाइबर होता है। काबुली चना का सेवन करने से टोटल कोलेस्‍ट्रॉल और बैड कोलेस्‍ट्रॉल कम करने में मदद म‍िलती है।

यह भी पढ़ें- दलिया या ओट्स: दिल की सेहत के लिए क्या है ज्यादा हेल्दी?

क्‍या बैड कोलेस्‍ट्रॉल को केवल डाइट से कंट्रोल कर सकते हैं?

Nutritionist, Neha Sinha ने बताया क‍ि केवल डाइट से बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करना संभव नहीं है, साथ में हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल मेनटेन करना, शारीर‍िक रूप से एक्‍ट‍िव रहना भी जरूरी है। हालांक‍ि डाइट से काफी हद तक कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है खासतौर पर डैश डाइट से ज‍िसमें ज्‍यादा से ज्‍यादा फल और सब्‍ज‍ियों को शाम‍िल करने की सलाह दी जाती है। इस डाइट में सोड‍ियम और चीनी की मात्रा भी सीमि‍त की जाती है ताक‍ि ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल रहे।

न‍िष्‍कर्ष:

कोलेस्‍ट्रॉल कंंट्रोल करने के ल‍िए डाइट में हाई फाइबर फूड्स जैसे काबुली चना, बेरीज, सोया उत्‍पाद, बादाम, ओटमील वगैरह को शाम‍िल करें। कुछ लोगों को लगता है क‍ि केवल डाइट से कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल क‍िया जा सकता है जबक‍ि यह सच नहीं है। कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने के ल‍िए हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल और एक्‍सरसाइज भी जरूरी है, हालांक‍ि इसमें डाइट भी अहम भूम‍िका न‍िभाती है खासतौर पर डैश डाइट ज‍िसमें फल और सब्‍ज‍ियों के सेवन पर ज्‍यादा जोर द‍िया जाता है।

FAQ

  • हाई कोलेस्‍ट्रॉल में क‍िन फूड्स को नहींं खाना चाह‍िए? 

    अगर कोलेस्‍ट्रॉल लेवल ज्‍यादा है, तो अल्‍ट्रा-प्रोसेस्‍ड फूड्स, एडड शुगर, अल्‍कोहल, फ्राइड फूड्स या ज्‍यादा तेल वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाह‍िए।
  • बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कैसे कंट्रोल करें?

    बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल करने के ल‍िए धूम्रपान से बचें, रोज कम से कम 7 घंटे की नींंद लें और शारीर‍िक रूप से फ‍िट रहें।

Read Next

दाल में होता है इनकंप्लीट प्रोटीन, इसे कंप्लीट बनाने के लिए साथ खाएं ये 4 अनाज

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jul 01, 2026 17:10 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jul 01, 2026 17:10 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content