कई लोगों की ब्लड रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल का हाई लेवल नजर आता है। गुड कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन अगर बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल ज्यादा है, तो डॉक्टर आपको डाइट में जरूरी बदलाव करने की सलाह दे सकते हैं और पहला बदलाव है डाइट में फाइबर की मात्रा को जोड़ना या बढ़ाना। फाइबर शरीर को कोलेस्ट्रॉल एब्जॉर्ब करने से बचाने में मदद करता है। फाइबर का सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वजन तेजी से नहीं बढ़ता। जानें किन हाई फाइबर फूड्स का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल करने में मदद मिलती है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
1. ओटमील

ओटमील सॉल्युबल फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसे सुबह के नाश्ते का हिस्सा बना सकते हैं। साल 2022 में Nutrients नामक जर्नल में प्रकाशित एक मेटा-एनालिसिस के मुताबिक, ओट्स का सेवन करने से टोटल और बैड कोलेस्ट्रॉल को कंंट्रोल करने में मदद मिलती है। स्टडी में बताया गया है कि ओट्स का सेवन करने से हार्ट हेल्थ को भी बेहतर बनाने में मदद मिलती है। एक कप ओटमील में 6 से 8 ग्राम फाइबर हो सकता है।
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2. सोया उत्पाद
फाइबर की कमी दूर करने के लिए सोया के उत्पाद जैसे सोयाबीन, सोया मिल्क, टोफू वगैरह को डाइट में शामिल करें। सोया लिवर फंंक्शन को बेहतर बनाता है और कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल करने में मदद करता है। सोया प्रोडक्ट्स में फाइबर की भी भरपूर मात्रा होती है। 100 ग्राम सोया चंंक्स में करीब 12 से 14 ग्राम फाइबर हो सकता है।
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3. बेरीज
डाइट में ब्लैकबेरी, रसभरी, ब्लूबेरी और स्ट्रॉबेरी जैसी बेरीज को शामिल करें। बेरीज में ऐसे बायोएक्टिव कंंपाउंड्स पाए जाते हैं जो सूजन को कम करते हैं और ब्लड वेसल फंक्शन को बेहतर बनाते हैं और लिपिड प्रोफाइल सुधारने में मदद करते हैं। बेरीज में अन्य फ्रूट्स के मुकाबले फाइबर कंंटेंट ज्यादा होता है। एक कप बेरीज में 3 से 6 ग्राम फाइबर हो सकता है।
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4. बादाम

नट्स में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, खासकर बादाम में पॉलीअनसैचुरेटेड फाइबर होता है। बादाम में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखता है। 100 ग्राम बादाम में करीब 12 ग्राम फाइबर हो सकता है।
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5. काबुली चना
काबुली चना में फाइबर ज्यादा होता है और ग्लाइसेमिक इंंडेक्स कम होता है। इसका सेवन करके इंसुलिन स्पाइक से बच सकते हैं। आधा कप पके हुए काबुली चने में करीब 6 ग्राम फाइबर होता है। काबुली चना का सेवन करने से टोटल कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है।
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क्या बैड कोलेस्ट्रॉल को केवल डाइट से कंट्रोल कर सकते हैं?
Nutritionist, Neha Sinha ने बताया कि केवल डाइट से बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना संभव नहीं है, साथ में हेल्दी लाइफस्टाइल मेनटेन करना, शारीरिक रूप से एक्टिव रहना भी जरूरी है। हालांकि डाइट से काफी हद तक कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है खासतौर पर डैश डाइट से जिसमें ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। इस डाइट में सोडियम और चीनी की मात्रा भी सीमित की जाती है ताकि ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहे।
निष्कर्ष:
कोलेस्ट्रॉल कंंट्रोल करने के लिए डाइट में हाई फाइबर फूड्स जैसे काबुली चना, बेरीज, सोया उत्पाद, बादाम, ओटमील वगैरह को शामिल करें। कुछ लोगों को लगता है कि केवल डाइट से कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है जबकि यह सच नहीं है। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज भी जरूरी है, हालांकि इसमें डाइट भी अहम भूमिका निभाती है खासतौर पर डैश डाइट जिसमें फल और सब्जियों के सेवन पर ज्यादा जोर दिया जाता है।
FAQ
हाई कोलेस्ट्रॉल में किन फूड्स को नहींं खाना चाहिए?
अगर कोलेस्ट्रॉल लेवल ज्यादा है, तो अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स, एडड शुगर, अल्कोहल, फ्राइड फूड्स या ज्यादा तेल वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।बैड कोलेस्ट्रॉल को कैसे कंट्रोल करें?
बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए धूम्रपान से बचें, रोज कम से कम 7 घंटे की नींंद लें और शारीरिक रूप से फिट रहें।
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Current Version
Jul 01, 2026 17:10 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jul 01, 2026 17:10 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha